01/07-11-1989 “The Natural and Elevated Observance of the Three Relationships”
AV-01/07-11-1989-“तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना “तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना” आज विश्व स्नेही बापदादा चारों ओर…
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AV-01/07-11-1989-“तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना “तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना” आज विश्व स्नेही बापदादा चारों ओर…
अव्यक्त मुरली-(20)115-03-1985 “मेहनत से छूटने का सहज साधन – निराकारी स्वरूप की स्थिति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…