(10)18-02-1986 “Be a constant server and a constant yogi”
अव्यक्त मुरली-(10)18-02-1986 “निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 1. ज्ञान सागर और ज्ञान…
Welcome to The Home of Godly Knowledge
अव्यक्त मुरली-(10)18-02-1986 “निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 1. ज्ञान सागर और ज्ञान…
शांति, शीतलता और धैर्यता की शक्ति।इन तीन शक्तियों में क्या संबंध है? (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) शांति,…
अव्यक्त मुरली-(12)18-02-1985 “संगमयुग – तन, मन, धन और समय सफल करने का युग” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
अव्यक्त मुरली-(10)28-01-1985 विश्व सेवा का सहज साधन – मनसा सेवा। (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) विश्व सेवा का…
अव्यक्त मुरली-(02)”14-01-1984 “डबल सेवाधारी स्वत: ही मायाजीत” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) (02)”14-01-1984 सतयुग की स्थापना के बारे…
अव्यक्त मुरली-(09)20-02-1984 “एक सर्वश्रेष्ठ, महान और सुहावनी घड़ी” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 20-02-1984 “एक सर्वश्रेष्ठ, महान और…
अव्यक्त मुरली-(35)“विधि, विधान और वरदान” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 25-12-1982 “विधि, विधान और वरदान” आज सर्व स्नेही…
अव्यक्त मुरली-(04)“समर्थ की निशानी-संकल्प, बोल, कर्म, स्वभाव, संस्कार बाप समान”11-01-1983 (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 11-01-1983 “समर्थ की…