(93)गीता ज्ञान किसने दिया? नर को श्री नारायण बनाने वाला परमात्मा शिव
“सच्चा गीता ज्ञान कौन सा है? | गीता का भगवान कौन?”
प्रस्तावना
ओम् शान्ति।
आज हम एक गहन आध्यात्मिक प्रश्न पर विचार करेंगे — गीता का भगवान कौन है और सच्चा गीता ज्ञान कौन सा है?
यह प्रश्न केवल शास्त्र का विषय नहीं है, बल्कि आत्मा की मुक्ति और जीवन के धर्म युद्ध को समझने की कुंजी है।
1. गीता का भगवान कौन है?
सदियों से यह विवाद चलता आ रहा है कि गीता का उपदेशक कौन था।
बहुत लोग मानते हैं कि श्रीकृष्ण ने गीता बोली, परंतु स्वयं गीता कहती है कि भगवान अजन्मा और अविनाशी है।
श्रीकृष्ण तो साक्षात जन्म लेने वाले देवता हैं।
तो फिर गीता का भगवान कौन?
वह हैं — परमात्मा शिव, जो निराकार, अजन्मा और सदैव कल्याणकारी हैं।
2. सच्चा गीता ज्ञान कौन सा है?
गीता का ज्ञान केवल युद्धभूमि का वर्णन नहीं है।
यह आत्मा के भीतर के विकारों से युद्ध का ज्ञान है।
कुरुक्षेत्र कोई बाहरी मैदान नहीं, बल्कि मन का मैदान है।
जहाँ काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार के राक्षस खड़े हैं।
भगवान हमें यही सिखाते हैं कि —
“स्मृति में रहो, आत्मस्वरूप को पहचानो और योगबल से विकारों पर विजय पाओ।”
3. यह प्रश्न क्यों महत्वपूर्ण है?
यदि गीता का उपदेशक भगवान श्रीकृष्ण मान लिया जाए, तो यह ज्ञान केवल द्वापरयुग की घटना बन जाती है।
लेकिन यदि हम समझते हैं कि गीता का भगवान निराकार शिव हैं, तो यह ज्ञान सर्वकालिक, सर्वव्यापी और आत्मा की मुक्ति का मार्ग बन जाता है।
4. मुरली से प्रमाण
शिवबाबा स्वयं कहते हैं —
“मैं इस ब्रह्मा तन में प्रवेश कर गीता का सच्चा ज्ञान सुनाता हूँ।”
इसलिए आज जो मुरली हम सुनते हैं, वही असली श्रीमद्भगवद्गीता का अमृत है।
5. आत्मा के लिए शिक्षा
गीता का सच्चा संदेश है —
आत्मा अपने स्वरूप को पहचाने।
परमात्मा के साथ योग में रहे।
विकारों से युद्ध कर सच्चा विजयी बने।
समापन
तो प्यारे भाई–बहनों,
गीता का भगवान कोई देही देवता नहीं, बल्कि निराकार शिव परमात्मा हैं।
और गीता का सच्चा ज्ञान वही है जो आज हमें मुरली के रूप में मिलता है।
आओ, इस सत्य को स्वीकार कर आत्मा की सच्ची यात्रा आरंभ करें।
“गीता का भगवान कौन है? | सच्चे गीता ज्ञान का रहस्य | Brahma Kumaris”
प्रश्न–उत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: गीता का भगवान कौन है?
उत्तर: गीता का सच्चा भगवान स्वयं निराकार शिव परमात्मा है। गीता में जिसने अर्जुन को ज्ञान सुनाया, वह श्रीकृष्ण का शरीर नहीं था, बल्कि उनके माध्यम से बोलने वाले परमपिता शिव थे।
प्रश्न 2: अगर भगवान श्रीकृष्ण गीता के वक्ता नहीं हैं तो फिर नाम उनका क्यों जुड़ा?
उत्तर: द्वापरयुग में भक्तों ने भगवान को याद तो किया, परंतु साकार रूप में उनकी कल्पना श्रीकृष्ण के रूप में की। इसलिए गीता पर उनका नाम आ गया, जबकि असली ज्ञान दाता शिव ही हैं।
प्रश्न 3: गीता ज्ञान को “सच्चा ज्ञान” क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि गीता ज्ञान ही आत्मा को मोह, अज्ञान और बंधनों से मुक्त करता है। यही ज्ञान आत्मा को नष्टोमोहा बनाकर सच्चे धर्मयुद्ध के लिए तैयार करता है।
प्रश्न 4: गीता ज्ञान आज क्यों आवश्यक है?
उत्तर: आज का समय महाभारत जैसी परिस्थिति का है। मनुष्य मोह, आसक्ति और दुखों में फंसे हुए हैं। गीता ज्ञान ही आत्मा को जागृत कर सच्ची शांति और शक्ति का अनुभव कराता है।
प्रश्न 5: हमें गीता ज्ञान से क्या प्राप्त होता है?
उत्तर: गीता ज्ञान से आत्मा अपने स्वरूप को पहचानती है, परमात्मा से सीधा संबंध जोड़ती है और जीवन में विजय व सुख का अनुभव करती है। यही ज्ञान हमें भगवान के प्यार का पात्र बनाता है।
Disclaimer
यह वीडियो ब्रह्माकुमारिज़ (Brahma Kumaris) की आध्यात्मिक शिक्षाओं, मुरली, गीता तथा शास्त्रों पर आधारित है।
इसका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक जागृति, आत्म-परिचय और जीवन में सकारात्मकता लाना है।
यह किसी भी प्रकार की धार्मिक आलोचना, अंधविश्वास, पंथ या व्यक्तिगत आस्था का विरोध नहीं करता।
सभी विचार शिवबाबा (सर्वोच्च परमात्मा) की शिक्षाओं और मुरली बिंदुओं पर आधारित हैं।
कृपया इसे आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ही समझें।
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