(06)Juice Fasting: A spiritual method of naturopathy

दिव्य स्वास्थय/(06)रस उपवास (Juice Fasting): प्राकृतिक चिकित्सा की आत्मिक पद्धति

YouTube player

“रस उपवास: तन-मन की सफाई का ईश्वरीय तरीका | Murli आधारित राजयोग स्वास्थ्य ज्ञान | 


1. उपवास: केवल भूख नहीं, शरीर और आत्मा की सफाई है

उपवास का अर्थ केवल खाना छोड़ना नहीं है। यह शरीर के लिए विश्राम और आत्मा के लिए ऊर्जा का स्रोत है।
मुरली 12 अप्रैल 2024:
“बच्चे, जो तुम खाते हो, पीते हो, वह भी सात्विक और जीवनदायी होना चाहिए – तन और मन को शक्ति देनेवाला।”


2. रस उपवास – उपवास का सर्वोत्तम तरीका क्यों?

पारंपरिक जल उपवास शरीर के विष निकालता है, लेकिन रस उपवास शरीर को डिटॉक्स + पोषण दोनों देता है।

  • रस में प्राकृतिक ग्लूकोज़, एंज़ाइम, मिनरल्स, विटामिन्स होते हैं

  • यह हृदय, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को मज़बूत करता है

  • शरीर को अल्कलाइन बनाता है और ऑटोफैगी (कोशिका मरम्मत) को बढ़ाता है
    मुरली 15 मार्च 2025:
    “बच्चे, तुम्हारा तन और मन, दोनों पवित्र और समर्थ होने चाहिए – तभी सेवा में उपयोग हो सकते हैं।”


3. कौन से रस सर्वोत्तम हैं? – क्षारीय (Alkaline) और ताजे रस

ककड़ी, लौकी, गाजर, पालक, आंवला, अनार, मौसमी, नींबू-शहद जल, नारियल पानी
सब्ज़ी और फल का मिश्रित रस भी उत्तम है
 बचें:

  1. डिब्बाबंद या फ्रोजन जूस

  2. प्रिज़र्वेटिव वाले बाजारू रस
    मुरली 6 फरवरी 2025:
    “बच्चे, तुम्हारी थाली में भी ईश्वर की शक्ति होनी चाहिए – तभी वह भोजन या पेय तुम्हारा सहायक बनता है।”


4. रस उपवास कैसे करें? – विधि और दिनचर्या

सुबह:

  • नींबू शहद जल (गुनगुना)

  • प्राणायाम, राजयोग
    नाश्ता:

  • मौसमी फल का रस (अनार, सेब)
    दोपहर:

  • लौकी + गाजर + पालक का ताज़ा रस

  • धूप और शुद्ध वायु
    शाम:

  • नारियल पानी या गाजर का रस

  • योग और मौन का अभ्यास
    रात:

  • गुनगुना पानी और परमात्मा का स्मरण
     हर 2–3 घंटे में थोड़ा रस लें, खाली पेट न रहें


5. रस उपवास और ऑटोफैगी – सेल मरम्मत का विज्ञान

  • शरीर पुरानी व क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को नष्ट कर नई बनाता है

  • रस उपवास इस प्रक्रिया को तेज़ करता है

  • कैंसर, एलर्जी, पाचन विकार, थकान में लाभकारी
    मुरली 18 मई 2024:
    “सच्चा वैद्य तो परमात्मा है, जो आत्मा को शक्तिशाली बनाता है।”


6. रस उपवास के साथ योग और शांति का अभ्यास

रस उपवास केवल शरीर की प्रक्रिया नहीं है — यह मन की सफाई भी है।
राजयोग से:

  • विकारी विचार कम होते हैं

  • स्मृति शक्ति बढ़ती है

  • परमात्मा से संबंध भोजन में शक्ति भर देता है
    मुरली 3 अक्टूबर 2024:
    “राजयोग ही आत्मा का भोजन है – जो उसे सत्य, शक्ति और शांति से भर देता है।”


7. रस उपवास के लाभ – शरीर और आत्मा दोनों के लिए

लाभ शरीर के लिए आत्मा के लिए
विषहरण अपशिष्ट बाहर विकारी संकल्प बाहर
पोषण मल्टीविटामिन्स ईश्वरीय ज्ञान
मरम्मत सेल पुनर्जनन आत्म-स्मृति जागरण
शक्ति रोग प्रतिरोध संकल्पों की शक्ति

