A-p 27″Do the thoughts and vibrations of one soul affect another soul

आत्मा-पदम (27)क्या एक आत्मा के संकल्प और वायब्रेशन दूसरी आत्मा को प्रभावित करते हैं

A-p 27″Do the thoughts and vibrations of one soul affect another soul

( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

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कौन बनेगा पद्मा पदम पति

परमपिता परमात्मा आकर हमें समझाते हैं—बच्चे, आप अपने कर्मों से जो कर्म अकर्म बनाएंगे, जो कर्म आत्मा समझकर न्यारे प्यारे होकर करेंगे, वही आपको पद्मा पदम पति बनाएंगे।

इसके लिए बाबा के ज्ञान का मंथन बहुत अच्छी तरह करो, ताकि कहीं भी आपके द्वारा कोई भी कर्म विकर्म न बन जाए। इस अटेंशन के लिए हम रोजाना बाबा के ज्ञान का मंथन करते हैं।

आज का विषय

क्या एक आत्मा के संकल्प और वाइब्रेशन दूसरी आत्मा को प्रभावित करते हैं?

पहली नजर में कहा जाए तो—हां, करते हैं। लेकिन इसके पीछे का गहरा रहस्य क्या है?


आत्मा के संकल्प और विचार तरंगों का परिचय

संकल्प और विचार की तरंगे क्या होती हैं? इसे समझने का प्रयास करेंगे।

1. आत्मा के विचार और वाइब्रेशन की शक्ति

  • आत्मा विचार करती है, और यह विचार स्वयं एक ऊर्जा (Energy) होती है।
  • इसकी प्रभावशीलता इस पर निर्भर करती है कि हमने उसे कितनी गहराई से अपने जीवन में धारण किया है।
  • यदि विचार केवल आया और चला गया, तो वह हल्का रहेगा, लेकिन यदि हमने उसे बार-बार अपने जीवन में अप्लाई किया, तो वह संस्कार बन जाएगा।
  • जितना पक्का संस्कार, उतना गहरा और प्रभावी वाइब्रेशन।

2. विचारों का विस्तार कैसे होता है?

  • प्रथम वृत्ति, फिर दृष्टि, फिर कृति।
  • जब संकल्प वृत्ति का हिस्सा बनता है, तो वह हमारी दृष्टि, बोल और कर्म में प्रकट होने लगता है।
  • लोग हमारी बातचीत, स्वभाव और दृष्टिकोण से हमारे वाइब्रेशन को महसूस करने लगते हैं।

3. वाइब्रेशन कैसे फैलते हैं?

  • पहले हमारे नजदीकी वातावरण में, फिर धीरे-धीरे दूर तक।
  • यदि हम एकांत में बैठकर संसार की आत्माओं को संकल्प भेजते हैं, तो वे उन तक पहुंचते हैं।

विज्ञान और अध्यात्म में संकल्प की शक्ति

1. रिमोट कंट्रोल और विचार तरंगें

  • जैसे टेलीविजन और मोबाइल रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल होते हैं, वैसे ही हमारे संकल्प भी तरंगों के रूप में प्रसारित होते हैं।
  • यह तरंगे इलेक्ट्रॉनिक वेव्स की तरह होती हैं—देखने में नहीं आतीं, लेकिन प्रभाव डालती हैं।

2. आत्मा का संकल्प दूसरी आत्मा को प्रभावित कर सकता है

  • विचारों का आदान-प्रदान (Telepathy) संभव है।
  • यदि कोई व्यक्ति हमारे बारे में सोच रहा है, तो हमें अचानक फोन या संदेश प्राप्त हो सकता है।
  • जादू टोना और सिद्धियों में भी संकल्प शक्ति का उपयोग किया जाता है, जहां किसी के संकल्प को प्रभावित करने की विधि अपनाई जाती है।

भक्ति मार्ग और ज्ञान मार्ग में विचारों और वाइब्रेशंस का प्रभाव

1. भक्ति मार्ग में ध्यान और संकल्प की शक्ति

  • ध्यान में, आत्मा अपने संकल्प के अनुसार कहीं भी पहुंच सकती है।
  • यदि हम किसी प्रियजन के बारे में ध्यानपूर्वक सोचते हैं, तो आत्मा उसके पास सूक्ष्म रूप से जा सकती है और उसे संदेश दे सकती है।

2. ज्ञान मार्ग में वाइब्रेशन का प्रभाव

  • बाबा की मुरलियां हमें यह सिखाती हैं कि जब संकल्प शुद्ध और शांत होते हैं, तो हम दूसरों के वाइब्रेशन को महसूस कर सकते हैं।
  • मन की एकाग्रता बढ़ने पर हम किसी के विचारों को पकड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

  • एक आत्मा के संकल्प और वाइब्रेशन का प्रभाव दूसरी आत्मा पर अवश्य पड़ता है।
  • विचारों की ऊर्जा तरंगों की तरह कार्य करती है, जिसे विज्ञान भी मान्यता देता है।
  • ध्यान और सकारात्मकता से संकल्पों को नियंत्रित करके दूसरों को प्रेरित किया जा सकता है।
  • कौन बनेगा पद्मा पदम पति?

