(04)09-01-1985 “Spiritual Personality of the Most Fortunate Souls”
अव्यक्त मुरली-(04)14-01-1985 “शुभ चिन्तक बनने का आधार स्वचिन्तन और शुभ चिन्तन” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 14-01-1985 “शुभ…
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अव्यक्त मुरली-(04)14-01-1985 “शुभ चिन्तक बनने का आधार स्वचिन्तन और शुभ चिन्तन” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 14-01-1985 “शुभ…
ईश्वरीय सेवा-01-दिल से सेवा और बुद्धि से सेवा में क्या अंतर है? (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अध्याय…
अव्यक्त मुरली-(41)26-11-1984 “सच्चे सहयोगी ही सच्चे योगी” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 26-11-1984 “सच्चे सहयोगी ही सच्चे योगी”…
अव्यक्त मुरली-(39)19-11-1984 “बेहद की वैराग्य वृत्ति से सिद्धियों की प्राप्ति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 19-11-1984 “बेहद की…