(32)मिर्गी और मानसिक-शारीरिक संतुलन: मुरली और प्राकृतिक उपाय
“मिर्गी से मुक्ति: प्राकृतिक आहार और राजयोग से मानसिक–शारीरिक संतुलन |”
प्रारंभिक अभिवादन
ओम शांति।
आज हम Divine Health Series के 32वें विषय पर चर्चा करेंगे –
“मिर्गी और मानसिक–शारीरिक संतुलन”
मुरली से प्रेरणा
5 अगस्त 1965 की मुरली में शिव बाबा ने कहा:
“शरीर और मन को संतुलित रखो। जब मन और शरीर संतुलित रहते हैं, तो आत्मा को शांति और शक्ति मिलती है।”
असंतुलन का उदाहरण
जैसे किसी घर में बिजली की आपूर्ति असंतुलित हो जाए – खर्च ज़्यादा और बिजली कम हो, तो सभी उपकरण प्रभावित होते हैं।
वैसे ही जब मन और शरीर असंतुलित हो जाते हैं तो बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।
क्या खाएं – ऊर्जा और संतुलन के लिए
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प्राकृतिक भोजन – फल, रस, कच्ची सब्जियाँ
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कार्बोहाइड्रेट – फल और हरी पत्तेदार सब्जियाँ
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खट्टे और ताजगी देने वाले फल – नाशपाती, अंगूर, आंवला, नींबू, संतरा, लाल अंगूर, अंजीर, गाजर, अजवाइन, पालक
बीज और आयुर्वेदिक उपाय
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चिया बीज
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अलसी के बीज
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त्रिफला
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सनाई की पत्तियाँ
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अमलताश के बीज
ये पेट को संतुलित रखते हैं, और पेट ठीक हो तो बीमारी पर नियंत्रण आसान हो जाता है।
क्या न खाएं
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चीनी
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सफेद नमक
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गेहूँ
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मक्का (स्वीट कॉर्न)
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बैंगन, पालक, भिंडी, ग्वार फली
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तली हुई चीज़ें और दुग्ध उत्पाद
अधिक तेल और शक्कर शरीर पर बोझ डालते हैं, जिससे मिर्गी के लक्षण बढ़ सकते हैं।
आत्मा, मन और स्वास्थ्य
10 मार्च 1967 की मुरली में बाबा ने कहा:
“जिसने शरीर और मन को संयमित रखा, उसने आत्मा को भी मजबूत रखा।”
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संयमित भोजन आत्मा को शक्ति देता है।
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सकारात्मक सोच और शुद्ध आहार मानसिक और शारीरिक संतुलन लाते हैं।
निष्कर्ष
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संतुलित और प्राकृतिक आहार अपनाएँ।
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मुरली के अनुसार आत्मा और मन को संयमित रखें।
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चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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संतुलित मन और स्वस्थ शरीर – जीवन में शांति और शक्ति लाते हैं।
“मिर्गी और संतुलित जीवन: प्रश्न–उत्तर के माध्यम से सरल समाधान |”
Questions & Answers
Q1. मिर्गी (Epilepsy) क्यों होती है?
Ans:जब शरीर और मन का संतुलन बिगड़ जाता है, तब मस्तिष्क की विद्युत तरंगों (Electrical Signals) में गड़बड़ी होती है। इससे दौरे (Seizures) आते हैं।
Q2. मुरली हमें क्या सिखाती है?
Ans:शिव बाबा कहते हैं – “शरीर और मन को संतुलित रखो। जब मन और शरीर संतुलित रहते हैं, तो आत्मा को शांति और शक्ति मिलती है।”
इसलिए आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक सोच बहुत ज़रूरी है।
Q3. मिर्गी के मरीजों को क्या खाना चाहिए?
Ans:
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फल और ताजे रस
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कच्ची सब्ज़ियाँ
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नाशपाती, अंगूर, आंवला, नींबू, संतरा, अंजीर
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गाजर, अजवाइन, पालक
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चिया बीज, अलसी बीज, त्रिफला
ये शरीर को ऊर्जा और संतुलन देते हैं।
Q4. किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए?
Ans:
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चीनी और सफेद नमक
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गेहूँ और मक्का
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बैंगन, भिंडी, ग्वार फली
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तली हुई चीज़ें और दुग्ध उत्पाद
ये मिर्गी के लक्षण बढ़ा सकते हैं।
Q5. मानसिक संतुलन कैसे बनाया जा सकता है?
Ans:
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राजयोग ध्यान का अभ्यास करें
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सकारात्मक विचार रखें
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संयमित और शुद्ध आहार लें
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क्रोध, तनाव और चिंता से बचें
Q6. क्या केवल घरेलू उपाय पर्याप्त हैं?
Ans:नहीं
मिर्गी एक गंभीर समस्या है। इसलिए प्राकृतिक आहार और ध्यान के साथ-साथ चिकित्सक की सलाह लेना हमेशा आवश्यक है।
Disclaimer
यह वीडियो केवल शैक्षिक, जागरूकता और आध्यात्मिक जानकारी के उद्देश्य से बनाया गया है।
यह किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह (Medical Advice) का विकल्प नहीं है।
मिर्गी या किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में हमेशा योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श करें।
यहाँ बताए गए उपाय केवल सहायक (Supportive) हैं और इन्हें अपनाने से पहले अपने चिकित्सक की राय अवश्य लें।
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