(91)God’s birth is divine. Shri Krishna’s is not

(91)भगवान का जन्म दिव्य है। श्री कृष्ण का नहीं

YouTube player

गीता का सच्चा भगवान कौन है? | भगवान का दिव्य जन्म और श्री कृष्ण का जन्म | शिव बाबा की ज्ञानवाणी


ओम शांति और परिचय

ओम शांति।
आज हम जानेंगे कि गीता का भगवान कौन है और श्री कृष्ण का जन्म कैसे अलग है।
हम गीता का 51वां हिस्सा पढ़ेंगे और समझेंगे कि परमात्मा का जन्म दिव्य है, जबकि श्री कृष्ण का जन्म उसी प्रकार नहीं हुआ।


भगवान का दिव्य जन्म

गीता के अनुसार भगवान का जन्म साधारण नहीं है। वे अजन्मा और अविनाशी हैं।
गीता अध्याय 4, श्लोक 6 में कहा गया है:
“यद्यपि मैं अजन्मा, अविनाशी और समस्त प्राणियों का ईश्वर हूं, फिर भी अपनी आत्मा और आत्म माया से प्रकट होता हूं।”

मुख्य बिंदु:

  • भगवान का जन्म माता-पिता से नहीं हुआ।

  • वे परमधाम से आकर किसी तन में प्रवेश करते हैं। इसे परकाया प्रवेश कहते हैं।

  • उदाहरण: जैसे बिजली बल्ब में आती है, बल्ब नया नहीं बनता, केवल चमक उठता है।


श्री कृष्ण का जन्म और अंतर

  • श्री कृष्ण का जन्म माता-पिता देवकी और वासुदेव से हुआ।

  • उनका तन देवताओं वाला था, साधारण तन में प्रवेश संभव नहीं।

  • गीता का भगवान और श्री कृष्ण में अंतर समझना आवश्यक है।


गीता के श्लोकों का महत्व

  • अध्याय 7, श्लोक 24-25:
    भगवान का अव्यक्त रूप और योगमाया से छिपा होना।

  • अध्याय 4, श्लोक 7:
    जब धर्म की ग्लानि होती है, तब भगवान स्वयं प्रकट होते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • भगवान का कार्य है धर्म की पुनर्स्थापना।

  • वे केवल कुछ विशेष आत्माओं के लिए प्रकट होते हैं।


सतयुग और श्री कृष्ण का युग

  • श्री कृष्ण का जन्म सतयुग में हुआ।

  • उस समय धरती पर केवल देवता रहते थे।

  • वे 16 कला संपन्न थे और त्रेता युग के श्री राम से पहले पैदा हुए।


अव्यक्त मुरली का संदेश

अव्यक्त मुरली 23 जनवरी 2022 के अनुसार:
“गीता का भगवान मैं शिव हूं। मैं जगत का उद्धारक और धर्म का पुन:स्थापक हूं।”


निष्कर्ष और संदेश

  • गीता का सच्चा भगवान शिव बाबा हैं।

  • उनका जन्म दिव्य है और उनका कार्य धर्म की पुनर्स्थापना है।

  • श्री कृष्ण का जन्म देवताओं में हुआ, उनका स्वरूप भिन्न था।

गीता का सच्चा भगवान कौन है? | भगवान का दिव्य जन्म और श्री कृष्ण का जन्म | शिव बाबा की ज्ञानवाणी


प्रश्न और उत्तर (Questions & Answers)

Q1: गीता का भगवान कौन है?
A1: गीता का सच्चा भगवान शिव बाबा हैं। वे जगत के उद्धारक और धर्म के पुनर्स्थापक हैं।


Q2: भगवान का जन्म कैसे होता है?
A2: भगवान का जन्म दिव्य है। वे अजन्मा और अविनाशी हैं। उनका जन्म माता-पिता से नहीं होता, बल्कि वे परमधाम से आकर किसी तन में प्रवेश करते हैं। इसे परकाया प्रवेश कहते हैं।


Q3: श्री कृष्ण का जन्म और भगवान के जन्म में क्या अंतर है?
A3: श्री कृष्ण का जन्म माता-पिता देवकी और वासुदेव से हुआ और उनका तन देवताओं वाला था। जबकि गीता का भगवान का जन्म दिव्य और अलौकिक है।


Q4: गीता में भगवान ने अपने जन्म के बारे में क्या कहा है?
A4: गीता अध्याय 4, श्लोक 6 में कहा गया है कि भगवान यद्यपि अजन्मा और अविनाशी हैं, फिर भी अपनी आत्मा और आत्म माया से प्रकट होते हैं।


Q5: भगवान कब आते हैं?
A5: जब-जब धर्म की ग्लानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है, तब भगवान स्वयं को प्रकट करते हैं। (गीता 4.7)


Q6: क्या भगवान सबके लिए प्रकट होते हैं?
A6: नहीं, भगवान सबके लिए नहीं प्रकट होते। वे कुछ विशेष आत्माओं और धर्म की स्थिति के अनुसार प्रकट होते हैं।


Q7: श्री कृष्ण का युग कौन सा था?
A7: श्री कृष्ण का जन्म सतयुग में हुआ था, जब धरती पर केवल देवता रहते थे। वे 16 कला संपन्न थे और त्रेता युग के श्री राम से पहले पैदा हुए।


Q8: गीता का भगवान और श्री कृष्ण में कौन श्रेष्ठ है?
A8: गीता का भगवान शिव बाबा हैं। श्री कृष्ण उनके माध्यम से धर्म कार्य करते हैं, लेकिन उनका जन्म और स्वरूप गीता के भगवान जैसा दिव्य नहीं है।


Q9: अव्यक्त मुरली का संदेश क्या है?
A9: अव्यक्त मुरली 23 जनवरी 2022 के अनुसार, “गीता का भगवान मैं शिव हूं। मैं जगत का उद्धारक और धर्म का पुन:स्थापक हूं।”

Disclaimer / डिस्क्लेमर

यह वीडियो आध्यात्मिक ज्ञान और गीता के श्लोकों के अर्थ पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी ब्रह्मा कुमारीज़ के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर आधारित है। यह किसी भी धार्मिक समूह या व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है। दर्शक अपने विवेक और श्रद्धा के अनुसार इसे ग्रहण करें।

God of Gita, Shiv Baba, Shri Krishna, God’s divine birth, knowledge of Gita, Brahma Kumari, Paramdham, Avyakt Murli, Dharma and Adharma, Gita 4.6, Gita 4.9, Restorer of Dharma, When does God come, Shiv Baba’s words, Spiritual knowledge, Parmatma, Satyug, Treta Yug, True God of Gita, Decline of Dharma, Growth of Adharma, Dharma Yudh of life, Shiv Baba teachings,

गीता का भगवान, शिव बाबा, श्री कृष्ण, भगवान का दिव्य जन्म, गीता का ज्ञान, ब्रह्मा कुमारी, परमधाम, अव्यक्त मुरली, धर्म और अधर्म, गीता 4.6, गीता 4.9, धर्म का पुन: स्थापक, भगवान कब आते हैं, शिव बाबा की वाणी, आध्यात्मिक ज्ञान, परमात्मा, सतयुग, त्रेता युग, गीता का सच्चा भगवान, धर्म की ग्लानि, अधर्म की वृद्धि, जीवन का धर्म युद्ध, शिव बाबा शिक्षाएँ,