AT.GY.-12-योग में अशरीरी अवस्था क्या है?
आत्मा का मूल ज्ञान – वॉल्यूम 1
सेक्शन 2: नींद, मृत्यु और योग की स्थिति
अध्याय: योग में अशरीरी अवस्था क्या है?
क्या आपने कभी सोचा है…
शरीर में रहते हुए भी शरीर से अलग कैसे बना जा सकता है?
क्या “मैं आत्मा हूँ” सिर्फ ज्ञान है या एक अनुभव भी बन सकता है?
इस वीडियो में हम समझेंगे:
अशरीरी अवस्था क्या है?
शरीर में रहते हुए शरीर से अलग कैसे बनें?
राजयोग के माध्यम से आत्मा की असली पहचान कैसे जागृत करें?
इस वीडियो में आप सीखेंगे:
✔ अशरीरी अवस्था की सरल परिभाषा
✔ देह-अभिमान से आत्म-अभिमान की यात्रा
✔ Step-by-step राजयोग अभ्यास
✔ आत्मा और परमात्मा का कनेक्शन कैसे जोड़ें
✔ Meditation में अशरीरी अनुभव कैसे होता है
Murli Points (महत्वपूर्ण मुरली सार)
14-04-2024
“अपने को आत्मा समझ शरीर से न्यारा बनना ही अशरीरी अवस्था है।”
18-03-2024
“अपने को आत्मा समझ परमात्मा से योग लगाओ – यही अशरीरी बनने का अभ्यास है।”
12-03-2024
“योग में आत्मा शरीर से न्यारी होकर अपने स्वरूप का अनुभव करती है।”
जीवन में उपयोग
कोई आपको कुछ भी कहे → याद रखें: “मैं आत्मा हूँ”
डर आए → “मैं शरीर नहीं हूँ”
अटैचमेंट आए → “यह मेरा रोल है”
Powerful Conclusion
अशरीरी अवस्था कोई कल्पना नहीं
यह एक अनुभव है
जिसे हर आत्मा प्राप्त कर सकती है
जब यह अनुभव आ जाता है…
तो जीवन हल्का, शांत और शक्तिशाली बन जाता है।
Disclaimer (डिस्क्लेमर)
यह वीडियो ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक शिक्षाओं (मुरली) पर आधारित है।
इसका उद्देश्य “अशरीरी अवस्था” के गहरे आध्यात्मिक अनुभव को सरल और स्पष्ट रूप में समझाना है।
यह किसी भी वैज्ञानिक या चिकित्सीय दावे का विकल्प नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
कृपया इसे खुले मन से सुनें और अपने विवेक से समझें।


