अव्यक्त मुरली-(31)सदा एकमत, एक ही रास्ते से एक रस सिचती।/04-05-1983
( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)
अध्याय – सदा एकमत, एक ही रास्ते से, एक रस सिचती
(अव्यक्त मुरली, 4 मई 1983)
प्रस्तावना
आज हम अव्यक्त मुरली का 31वां पाठ revise कर रहे हैं।
इस मुरली का मुख्य विषय है –
“सदा एकमत रहना, एक ही रास्ते से चलना और एक रस में सीखना।”
4 मई 1983 को बापदादा ने यह मुरली चलाई थी।
आज बापदादा वतन में सर्व बच्चों को देख मुस्कुरा रहे थे।
बाबा क्यों मुस्कुरा रहे थे?
बाबा ने हंसते हुए बच्चों से पूछा –
“क्यों भाई, यह नियम कहां का है कि सेकंड में मुक्ति और जीवन मुक्ति पा सकते हो?”
ब्राह्मण बच्चे पूरे विश्व को चैलेंज करते हैं –
“हम मुक्ति और जीवन मुक्ति का वर्ष सेकंड में प्राप्त कर सकते हैं।”
यह चैलेंज सत्य है, लेकिन इसके अनुभव के लिए दिव्य बुद्धि चाहिए।
दिव्य बुद्धि – ब्राह्मण जीवन की गॉडली गिफ्ट
बापदादा ने समझाया –
-
हर ब्राह्मण आत्मा को जन्म लेने के साथ ही एक बर्थडे गिफ्ट मिली है।
-
वह गिफ्ट है दिव्य बुद्धि।
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जैसे लोकिक जीवन में नामकरण संस्कार होता है, वैसे ही यहां ब्राह्मण बनने पर “नाम संस्कार” हुआ।
यह नाम संस्कार है –
“ब्राह्मण आत्मा” बनना और बाबा से दिव्य बुद्धि का वरदान पाना।
उदाहरण :
जैसे कोई नया बच्चा जन्म लेता है तो उसे नाम दिया जाता है, वैसे ही ब्राह्मण जीवन में हमारा नाम “बाबा का बच्चा” पड़ता है और गिफ्ट मिलती है – ईश्वरीय बुद्धि।
ज्ञान – सेकंड का है!
बाबा ने स्पष्ट किया –
-
ज्ञान सेकंड का है।
-
चाहे हम वर्षों से पढ़ते-सुनते आए हों,
लेकिन सार यह है कि ज्ञान केवल एक सेकंड का है।
एक सेकंड में आत्मा को स्मृति आ जाए –
“मैं आत्मा हूँ, परमात्मा मेरा पिता है।”
बस, पूरा ज्ञान समा गया।
मुरली पॉइंट (4 मई 1983):
“ज्ञान सेकंड का है, योग सेकंड का है, मुक्ति और जीवन मुक्ति सेकंड की है।”
सदा एकमत रहना
बाबा ने सिखाया –
-
सभी बच्चों को एक मत रहना है।
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एक ही रास्ते से चलना है।
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और एक रस में, समानता में रहकर पढ़ाई सीखनी है।
एक मत रहने का अर्थ है –
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ईश्वर मत पर चलना।
-
अपने मन या देह-अभिमान की मत पर नहीं।
उदाहरण :
जैसे सैनिकों की विजय तभी होती है जब सब एक ही कमांडर की आज्ञा मानें।
वैसे ही ब्राह्मण जीवन की विजय है – बाबा की मत पर सदा एकमत रहना।
आज की शिक्षा
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सेकंड में ज्ञान, सेकंड में मुक्ति–जीवन मुक्ति।
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दिव्य बुद्धि – यह जन्म की सबसे बड़ी गॉडली गिफ्ट है।
-
सदा एकमत – बाबा की मत पर रहना ही विजय का रहस्य है।
प्रश्न 1: 4 मई 1983 की मुरली का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर:
इस मुरली का मुख्य विषय था –
“सदा एकमत रहना, एक ही रास्ते से चलना और एक रस में सीखना।”
प्रश्न 2: बाबा बच्चों को देखकर मुस्कुराए क्यों?
