Pratyakshata-Padam(140) Unwavering faith of devotees-When a flood of devotees will surge

प्रत्यक्षता-पदम(140)भक्तों की अटूट श्रद्धा–जब भक्तों का सैलाब उमड़ेगा

( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

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प्रत्यक्षता का दृश्य  अब भक्तों की लंबी कतारें लगेंगी

अब वह समय आ रहा है जब संसार आपकी ओर देखने लगेगा। जितना अधिक प्रबंध और व्यवस्था बढ़ेगी, उतनी ही आत्माएँ खिंचकर आने लगेंगी। मधुबन में जब भीड़ उमड़ेगी, तब ही यह यादगार बनेगा कि “यहाँ कुछ विशेष हो रहा है!”

वरदान

जितना स्थान बनेगा, उतनी आत्माएँ आएँगी

  1. जैसे-जैसे रहने के स्थान और व्यवस्थाएँ बढ़ेंगी, वैसे-वैसे आने वालों की संख्या भी स्वतः ही बढ़ती जाएगी।
  2. यह परमात्म वरदान है कि जितनी सेवा होगी, उतने ही आत्माएँ परमात्मा की छत्रछाया में आएँगी।
  3. यही इतिहास में भी दिखाया जाता है कि सागर तक लोग पहुँच गए, लेकिन स्थान छोटा पड़ गया।

भक्तों की अटूट श्रद्धा जब भक्तों का सैलाब उमड़ेगा

  1. जब आबू रोड से माउंट आबू तक लाइन लग जाएगी, तब यह प्रत्यक्षता का

 बड़ा संकेत होगा।

  1. लोग सोचेंगे “यह क्या हो रहा है?” और उनका अटेन्शन आपकी

 ओर जाएगा।

  1. अभी तो सिर्फ़ बच्चों का मेला है, लेकिन जब भक्त भी इस मेले में शामिल होंगे, तो भीड़ की कल्पना भी नहीं कर सकते।
  2. भक्तगण सतयुग की प्रजाऔरद्वापरके श्रद्धालु, दोनों मिलकर डबल वंशावली बनाएँगे।

जब भक्तों को

एहसास होगा

कि उनके इष्ट

एकत्र हो गए हैं…

  1. तब वे बिना पूछे, बिना बुलाए, स्वतः ही मधुबन की ओर खिंचे चले आएँगे।
  2. भक्त तो होते ही चातक पक्षी के समानवे सिर्फ़ अपने प्रभु के दर्शन के लिए तड़पते हैं
  3. हर एक चैतन्य मूर्ति के आगे लंबी क्यू (लाइन) लगने वाली है, जहाँ श्रद्धालु परमात्मा की अनुभूति के लिए उमड़ पड़ेंगे।

समाप्ति संदेश

अब वह समय आ रहा है जब आपके योग-तपस्या और सेवा का प्रभाव प्रत्यक्ष होगा। भक्तों का सैलाब उमड़ेगा, परमात्म ज्योति की ओर सबका ध्यान जाएगा, और यही परमात्म प्रत्यक्षता का महान दृश्य होगा।

“अब भक्तों की लंबी कतारें लगेंगी यह प्रत्यक्षता का संकेत है!”

प्रत्यक्षता का दृश्य – अब भक्तों की लंबी कतारें लगेंगी

प्रश्न 1: प्रत्यक्षता का समय आने पर संसार की प्रतिक्रिया कैसी होगी?

उत्तर: जब प्रत्यक्षता का समय आएगा, तब संसार आपकी ओर देखने लगेगा। जितनी अधिक व्यवस्थाएँ और प्रबंध होंगे, उतनी ही अधिक आत्माएँ खिंचकर आएँगी। मधुबन में जब भीड़ उमड़ेगी, तब यह संकेत मिलेगा कि “यहाँ कुछ विशेष हो रहा है।”

प्रश्न 2: भक्तों की लंबी कतारें लगने का क्या संकेत है?

उत्तर:

  1. जब आबू रोड से माउंट आबू तक भक्तों की लंबी कतारें लगेंगी, तब यह प्रत्यक्षता का बड़ा संकेत होगा।

  2. लोग सोचेंगे, “यह क्या हो रहा है?” और उनकी दृष्टि आपकी ओर जाएगी।

  3. भक्तगण सतयुग की प्रजा और द्वापर के श्रद्धालु, दोनों मिलकर डबल वंशावली बनाएँगे।

प्रश्न 3: भक्त बिना बुलाए मधुबन की ओर कैसे खिंचे चले आएँगे?

उत्तर:

  1. जब भक्तों को एहसास होगा कि उनके इष्ट एकत्र हो गए हैं, तब वे बिना पूछे, बिना बुलाए, स्वतः ही मधुबन की ओर खिंचे चले आएँगे।

  2. भक्त चातक पक्षी के समान होते हैं, जो केवल अपने प्रभु के दर्शन के लिए तड़पते हैं।

  3. हर एक चैतन्य मूर्ति के आगे लंबी कतारें लगेंगी, जहाँ श्रद्धालु परमात्म अनुभूति के लिए उमड़ पड़ेंगे।

प्रश्न 4: परमात्म वरदान के अनुसार आत्माएँ सेवा के प्रभाव से कैसे आएँगी?

उत्तर:

  1. जितना स्थान बनेगा, उतनी ही आत्माएँ आएँगी।

  2. यह परमात्म वरदान है कि जितनी सेवा होगी, उतनी ही आत्माएँ परमात्म छत्रछाया में आएँगी।

  3. इतिहास में भी दिखाया जाता है कि सागर तक लोग पहुँच गए, लेकिन स्थान छोटा पड़ गया।

प्रश्न 5: सेवा और योग-तपस्या का प्रत्यक्ष फल क्या होगा?

उत्तर:

  1. जब भक्तों का सैलाब उमड़ेगा, तब सेवा और योग-तपस्या का प्रत्यक्ष परिणाम दिखाई देगा।

  2. परमात्म ज्योति की ओर सबका ध्यान जाएगा और यही परमात्म प्रत्यक्षता का महान दृश्य होगा।

  3. अब वह समय आ गया है जब आपके संकल्पों और कर्मों की शक्ति स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होगी।

समाप्ति संदेश:

अब वह समय आ रहा है जब आपकी योग-तपस्या और सेवा का प्रभाव प्रत्यक्ष होगा। भक्तों का सैलाब उमड़ेगा, परमात्म ज्योति की ओर सबका ध्यान जाएगा, और यही परमात्म प्रत्यक्षता का महान दृश्य होगा।

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