परमधाम का रहस्य:पांच तत्वों और आकाश से भी परे ब्रह्म तत्व क्या है?
(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)
अध्याय: परमधाम का रहस्य: पांच तत्वों और आकाश से भी परे ब्रह्म तत्व क्या है?
मुरली तिथि: 15 जुलाई 1999, 12 मार्च 2001, 22 नवंबर 2000
प्रस्तावना: परमधाम और ब्रह्म तत्व
आज हम परमधाम के रहस्य पर मंथन करेंगे और जानेंगे कि पांच तत्वों से परे ब्रह्म तत्व क्या है।
इस अध्याय में हम समझेंगे कि आत्मा, परमात्मा और ब्रह्म तत्व का स्थान, स्वरूप और प्रभाव क्या है।
1. शांति धाम और पांच तत्वों से परे ब्रह्म तत्व
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मुख्य बिंदु:
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परमधाम में ना सूरज है, ना चांद, ना सितारे।
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पांच तत्व (जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी, आकाश) भी वहां नहीं।
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केवल आत्माओं का निवास है।
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मुरली नोट:
15 जुलाई 1999 – शांति धाम में ना सूरज है, ना चांद है, ना सितारे हैं।
उदाहरण:
जैसे सागर के भीतर मोती शांत रहते हैं, वैसे ही आत्माएं परमधाम में शांत और स्थिर हैं।
2. ब्रह्म तत्व: छठा तत्व
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मुख्य बिंदु:
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ब्रह्म तत्व पांच तत्वों पर प्रभाव नहीं डालता और उनके प्रभाव को भी महसूस नहीं करता।
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यह आत्मा और परमात्मा का आधार तत्व है।
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ना तो यह पदार्थ है, ना ऊर्जा, ना प्रकाश, ना ध्वनि।
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मुरली नोट:
12 मार्च 2001 – पांच तत्व आत्मा का घर नहीं।
22 नवंबर 2000 – ना दिन, ना रात, ना अंधकार, ना प्रकाश। केवल शांति।
उदाहरण:
जैसे बिजली बल्ब से अलग रहती है, बल्ब टूट जाए पर बिजली नष्ट नहीं होती; वैसे ही शरीर समाप्त हो जाता है, लेकिन आत्मा शाश्वत रहती है।
3. आत्माओं का निवास और स्थिरता
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मुख्य बिंदु:
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आत्माएं ब्रह्म तत्व में बिंदु ज्योति स्वरूप रहती हैं।
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उनका कोई भौतिक वजन या आयतन नहीं।
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करोड़ों अरबों आत्माएं भी एक साथ बिना किसी प्रभाव या विस्तार के रह सकती हैं।
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उदाहरण:
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गणितीय दृष्टांत: 0 + 0 = 0; 0 – 0 = 0 – इसलिए लाखों आत्माओं का समूह भी ब्रह्म तत्व में शांत रह सकता है।
4. पांच तत्व और आत्मा का संबंध
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मुख्य बिंदु:
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आत्मा पाँच तत्वों से बने शरीर में प्रवेश करती है।
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समय पूरा होने पर आत्मा शरीर छोड़ देती है और पांच तत्वों में मिल जाते हैं।
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आत्मा हमेशा ब्राह्मण तत्व की निवासी है और पांच तत्वों से अप्रभावित रहती है।
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उदाहरण:
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जैसे सूरज स्थिर रहते हुए पृथ्वी को आलोकित करता है, वैसे ही शिव बाबा परमधाम में रहते हुए ज्ञान प्रकाश से आत्माओं को शक्ति देते हैं।
5. परमात्मा की परम अवस्था
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मुख्य बिंदु:
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परमात्मा भी उसी परमधाम में स्थित हैं।
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वहां शांति, ज्ञान और शक्ति का सागर है।
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ब्रह्म तत्व में स्थित होकर आत्माओं और परमात्मा का आधार तत्व बनता है।
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मुरली नोट:
ब्रह्म तत्व पांच तत्वों से अप्रभावित है, आत्माओं का कोई भौतिक वजन या आयतन नहीं।
उदाहरण:
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लाखों आत्माएं ब्रह्म तत्व में स्थिर होकर शाश्वत शांति और सुख का अनुभव करती हैं।
निष्कर्ष: परमधाम का रहस्य
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मुख्य बातें:
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परमधाम पांच तत्वों और आकाश से परे है।
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आत्माएं और परमात्मा बिंदु स्वरूप ब्रह्म तत्व में स्थित रहते हैं।
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ब्रह्म तत्व पांच तत्वों से अप्रभावित है।
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आत्माओं का कोई भौतिक आयतन या वजन नहीं होता।
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यही स्मृति हमें शाश्वत शांति और सत्य की पहचान कराती है।
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परमधाम का रहस्य: पांच तत्वों और आकाश से भी परे ब्रह्म तत्व क्या है?
मुरली तिथि: 15 जुलाई 1999, 12 मार्च 2001, 22 नवंबर 2000
प्रस्तावना: परमधाम और ब्रह्म तत्व
प्रश्न 1: परमधाम के रहस्य को जानने का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: परमधाम का रहस्य जानकर हम समझ सकते हैं कि आत्मा, परमात्मा और ब्रह्म तत्व का स्थान, स्वरूप और प्रभाव क्या है। यह अध्याय हमें परमधाम और छठे तत्व ब्रह्म तत्व को समझने में मार्गदर्शन देता है।
1. शांति धाम और पांच तत्वों से परे ब्रह्म तत्व
प्रश्न 2: शांति धाम में क्या-क्या नहीं है?
