(40)21-11-1984 “Only the one who has self-realization is the divine visible form”
अव्यक्त मुरली-(40)21-11-1984 “स्व-दर्शन धारी ही दिव्य दर्शनीय मूर्त” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 21-11-1984 “स्व-दर्शन धारी ही दिव्य…
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अव्यक्त मुरली-(02)”14-01-1984 “डबल सेवाधारी स्वत: ही मायाजीत” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) (02)”14-01-1984 सतयुग की स्थापना के बारे…
अव्यक्त मुरली-(04)लण्डन ग्रुप के साथअव्यत्क बापदादा की मुलाकात” रिवाइज: 08-01-1982 ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 08-01-1982 “लण्डन…
ज्ञान चिंतन-08-01-1982/सच्चे ब्राह्मण वही जो देह से न्यारे, बाप से प्यारे ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) आधार:…