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आत्मा का मूल ज्ञान

12वां टॉपिक है आज का —
योग में अशरीरी अवस्था क्या है?

बाबा हमें रोजाना अशरीरी होने के लिए कहते हैं। आखिर हमें मालूम होना चाहिए कि यह अशरीरी अवस्था आखिर है तो क्या है?

शरीर में रहते हुए शरीर से परे कैसे बने?
रहना शरीर में है… लेकिन शरीर से अलग कैसे बनें?

बीके राजयोग का रहस्य

डिस्क्लेमर:
यह वीडियो ब्रह्मा कुमारीज की आध्यात्मिक शिक्षाओं (मुरली) पर आधारित है। इसका उद्देश्य अशरीरी अवस्था के गहरे आध्यात्मिक अनुभव को सरल भाषा में समझाना है। कृपया इसे खुले मन से सुनें और अपने विवेक से समझें।

यह हमारी वॉल्यूम 1 है — सबसे बड़े प्रश्न: आत्मा, विनाश और जन्म का रहस्य।
सेक्शन 2 — नींद, मृत्यु और योग की स्थिति।

अध्याय: योग में अशरीरी अवस्था क्या होती है?

क्या आपने कभी सुना है —
शरीर में रहते हुए भी शरीर से अलग हो जाना?

क्या यह संभव है?
क्या यह कोई जादू है?
या एक गहरी आध्यात्मिक सच्चाई?

योग में इसे कहते हैं — अशरीरी अवस्था

आज हम इस रहस्य को स्टेप बाय स्टेप समझेंगे,
ताकि आपको सिर्फ ज्ञान ही नहीं, अनुभव भी मिले।


1. अशरीरी अवस्था क्या है?

सरल परिभाषा:

अशरीरी अवस्था =
जब आत्मा शरीर में रहते हुए भी खुद को शरीर से अलग अनुभव करती है।

हम शरीर में हैं…
लेकिन यह भावना नहीं कि “मैं शरीर हूँ”।

बल्कि —
👉 “मैं आत्मा हूँ”

मुरली (14 अप्रैल 2024):
अपने को आत्मा समझ, शरीर से न्यारा बनना ही अशरीरी अवस्था है।


2. अशरीरी बनना क्यों जरूरी है?

✔ साइलेंस की शक्ति जमा होती है
✔ व्यर्थ विचार समाप्त होते हैं
✔ अंत समय में शरीर छोड़ना आसान होता है

समस्या क्या है?
हम खुद को शरीर मान बैठे हैं…

👉 इसी कारण:
डर
क्रोध
मोह
तनाव

मुरली:
देह अभिमान दुख का कारण है,
आत्म अभिमान सुख का आधार है।


3. अशरीरी अवस्था कैसे प्राप्त करें? (Step-by-Step)

Step 1: पहचान बदलो
👉 मैं शरीर नहीं… मैं आत्मा हूँ
👉 यह स्मृति इतनी पक्की हो कि सपने में भी याद रहे

Step 2: ध्यान अंदर लाओ
👉 आँखें बंद करो
👉 अपने को ज्योति बिंदु (Light Point) अनुभव करो

Step 3: शरीर से डिटैच हो जाओ
👉 यह शरीर मेरा साधन है
👉 मैं इससे अलग हूँ

Step 4: परमात्मा से कनेक्शन जोड़ो
👉 बाबा को अपना बाप, टीचर, सतगुरु मानो
👉 श्रीमत पर चलो

मुरली (18 मार्च 2024):
अपने को आत्मा समझ परमात्मा से योग लगाओ — यही अशरीरी बनने का अभ्यास है।


4. साइंस vs स्पिरिचुअलिटी

साइंस:
माइंड फोकस बदल सकता है

स्पिरिचुअल इनसाइट:
👉 Identity Shift
👉 Consciousness Shift

जब हम बॉडी से सोल में शिफ्ट करते हैं —
👉 अनुभव बदल जाता है


5. उदाहरण से समझें

🎭 एक्टर और रोल
एक्टर रोल निभाता है… लेकिन जानता है — मैं रोल नहीं हूँ

🚗 ड्राइवर और कार
ड्राइवर कार में है… लेकिन कार नहीं है

👕 कपड़े
कपड़े पहने हैं… लेकिन हम कपड़े नहीं हैं

👉 यही अशरीरी अवस्था है


6. मेडिटेशन में अनुभव

✔ शरीर का एहसास कम हो जाता है
✔ हल्कापन महसूस होता है
✔ विचार धीमे हो जाते हैं
✔ लगता है — मैं सिर्फ ऊर्जा हूँ

मुरली (12 मार्च 2024):
योग में आत्मा शरीर से न्यारी होकर अपने स्वरूप का अनुभव करती है।


7. नींद vs मृत्यु vs अशरीरी अवस्था

  • नींद: अनकॉन्शियस डिटैच
  • मृत्यु: आत्मा शरीर से बाहर
  • अशरीरी: कॉन्शियस डिटैच (सबसे पावरफुल)

👉 इसमें आप जागते हुए, कंट्रोल में रहते हैं


8. जीवन में उपयोग

✔ कोई इंसल्ट करे → याद करो “मैं आत्मा हूँ”
✔ डर आए → “मैं शरीर नहीं हूँ”
✔ अटैचमेंट आए → “यह मेरा रोल है”


🎯 निष्कर्ष

अशरीरी अवस्था कोई कल्पना नहीं है…
यह एक अनुभव है।

👉 हर आत्मा इसे प्राप्त कर सकती है

स्लोगन:
“मैं आत्मा हूँ… शरीर से न्यारा हूँ…