(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)
दिव्य स्वास्थय/(16)अमलता से छुटकारा !
“अमलता से छुटकारा | एसिडिटी और गैस से बचने के प्राकृतिक उपाय | Acidity Cure in Hindi”
भाषण (Speech Script)
1. प्रस्तावना – अमलता क्या है?
आज हम एक ऐसी समस्या पर चर्चा करेंगे, जो लगभग हर घर में मिलती है — अमलता, जिसे हम एसिडिटी भी कहते हैं।
भोजन के बाद पेट में जलन, खट्टे डकार, गैस और बेचैनी — ये सभी लक्षण हैं कि हमारे शरीर का पीएच असंतुलित हो गया है।
यह स्थिति कभी खाली पेट रहने से और कभी ओवर ईटिंग से भी हो जाती है।
2. पीएच क्या है?
पीएच किसी भी द्रव के अम्लीय या क्षारीय होने का माप है।
-
7 से नीचे → अम्लीय (जैसे नींबू का रस, सिरका)
-
7 → तटस्थ (जैसे शुद्ध जल)
-
7 से ऊपर → क्षारीय (जैसे बेकिंग सोडा का घोल)
पेट का अम्ल सामान्यतः 1.5 से 3 के बीच होना चाहिए, ताकि भोजन पच सके। वहीं, पूरे शरीर का पीएच लगभग 7.35 से 7.45 तक हल्का क्षारीय रहना जरूरी है।
3. अमलता के मुख्य कारण
-
गलत खानपान — तली-भुनी, मसालेदार चीजें
-
अनियमित भोजन समय
-
टेंशन और चिंता
-
नींद की कमी
उदाहरण: जैसे दूध में नींबू डालने से वह फट जाता है, वैसे ही शरीर में अधिक एसिड बनने से पाचन तंत्र असंतुलित हो जाता है।
4. अमलता से छुटकारा – प्राकृतिक उपाय
(क) क्षारीय सब्ज़ियां और जूस
-
गाजर, सफेद पेठा, लौकी, तोरी, मूली, पत्ता गोभी
-
सुबह खाली पेट सफेद पेठे का जूस पीना पेट की जलन कम करता है।
(ख) मीठे फल
-
तरबूज, मौसमी, मीठे अंगूर, मीठा संतरा
-
ये शरीर के एसिड को न्यूट्रल करते हैं।
(ग) त्रिफला और पाचन सुधारक
-
त्रिफला पाउडर (आंवला, हरड़, बहेड़ा), सनाई की पत्तियां, अमलतास
-
यह पाचन तंत्र को साफ रखते हैं और अमलता को कम करते हैं।
(घ) स्वस्थ बीज
-
चिया सीड्स, मेथी, अलसी
-
रात को भिगोकर सुबह सेवन करें। ये पेट की परत को सुरक्षित रखते हैं।
5. आयुर्वेदिक सूत्र
“पैर गरम, पेट नरम, सिर ठंडा” → यदि शरीर इस स्थिति में है तो स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
6. मन और अमलता का संबंध
अमलता केवल पेट की बीमारी नहीं है, यह मन से भी जुड़ी है।
क्रोध, चिंता और तनाव से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ता है।
बाबा की मुरली (18 अप्रैल 1973):
“क्रोध और चिंता से मन में आग लगती है और वे शरीर को रोगी बना देती है। मन को ईश्वर के प्यार से ठंडा करो।”
7. निष्कर्ष
-
भौतिक उपाय: क्षारीय आहार, ठंडी प्रकृति की सब्जियां व फल, समय पर भोजन, मसालों से परहेज।
-
आध्यात्मिक उपाय: राजयोग का अभ्यास, सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या।
जैसे घर में आग बुझाने के लिए पानी डालते हैं, वैसे ही जीवन की अमलता को प्राकृतिक आहार और आध्यात्मिक शांति से ठंडा किया जा सकता है।
“अमलता से छुटकारा | एसिडिटी और गैस से बचने के प्राकृतिक उपाय | Acidity Cure in Hindi”
प्रश्नोत्तर (Q&A)
Q1. अमलता (एसिडिटी) क्या है?
अमलता एक आम समस्या है जिसमें भोजन के बाद पेट में जलन, खट्टे डकार, गैस और बेचैनी महसूस होती है। इसका मुख्य कारण शरीर का पीएच असंतुलित होना है।
Q2. पीएच (pH) क्या है और इसका शरीर में महत्व क्या है?
