15-03-1985 “The easy way to be free from hard work – the state of being in the formless, incorporeal state.”
अव्यक्त मुरली-(20)115-03-1985 “मेहनत से छूटने का सहज साधन – निराकारी स्वरूप की स्थिति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
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अव्यक्त मुरली-(20)115-03-1985 “मेहनत से छूटने का सहज साधन – निराकारी स्वरूप की स्थिति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
अव्यक्त मुरली-(52)25-12-1983 “संगमयुग के दिन बड़े ते बड़े मौज मनाने के दिन” 23-12-1983 “डबल लाइट की स्थिति से मेहनत समाप्त”…