MURLI 31-05-2024/BRAHMAKUMARIS
MURLI 31-05-2024/MURLI 31-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – बाप आये हैं कांटों को फूल बनाने, सबसे बड़ा कांटा है देह-अभिमान, इससे ही…
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MURLI 31-05-2024/MURLI 31-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – बाप आये हैं कांटों को फूल बनाने, सबसे बड़ा कांटा है देह-अभिमान, इससे ही…
MURLI 30-05-2024/MURLI 30-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – तुम्हें पहला-पहला निश्चय चाहिए कि हमको पढ़ाने वाला स्वयं शान्ति का सागर, सुख का…
MURLI 29-05-2024/MURLI 29-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – याद से याद मिलती है, जो बच्चे प्यार से बाप को याद करते हैं…
MURLI 28-05-2024/MURLI 28-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – बाप है सर्व सम्बन्धों के प्यार की सैक्रीन, एक मीठे माशुक को याद करो…
MURLI 27-05-2024/MURLI 27-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – याद में रहकर भोजन बनाओ तो खाने वाले का हृदय शुद्ध हो जायेगा, तुम…
MURLI 25-05-2024/MURLI 25-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – बाप आये हैं तुम्हें सिविल चक्षु देने, तुम्हें ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है,…
MURLI 11-05-2024/MURLI 11-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – तुम्हें अभी अल्लाह मिला है तो सुल्टे बनो अर्थात् अपने आपको आत्मा समझो, देह…
MURLI 10-05-2024/MURLI 10-05-2024/BRAHMAKUMARIS “मीठे बच्चे – बाप समान रहमदिल बनो, रहमदिल बच्चे सबको दु:खों से छुड़ाकर पतित से पावन बनाने…