Avyakt Murli -1991

04/17-03-1991—“To be seated on the elevated seat of a Jewel of Contentment, become a cheerful and carefree soul.”

AV-04/17-03-1991-“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो” “सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने…

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चारों सब्जेक्ट में अनुभवी स्वरूप बनो ज्ञान • योग • धारणा • सेवा — सम्पूर्ण राजयोग जीवन का आधार भूमिका…

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यहाँ आपका टेक्स्ट टाइमलाइन नंबर हटाकर साफ़ रूप में दिया गया है: क्या ज्ञानयोग धारणाऔर सेवा चारों सब्जेक्ट में अनुभवी…