(12)February 18, 1985: “The Sangam Era – an era for making body, mind, wealth, and time successful.”
अव्यक्त मुरली-(12)18-02-1985 “संगमयुग – तन, मन, धन और समय सफल करने का युग” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
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अव्यक्त मुरली-(12)18-02-1985 “संगमयुग – तन, मन, धन और समय सफल करने का युग” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
(Short Questions & Answers Are given below (लघु प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 22-06-25 प्रात:मुरली ओम् शान्ति ”अव्यक्त-बापदादा”…