पीएच किसी भी द्रव के अम्लीय या क्षारीय होने का माप है।
-
7 से नीचे → अम्लीय
-
7 → तटस्थ
-
7 से ऊपर → क्षारीय
पेट का पीएच सामान्यतः 1.5 से 3 होना चाहिए ताकि पाचन सही हो। वहीं शरीर का पीएच 7.35 से 7.45 हल्का क्षारीय रहना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
Q3. अमलता (एसिडिटी) के मुख्य कारण क्या हैं?
-
गलत खानपान — तली-भुनी व मसालेदार चीजें
-
अनियमित भोजन समय
-
तनाव और चिंता
-
नींद की कमी
Q4. अमलता से छुटकारा पाने के प्राकृतिक उपाय क्या हैं?
-
क्षारीय सब्जियां और जूस – गाजर, लौकी, तोरी, मूली, पत्ता गोभी, सफेद पेठा का जूस।
-
मीठे फल – तरबूज, मौसमी, मीठे अंगूर, मीठा संतरा।
-
त्रिफला और पाचन सुधारक – आंवला, हरड़, बहेड़ा, अमलतास, सनाई की पत्तियां।
-
स्वस्थ बीज – चिया सीड्स, मेथी, अलसी (रात को भिगोकर सुबह सेवन)।
Q5. आयुर्वेदिक सूत्र “पैर गरम, पेट नरम, सिर ठंडा” का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि यदि पैरों में रक्त संचार अच्छा है, पेट आरामदायक है और दिमाग शांत है, तो स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहेगा।
Q6. क्या अमलता का संबंध मन से भी है?
हाँ, अमलता केवल पेट की बीमारी नहीं है, बल्कि यह मन से भी जुड़ी हुई है।
-
क्रोध, चिंता और तनाव से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ता है।
-
बाबा की मुरली (18 अप्रैल 1973):
“क्रोध और चिंता से मन में आग लगती है और वे शरीर को रोगी बना देती है। मन को ईश्वर के प्यार से ठंडा करो।”
Q7. अमलता से बचने के लिए अंतिम निष्कर्ष क्या है?
-
भौतिक उपाय: क्षारीय आहार, ठंडी प्रकृति की सब्जियां व फल, समय पर भोजन, मसालों से परहेज।
-
आध्यात्मिक उपाय: राजयोग का अभ्यास, सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या।
जिस तरह आग को बुझाने के लिए पानी की आवश्यकता होती है, वैसे ही अमलता को कम करने के लिए प्राकृतिक आहार और आध्यात्मिक शांति की आवश्यकता है।
डिस्क्लेमर: यह वीडियो केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें दी गई सलाह किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय राय, डायग्नोसिस या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल से संपर्क करें। वीडियो में बताए गए उपाय अपनाने से पहले अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखें। निर्माता किसी भी प्रकार के नुकसान या दुष्प्रभाव के लिए जिम्मेदार नहीं है।
अमलता से छुटकारा, एसिडिटी का घरेलू इलाज, गैस और जलन से राहत, Acidity cure in Hindi, एसिडिटी के उपाय, पेट की जलन का इलाज, खट्टी डकार से छुटकारा, अमलता और गैस के घरेलू नुस्खे, पेट साफ रखने के उपाय, प्राकृतिक उपाय एसिडिटी के लिए, त्रिफला के फायदे, सफेद पेठा का जूस, लौकी के फायदे, मीठे फल और अमलता, क्षारीय आहार के लाभ, digestion improve tips in Hindi, पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय, heartburn cure in Hindi, acidity and gas problem solution, आयुर्वेदिक नुस्खे एसिडिटी, तनाव और एसिडिटी, राजयोग और स्वास्थ्य, पेट की बीमारियों से बचाव, healthy lifestyle tips Hindi,
Relief from acidity, home remedies for acidity, relief from gas and burning sensation, Acidity cure in Hindi, remedies for acidity, treatment of stomach burning, relief from sour burp, home remedies for acidity and gas, remedies to keep stomach clean, natural remedies for acidity, benefits of Triphala, white Ashgourd juice, benefits of gourd, sweet fruits and Amla, benefits of alkaline diet, digestion improve tips in Hindi, remedies to increase digestive power, heartburn cure in Hindi, acidity and gas problem solution, Ayurvedic remedies for acidity, stress and acidity, Rajyoga and health, prevention of stomach diseases, healthy lifestyle tips Hindi,