(100) Mahabharata’s tales are full of curses, blessings and Narada! Where is the real knowledge of the Gita?

(100)महाभारत की गााथा में शाप,वरदानऔर नारद की भरमार! गीता का असली ज्ञान कहाँ?

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“गीता का भगवान कौन है? | असली गीता ज्ञान का रहस्य |”


प्रस्तावना

ओम् शांति।
आज का विषय है— गीता का भगवान कौन है?
यह प्रश्न केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला है। हजारों वर्षों से यह चर्चा चल रही है कि गीता का उपदेशक कौन था— क्या वह श्रीकृष्ण थे या स्वयं परमपिता परमात्मा शिव?


गीता का महत्त्व

गीता को ‘ईश्वरीय वाणी’ कहा गया है।
यह केवल युद्धभूमि की कथा नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा का संवाद है।
जिसे समझने वाला, जीवन में नष्टोमोहा बन जाता है और सच्ची शांति, शक्ति और समाधान को प्राप्त करता है।


प्रश्न: गीता का उपदेशक कौन?

लोग कहते हैं श्रीकृष्ण ने गीता कही।
परंतु गीता स्वयं कहती है कि—
“मैं अजन्मा और अविनाशी परमात्मा हूँ।”
श्रीकृष्ण तो जन्म-मरण में आते हैं।
तो फिर यह वाणी किसकी हो सकती है?


सच्चा परिचय

ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय ज्ञान हमें स्पष्ट बताता है कि गीता का भगवान शिव है—
अजन्मा, निराकार, परमपिता परमात्मा।
श्रीकृष्ण तो गीता ज्ञान का पहला श्रोता है, भगवान नहीं।
भगवान शिव ने युद्धभूमि के समय अर्जुन के तन द्वारा गीता का उपदेश दिया।


आज की शिक्षा

हमें भ्रम छोड़कर सच्चाई को पहचानना है।
गीता का ज्ञान हमें आत्मा स्वरूप की पहचान कराता है और परमात्मा शिव से सच्चा संबंध जोड़ता है।
यही संबंध हमें बनाता है नष्टोमोहा और प्रभु प्यार का पात्र।


समापन

आज हम सब यह प्रतिज्ञा लें कि सच्चे गीता भगवान को पहचानेंगे, उनके ज्ञान को जीवन में धारण करेंगे और संसार में शांति और प्रेम का संदेश फैलाएँगे।

“माया पर विजय कैसे पाएँ? | शिव बाबा की शिक्षाएँ”


प्रश्नोत्तर (Q&A)

प्रश्न 1: माया क्या है?

उत्तर: माया कोई बाहरी शक्ति नहीं है, बल्कि हमारे अंदर की पाँच विकारों की ऊर्जा है — काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार। जब आत्मा अपने स्वधर्म शांति और पवित्रता से हटती है, तो माया हावी हो जाती है।


प्रश्न 2: माया पर विजय पाना क्यों आवश्यक है?

उत्तर: माया पर विजय पाए बिना आत्मा स्वतंत्र और सच्ची सुख-शांति का अनुभव नहीं कर सकती। विकार आत्मा को बंधन में डाल देते हैं और आत्मा अपने परमधाम और परमात्मा को भूल जाती है। विजय प्राप्त करने से आत्मा अपने असली स्वरूप और अधिकार में आती है।


प्रश्न 3: माया को हराने का सबसे आसान तरीका क्या है?

उत्तर: शिव बाबा ने राजयोग सिखाया है। योग से आत्मा परमात्मा से शक्ति लेती है। जैसे बिजली का तार स्रोत से जुड़ने पर प्रकाश देता है, वैसे ही आत्मा परमपिता परमात्मा से जुड़कर दिव्य शक्ति प्राप्त करती है। यही शक्ति माया को हराने में मदद करती है।


प्रश्न 4: क्या केवल ज्ञान से माया पर विजय पाई जा सकती है?

उत्तर: केवल ज्ञान से नहीं। ज्ञान मार्ग दिखाता है, लेकिन शक्ति योग से मिलती है। ज्ञान से समझ बनती है, पर विजय योग-बल और बाबा के प्यार से ही संभव है।


प्रश्न 5: जब माया हमला करती है, तो हमें क्या करना चाहिए?

उत्तर: तुरंत अपने को आत्मा समझकर शिव बाबा को याद करें। स्मृति का स्विच ऑन करने से माया का अंधकार मिट जाता है। बाबा कहते हैं – “स्मृति ही सुरक्षा कवच है।”

Disclaimer:
इस वीडियो में प्रस्तुत ज्ञान ब्रह्माकुमारियों की मुरली एवं आध्यात्मिक शिक्षाओं पर आधारित है। यह किसी भी धर्म, संप्रदाय, मत या परंपरा का खंडन नहीं करता। इसका उद्देश्य केवल आत्मा और परमात्मा के सच्चे संबंध की पहचान कराना तथा जीवन में शांति, सुख और पवित्रता लाना है। दर्शकों से निवेदन है कि इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से सुनें और अपने जीवन में आत्मकल्याण के लिए अपनाएँ।

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