(10)18-02-1986 “Be a constant server and a constant yogi”
अव्यक्त मुरली-(10)18-02-1986 “निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 1. ज्ञान सागर और ज्ञान…
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अव्यक्त मुरली-(10)18-02-1986 “निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 1. ज्ञान सागर और ज्ञान…
अव्यक्त मुरली-(19)12-03-1985 “सत्यता की शक्ति” 12-03-1985 “सत्यता की शक्ति” आज सत बाप, सत शिक्षक, सतगुरू अपने सत्यता के शक्ति स्वरूप…