उत्तर:
क्योंकि ब्राह्मण बच्चे पूरे विश्व को यह चैलेंज करते हैं कि –
“हम मुक्ति और जीवन मुक्ति का वर्ष सेकंड में प्राप्त कर सकते हैं।”
बाबा ने हंसते हुए पूछा – “भाई, यह नियम कहां का है?”
प्रश्न 3: मुक्ति–जीवन मुक्ति का अनुभव किस आधार पर संभव है?
उत्तर:
मुक्ति और जीवन मुक्ति का सच्चा अनुभव दिव्य बुद्धि के आधार पर ही संभव है।
प्रश्न 4: ब्राह्मण आत्मा को जन्म के साथ कौन-सी गॉडली गिफ्ट मिली है?
उत्तर:
हर ब्राह्मण आत्मा को जन्म लेते ही दिव्य बुद्धि की गॉडली गिफ्ट मिली है।
इसे बाबा ने “नाम संस्कार” कहा है।
जैसे लोकिक जीवन में नामकरण संस्कार होता है, वैसे ही ब्राह्मण जीवन में आत्मा का नाम पड़ा – “बाबा का बच्चा” और गिफ्ट मिली – ईश्वरीय बुद्धि।
प्रश्न 5: बाबा ने ज्ञान को “सेकंड का” क्यों कहा?
उत्तर:
ज्ञान का सार यही है –
“मैं आत्मा हूँ, परमात्मा मेरा पिता है।”
यह स्मृति एक सेकंड में आ जाए तो सम्पूर्ण ज्ञान समा जाता है।
इसीलिए बाबा ने कहा –
“ज्ञान सेकंड का है, योग सेकंड का है, मुक्ति और जीवन मुक्ति सेकंड की है।”
(मुरली पॉइंट – 4 मई 1983)
प्रश्न 6: सदा एकमत रहने का अर्थ क्या है?
उत्तर:
सदा एकमत रहने का अर्थ है –-
ईश्वर मत पर चलना
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अपने मन की मत या देह-अभिमान की मत पर नहीं चलना।
उदाहरण :
जैसे सैनिक एक ही कमांडर की आज्ञा से विजय प्राप्त करते हैं, वैसे ही ब्राह्मण जीवन की विजय है –
बाबा की मत पर सदा एकमत रहना।
प्रश्न 7: इस मुरली से हमें आज क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
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ज्ञान, योग, मुक्ति और जीवन मुक्ति सब सेकंड के हैं।
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दिव्य बुद्धि – यह ब्राह्मण जन्म की सबसे बड़ी गॉडली गिफ्ट है।
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विजय का रहस्य है – सदा एकमत रहना। Disclaimer : यह वीडियो ब्रह्माकुमारीज़ की अव्यक्त मुरली (4 मई 1983) के पुनरावलोकन पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक शिक्षा, आत्म सुधार और राजयोग ज्ञान का प्रसार है। यह किसी भी धर्म, परंपरा या व्यक्ति की आलोचना नहीं करता। अव्यक्त मुरली 4 मई 1983, सदा एकमत रहना, एक ही रास्ते से चलना, एक रस में सीखना, ब्रह्माकुमारी मुरली, ब्रह्माकुमारी अव्यक्त मुरली, सेकंड में मुक्ति और जीवन मुक्ति, दिव्य बुद्धि गॉडली गिफ्ट, ब्राह्मण जीवन का रहस्य, ईश्वर मत पर चलना, ब्रह्माकुमारी स्पिरिचुअल ज्ञान, बापदादा की मुरली, मुरली रिवाइज क्लास, ब्रह्माकुमारी हिंदी मुरली, अव्यक्त मुरली क्लास, bk murli in hindi, bk avyakta murli, brahmakumaris murli class, brahmakumaris daily murli,
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