डिवाइन हेल्थ
दिव्य स्वास्थ्य – उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)
मुरली और प्राकृतिक उपाय
राजयोग मुरली का मतलब है राजयोग,
जो सिवाय परमपिता परमात्मा के कोई सिखा नहीं सकता।
उच्च रक्तचाप और जीवन में संतुलन
आज हम चर्चा करेंगे हाई ब्लड प्रेशर की।
हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी अवस्था है जिसमें
रक्त का दबाव (ब्लड प्रेशर)
धमनियों की दीवारों पर सामान्य से अधिक हो जाता है।
इसे समझने के लिए:
जैसे आधा इंच का पाइप है और उस पर 1 इंच की मोटर लगा दी जाए,
तो पाइप पर बहुत प्रेशर पड़ेगा।
यदि मोटर बड़ी और पाइप छोटा है तो प्रेशर बढ़ेगा,
नसों पर दबाव पड़ेगा, वे सिकुड़ जाएँगी और कठोर हो जाएँगी।
धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर बढ़कर शरीर को नुकसान पहुँचाता है।
ब्लड प्रेशर और स्वास्थ्य
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जब नसें सिकुड़ जाती हैं, ब्लड प्रेशर दीवारों पर तेज पड़ता है।
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कहीं नस फट जाए तो ब्रेन हेमरेज हो सकता है।
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ब्रेन में बहुत पतली नसें होती हैं, उनमें ब्लड का प्रेशर ज्यादा होने से खतरा होता है।
ब्लड प्रेशर और खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) अलग चीजें हैं,
परंतु फैट, टेंशन, ईर्ष्या, भय जैसी आदतें खून को गाढ़ा कर देती हैं।
यदि ब्लड गाढ़ा हो जाए और पानी कम पिया जाए तो
खून का प्रवाह रुक सकता है, जिससे ब्लॉकेज हो जाता है।
सामान्य रक्तचाप
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सामान्य ब्लड प्रेशर: 120/80 mmHg
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यदि यह 130/80 से अधिक हो जाए तो हाई बीपी कहा जाता है।
कारण
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अत्याधिक नमक
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तेलीय और प्रोसेस्ड भोजन
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मानसिक दबाव और तनाव
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व्यायाम की कमी
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धूम्रपान और शराब
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नींद की कमी
लक्षण
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सिर दर्द
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चक्कर
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थकान
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धुंधला दिखाई देना
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छाती में दबाव
प्राकृतिक उपाय और मुरली संदेश
18 मई 1965 मुरली:
तनाव और व्यर्थ संकल्प शरीर में रोगों को आमंत्रित करते हैं।
योगी जीवन से मन को हल्का रखो, तब शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
15 जून 1964 मुरली:
जो भोजन शरीर को हल्का और ताजा रखे वही आत्मा को भी ऊर्जावान बनाएगा।
22 अगस्त 1986 मुरली:
छोटी-छोटी आदतें और प्राकृतिक उपाय बड़ी राहत लाते हैं।
5 अगस्त 1965 मुरली:
सकारात्मक सोच और शांति की शक्ति रक्तचाप को नियंत्रित करती है।
क्या खाएँ?
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खट्टे और ताजगी देने वाले फल – अंगूर, संतरा, मौसमी
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सब्जियाँ – लौकी, खीरा, गाजर, चुकंदर, सफेद पेठा
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हरी पत्तियाँ – धनिया, मेथी
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मसाले – पुदीना, जीरा, धनिया, सौंफ
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बीज – अलसी, त्रिफला, अमलतास
निष्कर्ष और सुझाव
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संतुलित आहार अपनाएँ
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नमक और तेलीय भोजन कम करें
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नियमित पानी पिएँ और वॉक करें
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तनाव और क्रोध से बचें
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ध्यान और सकारात्मक सोच का अभ्यास करें

