(17) Why are people so irritable today?

PR:-(17)लोग आज इतने चिड़े चिड़े क्यों हैं?

(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

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भूमिका: क्यों लोग चिड़चिड़े हैं?

आज हम 17वाँ विषय कर रहे हैं – “परमात्मा क्या कहते हैं?”

आज के समय में लोग जल्दी चिड़चिड़े क्यों हो जाते हैं?

  • आपस में प्यार कम है

  • छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा

  • रिश्तों में सहनशक्ति की कमी

  • बच्चों, माता-पिता, सहकर्मी से झुंझलाहट

कारण: आत्मा की थकान।

यह चिड़चिड़ापन शरीर की थकान नहीं, आत्मा की थकान का संकेत है।


 चिड़चिड़ापन – बीमारी या चेतावनी?

चिड़चिड़ापन कोई बीमारी नहीं है।
यह चेतावनी है, जैसे शरीर में बुखार या जुकाम – शरीर को संकेत देता है कि कुछ गड़बड़ है।

  • साकार मुरली 21 जुलाई 1998:
    “जब आत्मा थक जाती है तो स्वभाव में खीज, खींचना, गुस्सा आना, बात ना करने की इच्छा, अधैर्य — धीरज बिल्कुल खत्म हो जाता है।”


 आत्मा की थकान कैसे होती है?

उदाहरण: मोबाइल बैटरी

  • जैसे मोबाइल में ढेर सारी ऐप खुली हों → बैटरी डाउन

  • उसी प्रकार आत्मा भी कई जिम्मेदारियों और विकारों से थक जाती है

बैटरी डाउन होने के कारण:

  • क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार में रहना

  • बार-बार अपमान, अपेक्षा, तुलना

  • परमात्मा से कनेक्शन न होना

चार्ज करने का तरीका:

  • बाबा की श्रीमत पर चलना

  • स्मृति: “मैं आत्मा हूं, अमर हूं”

  • सेल्फ रिफ्लेक्शन और मौन का अभ्यास

12 मार्च 2003:
“आत्मा की शक्ति याद से आती है, याद कम तो शक्ति भी कम। बाबा की श्रीमत पर चलेगा कम तो बैटरी भी चार्ज होगी कम।”


 चिड़चिड़ापन बढ़ने के मुख्य कारण

  1. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा

  2. बात-बात पर इरिटेशन

  3. रिश्तों में सहनशक्ति की कमी

  4. अपेक्षाएं – पति-पत्नी, माता-पिता, सहकर्मी

  5. देह अभिमान

मुरली 5 जनवरी 2001:
“देह अभिमान आत्मा को सबसे जल्दी थका देता है।”


 आत्मा को रिचार्ज करने के उपाय

  1. स्व-मान (Self-Respect)

    • “मैं आत्मा हूं, मैं अमर हूं, मैं शांत स्वरूप आत्मा हूं”

    • यह आपकी ढाल है

  2. याद / कनेक्शन

    • दिन में बार-बार: “बाबा, मैं आपके साथ हूं।”

    • बाबा की श्रीमत पर चलना

  3. मौन का अभ्यास

    • दिन में 10 मिनट

    • कोई शब्द नहीं, केवल आत्मा की स्थिति का अवलोकन

मुरली 28 जून 2000:
“मौन में आत्मा शक्तिशाली बनती है।”


 चिड़चिड़ापन से मुक्ति – सहनशीलता और देवत्व

  • सहनशीलता देवताओं का स्वभाव है

  • जो आत्मा सहनशील बनती है, वही भविष्य में पूज्य बनती है

मुरली 11 नवंबर 1997:
“जो आत्मा सहनशील बनती है वही भविष्य में पूज्य बनती है।”


 निष्कर्ष: आत्मा की थकान = चिड़चिड़ापन

  • जल्दी गुस्सा आना, जल्दी टूटना, जल्दी थक जाना → दोष परिस्थितियों का नहीं

  • यह आत्मा की थकान है

अंतिम संकल्प:

  • मैं आत्मा हूं

  • मैं शक्तिशाली हूं

  • मेरा बाबा से कनेक्शन है


 मुरली प्रमाण

दिनांक प्रमाण
21 जुलाई 1998 आत्मा थकने पर खीज, गुस्सा, अधैर्य
12 मार्च 2003 आत्मा की शक्ति याद से आती है
5 जनवरी 2001 देह अभिमान आत्मा को थकाता है
28 जून 2000 मौन में आत्मा शक्तिशाली बनती है
11 नवंबर 1997 सहनशील आत्मा भविष्य में पूज्य बनती है

 Disclaimer (YouTube-Ready)

यह वीडियो केवल आध्यात्मिक ज्ञान और आत्म-चिंतन के लिए है।
यह कोई डॉक्टर की सलाह या चिकित्सा मार्गदर्शन नहीं है।
चिड़चिड़ापन, थकान या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए कृपया योग्य चिकित्सक से परामर्श

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