उत्तर: शांति धाम में ना सूरज है, ना चांद, ना सितारे, और ना ही पांच तत्व (जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी, आकाश) हैं। केवल आत्माओं का निवास है।मुरली नोट:
15 जुलाई 1999 – शांति धाम में ना सूरज है, ना चांद है, ना सितारे हैं।प्रश्न 3: शांति धाम में आत्माओं का अनुभव किस प्रकार है?
उत्तर: जैसे सागर के भीतर मोती शांत रहते हैं, वैसे ही आत्माएं परमधाम में शांत और स्थिर रहती हैं।
2. ब्रह्म तत्व: छठा तत्व
प्रश्न 4: ब्रह्म तत्व क्या है और इसका प्रभाव कैसे है?
उत्तर: ब्रह्म तत्व पांच तत्वों पर प्रभाव नहीं डालता और पांच तत्वों का प्रभाव भी ब्रह्म तत्व पर नहीं पड़ता। यह आत्मा और परमात्मा का आधार तत्व है। यह ना पदार्थ है, ना ऊर्जा, ना प्रकाश, ना ध्वनि।मुरली नोट:
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12 मार्च 2001 – पांच तत्व आत्मा का घर नहीं।
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22 नवंबर 2000 – ना दिन, ना रात, ना अंधकार, ना प्रकाश। केवल शांति।
प्रश्न 5: ब्रह्म तत्व की तुलना किससे की जा सकती है?
उत्तर: जैसे बिजली बल्ब से अलग रहती है, बल्ब टूट जाए पर बिजली नष्ट नहीं होती; वैसे ही शरीर समाप्त हो जाता है, लेकिन आत्मा शाश्वत रहती है।
3. आत्माओं का निवास और स्थिरता
प्रश्न 6: ब्रह्म तत्व में आत्माओं का स्वरूप और स्थिति कैसी होती है?
उत्तर: आत्माएं ब्रह्म तत्व में बिंदु ज्योति स्वरूप रहती हैं। उनका कोई भौतिक वजन या आयतन नहीं होता।प्रश्न 7: क्या करोड़ों आत्माएं ब्रह्म तत्व में एक साथ रह सकती हैं?
उत्तर: हाँ, गणितीय दृष्टांत के अनुसार 0 + 0 = 0; 0 – 0 = 0, इसलिए लाखों आत्माओं का समूह भी ब्रह्म तत्व में बिना किसी प्रभाव के रह सकता है।
4. पांच तत्व और आत्मा का संबंध
प्रश्न 8: आत्मा और पांच तत्वों का संबंध क्या है?
उत्तर: आत्मा पाँच तत्वों से बने शरीर में प्रवेश करती है। जब समय पूरा होता है, आत्मा शरीर छोड़ देती है और पांच तत्वों में विलीन हो जाते हैं।प्रश्न 9: आत्मा की ब्रह्म तत्व में निवास की विशेषता क्या है?
उत्तर: आत्मा हमेशा ब्रह्म तत्व की निवासी है और पांच तत्वों से अप्रभावित रहती है।उदाहरण: जैसे सूरज स्थिर रहते हुए पृथ्वी को आलोकित करता है, वैसे ही शिव बाबा परमधाम में रहते हुए ज्ञान और शक्ति से आत्माओं को बल प्रदान करते हैं।
5. परमात्मा की परम अवस्था
प्रश्न 10: परमात्मा की परम अवस्था क्या है?
उत्तर: परमात्मा भी उसी परमधाम में स्थित हैं, जहां शांति, ज्ञान और शक्ति का सागर है। ब्रह्म तत्व में स्थित होकर वह आत्माओं और स्वयं का आधार तत्व बनते हैं।मुरली नोट:
ब्रह्म तत्व पांच तत्वों से अप्रभावित है, और आत्माओं का कोई भौतिक वजन या आयतन नहीं है।प्रश्न 11: ब्रह्म तत्व में लाखों आत्माओं का अनुभव कैसे होता है?
उत्तर: लाखों आत्माएं ब्रह्म तत्व में स्थिर होकर शाश्वत शांति और सुख का अनुभव करती हैं।
निष्कर्ष: परमधाम का रहस्य
प्रश्न 12: परमधाम और ब्रह्म तत्व के मुख्य रहस्य क्या हैं?
उत्तर:-
परमधाम पांच तत्वों और आकाश से परे है।
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आत्माएं और परमात्मा बिंदु स्वरूप ब्रह्म तत्व में स्थित रहते हैं।
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ब्रह्म तत्व पांच तत्वों से अप्रभावित है।
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आत्माओं का कोई भौतिक आयतन या वजन नहीं होता।
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यही स्मृति हमें शाश्वत शांति और सत्य की पहचान कराती है।
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Disclaimer:
इस वीडियो में ब्रह्माकुमारी मुरली के आध्यात्मिक शिक्षाओं का सार प्रस्तुत किया गया है। यह केवल आध्यात्मिक शिक्षा के लिए है और वैज्ञानिक तथ्यों के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। - परमधाम, ब्रह्म तत्व, पांच तत्व, आत्मा का निवास, शांति धाम, परमात्मा, आत्मा और परमात्मा, ब्रह्म तत्व का रहस्य, शाश्वत शांति, आत्माओं का स्थिरता, साकार मुरली, ब्रह्माकुमारी teachings, आध्यात्मिक ज्ञान, आकाश से परे, ब्राह्मण तत्व, आत्मा का प्रकाश, नश्वर और शाश्वत, परमधाम का रहस्य, शिव बाबा, आत्मा की स्थिति, आत्मा का प्रभाव, ब्रह्म तत्व में आत्मा, आध्यात्मिक अध्याय, परमात्मा की परम अवस्था, ज्ञान और शक्ति, शांति और सुख, ब्रह्म तत्व स्थिरता,
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