MURLI 30-06-2024/BRAHMAKUMARIS
MURLI 30-06-2024/MURLI 30-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मन को दुरुस्त रखने के लिए बीच-बीच में 5 सेकेण्ड भी निकाल कर मन की एक्सरसाइज करो”…
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MURLI 30-06-2024/MURLI 30-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मन को दुरुस्त रखने के लिए बीच-बीच में 5 सेकेण्ड भी निकाल कर मन की एक्सरसाइज करो”…
MURLI 29-06-2024/MURLI 29-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – शरीर सहित जो कुछ भी देखने में आता है, यह सब विनाश होना है,…
MURLI 25-06-2024/MURLI 25-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – पक्का-पक्का निश्चय करो कि हम आत्मा हैं, आत्मा समझकर हर काम शुरू करो तो…
MURLI 24-06-2024/MURLI 24-06-2024/BRAHMAKUMARIS “पवित्रता रूपी गुण को धारण कर डायरेक्टर के डायरेक्शन्स पर चलते रहो तो देवताई किंगडम में आ…
MURLI 28-06-2024/MURLI 28-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – अन्तर्मुखी बनो अर्थात् चुप रहो, मुख से कुछ भी बोलो नहीं, हर कार्य शान्ति…
MURLI 26-06-2024/MURLI 26-06-2024/BRAHMAKUMARIS मीठे बच्चे – सदा इसी नशे में रहो कि हमारा पद्मापद्म भाग्य है, जो पतित-पावन बाप के…
MURLI 27-06-2024/MURLI 27-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – तुम्हें शरीर से अलग होकर बाप के पास जाना है, तुम शरीर को साथ…
MURLI 19-06-2024/MURLI 19-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – सबसे मूल सेवा है बाप की याद में रहना और दूसरों को याद दिलाना,…
MURLI 20-06-2024/MURLI 20-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – अब चने मुट्ठी के पीछे अपना समय बरबाद नहीं करो, अब बाप के मददगार…
MURLI 21-06-2024/MURLI 21-06-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – देवता बनने के पहले तुम्हें ब्राह्मण जरूर बनना है, ब्रह्मा मुख सन्तान ही सच्चे…