रस उपवास: तन-मन की सफाई का ईश्वरीय तरीका


प्रश्न 1: क्या उपवास सिर्फ़ भूखे रहने का नाम है?
उत्तर: नहीं। उपवास का मतलब है — शरीर को विश्राम देना और आत्मा को शक्ति भरना।
मुरली 12 अप्रैल 2024:
“बच्चे, जो तुम खाते हो, पीते हो, वह भी सात्विक और जीवनदायी होना चाहिए – तन और मन को शक्ति देनेवाला।”


प्रश्न 2: रस उपवास पारंपरिक उपवास से श्रेष्ठ क्यों है?
उत्तर: पारंपरिक जल उपवास सिर्फ़ विष निकालता है, जबकि रस उपवास विषहरण + पोषण दोनों देता है। इसमें प्राकृतिक ग्लूकोज़, एंज़ाइम, मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं, जो शरीर को अल्कलाइन और मज़बूत बनाते हैं।
मुरली 15 मार्च 2025:
“बच्चे, तुम्हारा तन और मन, दोनों पवित्र और समर्थ होने चाहिए – तभी सेवा में उपयोग हो सकते हैं।”


प्रश्न 3: रस उपवास में कौन से रस लेने चाहिए?
उत्तर:

  • सर्वोत्तम क्षारीय (Alkaline) और ताजे रस: ककड़ी, लौकी, गाजर, पालक, आंवला, अनार, मौसमी, नींबू-शहद जल, नारियल पानी।

  • बचें: डिब्बाबंद, फ्रोजन या प्रिज़र्वेटिव युक्त जूस।
    मुरली 6 फरवरी 2025:
    “बच्चे, तुम्हारी थाली में भी ईश्वर की शक्ति होनी चाहिए – तभी वह भोजन या पेय तुम्हारा सहायक बनता है।”


प्रश्न 4: रस उपवास करने की सही दिनचर्या क्या है?
उत्तर:

  • सुबह: नींबू-शहद जल, प्राणायाम और राजयोग

  • नाश्ता: मौसमी फल का रस

  • दोपहर: लौकी + गाजर + पालक का ताज़ा रस

  • शाम: नारियल पानी या गाजर का रस, योग और मौन

  • रात: गुनगुना पानी और परमात्मा का स्मरण
     हर 2–3 घंटे में थोड़ा रस लें, खाली पेट न रहें।


प्रश्न 5: रस उपवास और ऑटोफैगी का क्या संबंध है?
उत्तर: रस उपवास सेल रिपेयर (ऑटोफैगी) को तेज़ करता है, जिससे कैंसर, एलर्जी, पाचन विकार और थकान जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।
मुरली 18 मई 2024:
“सच्चा वैद्य तो परमात्मा है, जो आत्मा को शक्तिशाली बनाता है।”


प्रश्न 6: रस उपवास में राजयोग क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: क्योंकि यह मन की सफाई और आत्मा की शक्ति का स्रोत है। राजयोग से विकारी विचार कम होते हैं, स्मृति शक्ति बढ़ती है, और भोजन में ईश्वरीय शक्ति भर जाती है।
मुरली 3 अक्टूबर 2024:
“राजयोग ही आत्मा का भोजन है – जो उसे सत्य, शक्ति और शांति से भर देता है।”


प्रश्न 7: रस उपवास के मुख्य लाभ क्या हैं?

लाभ शरीर के लिए आत्मा के लिए
विषहरण अपशिष्ट बाहर विकारी संकल्प बाहर
पोषण मल्टीविटामिन्स ईश्वरीय ज्ञान
मरम्मत सेल पुनर्जनन आत्म-स्मृति जागरण
शक्ति रोग प्रतिरोधक क्षमता संकल्पों की शक्ति

Disclaimer
यह वीडियो केवल सामान्य स्वास्थ्य व आध्यात्मिक ज्ञान के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जो ब्रह्माकुमारी मुरली शिक्षाओं पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार का चिकित्सीय परामर्श (Medical Advice) नहीं है। यदि आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

#रसउपवास #BrahmaKumaris #Rajyoga #Murli #HealthTips #JuiceFasting #Detox #SpiritualHealth #BKSurenderSharma #OmShanti #AutoPhagy #SoulPower #AlkalineJuice #FastingBenefits #BKHealthKnowledge #तनमनकीसफाई #GodlyKnowledge

#रसउपवास #ब्रह्माकुमारी #राजयोग #मुरली #हेल्थटिप्स #जूसफास्टिंग #डिटॉक्स #स्पिरिचुअलहेल्थ #बीकेसुरेंडरशर्मा #ओमशांति #ऑटोफैगी #सोलपॉवर #अल्कलाइनजूस #फास्टिंगबेनिफिट्स #बीकेहेल्थनॉलेज #तनमनकी शिक्षा #गॉडलीनॉलेज