15/13-12-1995 – “Free yourself from wasteful and disturbing speech; practice economy of speech.”
AV-15/13-12-1995-“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए…
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AV-15/13-12-1995-“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए…
PH.(03)फरिश्ता जीवन और डबल लाइट बनने का रहस्य यहाँ आपके दिए गए पाठ के आधार पर एक व्यवस्थित अध्याय (Chapter)…
अव्यक्त मुरली-(32)“विस्तार को बिन्दी में समाओ” ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) “बापदादा का बुलावा: क्या हम उड़न…