17/10-11-1987-“Become a gem of well-wishers and free the world from worries.”
17/10-11-1987-“शुभचिन्तक-मणि बन विश्व को चिन्ताओं से मुक्त करो” “शुभचिन्तक-मणि बन विश्व को चिन्ताओं से मुक्त करो” आज रत्नागर बाप अपने…
Welcome to The Home of Godly Knowledge
अव्यक्त मुरली-(04)14-01-1985 “शुभ चिन्तक बनने का आधार स्वचिन्तन और शुभ चिन्तन” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 14-01-1985 “शुभ…