(38)26-08-1984 “To achieve goal-oriented success, work for service rather than selfishness.”
अव्यक्त मुरली-(38)126-08-1984 “लक्ष्य प्रमाण सफलता प्राप्त करने के लिए स्वार्थ के बजाए सेवा अर्थ कार्य करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे…
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सृष्टि चक्र :-(07)हर युग में बदलता है धर्म, संस्कृति और जीवन शैली। (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) “हर…
सृष्टि चक्र :-(05)चारों युग क्या हैं? सत्ययुग से कलियुग तक का सफर अध्याय 1 : चारों युग क्या हैं? —…
Questions & Answers (प्रश्नोत्तर):are given below 31-10-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा”‘ मधुबन “मीठेबच्चे – तुम हो स्प्रीचुअल, रूहानी इनकागनीटो सैलवेशन…
(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) साक्षात्कार मूर्त कैसे बने?(14)नए साल का पहला आध्यात्मिक प्लान। स्वयं को सर्व कमजोरियों…