    प्रश्न 1: पद्मा पदम पति बनने का अर्थ क्या है?
    उत्तर: पद्मा पदम पति बनने का अर्थ है—ऐसे कर्म करना जो पूरी तरह से अकर्म बन जाएं। जब आत्मा ज्ञान और योग से न्यारी-प्यारी होकर कर्म करती है, तो वे पदम कर्म बनते हैं, जो आत्मा को श्रेष्ठ पद प्राप्त करने में सहायक होते हैं।


    प्रश्न 2: क्या एक आत्मा के संकल्प और वाइब्रेशन दूसरी आत्मा को प्रभावित करते हैं?
    उत्तर: हां, आत्मा के संकल्प और वाइब्रेशन दूसरों को प्रभावित कर सकते हैं। विचार भी एक ऊर्जा होती है, और जब कोई आत्मा गहराई से किसी विषय पर सोचती है, तो वह ऊर्जा तरंगों के रूप में फैलती है और दूसरी आत्माओं को प्रभावित कर सकती है।


    प्रश्न 3: विचारों की ऊर्जा का प्रभाव किस प्रकार होता है?
    उत्तर: विचार पहले वृत्ति का हिस्सा बनते हैं, फिर वे दृष्टि और अंततः कृति (कर्म) में प्रकट होते हैं। हमारे विचारों के अनुसार हमारी दृष्टि और व्यवहार ढल जाता है, जिससे हमारा वाइब्रेशन दूसरों पर प्रभाव डालता है।


    प्रश्न 4: वाइब्रेशन कैसे फैलते हैं?
    उत्तर: वाइब्रेशन पहले हमारे नजदीकी वातावरण में प्रभाव डालते हैं, फिर धीरे-धीरे दूर तक फैलते हैं। यदि हम एकांत में बैठकर संसार की आत्माओं को शुद्ध संकल्प भेजते हैं, तो वे उन तक पहुंचते हैं और उनके मन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।


    प्रश्न 5: क्या संकल्प की शक्ति को विज्ञान भी मान्यता देता है?
    उत्तर: हां, संकल्प की शक्ति को विज्ञान भी मान्यता देता है। टेलीपैथी, विचार संचार (Thought Transmission) और रिमोट इंफ्लुएंसिंग जैसी अवधारणाएं विज्ञान में भी शोध का विषय रही हैं।


    प्रश्न 6: भक्ति मार्ग और ज्ञान मार्ग में वाइब्रेशन का क्या महत्व है?
    उत्तर:

    1. भक्ति मार्ग: ध्यान और भक्ति में आत्मा अपने संकल्प से दूसरों को प्रभावित कर सकती है। एक भक्त अपने प्रिय देवता से गहरे संकल्प द्वारा जुड़ सकता है।
    2. ज्ञान मार्ग: जब आत्मा शुद्ध और शक्तिशाली संकल्प धारण करती है, तो उसकी उपस्थिति मात्र से अन्य आत्माओं को शांति और शक्ति प्राप्त होती है।

    प्रश्न 7: क्या विचारों का आदान-प्रदान बिना बोले भी संभव है?
    उत्तर: हां, विचारों का आदान-प्रदान बिना बोले भी संभव है, जिसे टेलीपैथी कहते हैं। कई बार हम अचानक किसी व्यक्ति के बारे में सोचते हैं और उसी समय उसका फोन या संदेश आ जाता है। यह विचारों की तरंगों के आदान-प्रदान का एक उदाहरण है।


    प्रश्न 8: नकारात्मक संकल्पों से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
    उत्तर: नकारात्मक संकल्पों से बचने के लिए हमें बाबा के ज्ञान का गहराई से मंथन करना चाहिए। जब आत्मा श्रेष्ठ चिंतन में रहती है, तो वह नकारात्मकता से बचकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मकता में बदल सकती है।


    निष्कर्ष:
    एक आत्मा के संकल्प और वाइब्रेशन निश्चित रूप से दूसरी आत्मा पर प्रभाव डालते हैं। यदि हमारे संकल्प शुद्ध और सकारात्मक हैं, तो वे दूसरों को भी ऊर्जावान बना सकते हैं। ध्यान, योग और आत्मा की गहन एकाग्रता से विचारों की शक्ति को बढ़ाया जा सकता है, जिससे हम न केवल स्वयं को बल्कि पूरे संसार को सकारात्मक वाइब्रेशन दे सकते हैं।

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