(10)The mystery of the cemetery vampire. Do spirits really haunt the cemetery?

भूत ,प्रेत:-(10)शमशान पिशाच का रहस्य। क्या आत्माएं सचमुच शमशान में भटकती हैं?

(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

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अध्याय 10: श्मशान पिशाच का आध्यात्मिक रहस्य


1. प्रस्तावना — क्या आत्माएं सच में श्मशान में भटकती हैं?

भूत, प्रेत, पिशाच, निशाचर…
इन सबके बारे में कई मिथक हैं।
आज का विषय है — श्मशान पिशाच का आध्यात्मिक रहस्य

लोग डर के कारण कहते हैं कि श्मशान में पिशाच रहते हैं।
परंतु क्या यह जीव सच में होते हैं या यह हमारे मन की ऊर्जा का प्रतिबिंब है?


2. अनुभव उदाहरण — श्मशान का पहला दिन

गुड़गांव के श्मशान भूमि में बाबा के कहने पर गया।

  • पहली बार डर लगा

  • मन में कल्पना थी कि “कहीं से कोई निकल ना आए”

  • काफी अंदर जाने पर एक लड़का दिखा, डर हुआ

  • पर धीरे-धीरे समझ आया कि डर मन की देन है, स्थान की नहीं

जिनके घर श्मशान के पास हैं, वे रोज़ जलती देह देखते हैं —
उन्हें कोई डर नहीं लगता।

डर ज्ञान की कमी से उत्पन्न होता है।


3. श्मशान पिशाच क्या होता है?

(आध्यात्मिक परिभाषा)

श्मशान पिशाच कोई अलग जीव नहीं है।

यह है:

✔ नकारात्मक मानसिक तरंगें (disturbed energy)
✔ अशांत आत्माओं का भावनात्मक वाइब्रेशन
✔ डर का मनोवैज्ञानिक प्रभाव

जिस आत्मा का मोह, क्रोध, हिंसा या अधूरे कर्म ज्यादा हैं,
उसकी ऊर्जा कुछ समय तक उसी स्थान पर महसूस हो सकती है।


4. Murli Notes — (18 अगस्त 2023)

“बच्चे, राक्षस-पिशाच कोई देह वाला जीव नहीं।
वे आत्माएं हैं जिनमें क्रोध, वासना और हिंसा भरी हुई है।
वे शारीरिक नुकसान नहीं करतीं, केवल मन को कमजोर करती हैं।”

➡ इसका अर्थ:
श्मशान पिशाच = विकारों में फँसी आत्माओं की कंपन ऊर्जा


5. कौन-सी आत्माएं श्मशान में ऊर्जा छोड़ती हैं?

जब आत्मा:

  • अचानक मृत्यु के कारण दुख में हो

  • अत्यधिक मोह में फँसी हो

  • क्रोध, प्रतिशोध, अधूरी इच्छाओं में हो

तो उसकी ऊर्जा कुछ समय तक वहाँ रहती है।

जैसे:

  • हत्या स्थल

  • दुर्घटना स्थल

  • भावनात्मक सदमे वाले स्थान

लोग इस कंपन को “पिशाच” समझ लेते हैं।


6. क्या आत्माएं श्मशान में रहती हैं?

नहीं — आत्मा शरीर छोड़ते ही निकल जाती है।

श्मशान केवल शरीर का अंतिम स्थान है, आत्मा का नहीं।

ऊनर्जा के निशान रह जाते हैं, आत्माएं नहीं।


7. Murli Notes — (5 जनवरी 2024)

“जहां डर और अंधविश्वास होता है,
वहीं भूत-पिशाच का खेल चलता है।
जहां ईश्वर स्मृति है, वहां उनकी हिम्मत नहीं होती।”

➡ डर = नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है
➡ स्मृति = सुरक्षा कवच बन जाती है


8. क्या राक्षस या पिशाच शरीर में प्रवेश करते हैं?

शास्त्रों का “प्रवेश” शब्द ऊर्जा एटैचमेंट है, शरीर में घुसना नहीं।

Murli Notes — (11 अप्रैल 2022):

“राक्षस प्रवेश नहीं करते।
मन में राक्षसी विचार उत्पन्न होते हैं।”

उदाहरण:

  • कंस, रावण, दुर्योधन राक्षस नहीं थे

  • उनकी विचारधारा राक्षसी थी


9. वैज्ञानिक दृष्टिकोण — भावनाओं की छाप

जिस स्थान पर:

  • बहुत रोना

  • भय

  • हिंसा

  • दुख

  • मृत्यु

इनकी भावनाएं होती हैं, वहाँ एक इमोशनल प्रिंट बन जाता है।

इसी प्रिंट को लोग पिशाच कह देते हैं।


10. श्मशान पिशाच से सुरक्षा

1. राजयोग ध्यान — आत्मा की आभा मजबूत
2. शिव बाबा की स्मृति — नकारात्मक ऊर्जा पास नहीं आती
3. घर में शांति, मुरली, ओम शांति
4. भावनात्मक पवित्रता और निडरता
5. हॉरर कंटेंट से दूरी — मन स्वच्छ रहता है


11. Murli Notes — (2 अक्टूबर 2023)

“बच्चे, योग बल ही भूत-पिशाच को दूर रखता है।
यह शक्ति मन की पवित्रता से मिलती है।”


12. डर क्यों खतरनाक है?

  • डर आत्मा की शक्ति को गिराता है

  • डर मन में काल्पनिक छवियाँ तैयार करता है

  • डर नकारात्मक वाइब्रेशन को आकर्षित करता है

Murli Notes — (9 जुलाई 2024):

“तुम शिव बाबा के बच्चे हो।
तुमसे बड़ा प्रोटेक्टर कोई नहीं।”


13. श्मशान में कैसे निडर रहें?

✔ शिव बाबा की रोशनी की कल्पना करें
✔ “मैं आत्मा हूँ, मैं प्रकाश हूँ” संकल्प दो
✔ शांति की किरणें फैलाओ
✔ आत्माओं को दुआ दो, भय नहीं

बाबा कहते हैं:

“बच्चे, आत्माओं को भय नहीं, दुआएं दो।”

श्मशान पिशाच का आध्यात्मिक रहस्य

Questions & Answers Format


Q1. क्या आत्माएं सच में श्मशान में भटकती हैं?

A: नहीं। आत्मा शरीर छोड़ते ही निकल जाती है।
श्मशान केवल शरीर का अंतिम स्थान है, आत्मा का नहीं।
वहाँ जो अनुभव होता है, वह आत्माओं का नहीं बल्कि उनकी भावनात्मक ऊर्जा के निशान होते हैं—
जिन्हें लोग पिशाच समझ लेते हैं।


Q2. लोग क्यों कहते हैं कि श्मशान में पिशाच रहते हैं?

A: इसका कारण डर है, आत्माएं नहीं।
मन डरता है, इसलिए दिमाग नकारात्मक छवियाँ बनाता है।
श्मशान में लोग मृत्यु, दुख और विच्छेद की ऊर्जा महसूस करते हैं, जिसे लोग पिशाच कह देते हैं।

डर = मन की प्रतिक्रिया, वास्तविकता नहीं।


Q3. श्मशान पिशाच क्या होता है? (आध्यात्मिक परिभाषा)

A:
श्मशान पिशाच कोई जीव नहीं होता।
वह होता है —

  • नकारात्मक मानसिक तरंगें

  • अशांत आत्माओं के भावनात्मक कंपन

  • डर से बनी मानसिक कल्पनाएँ

Murli (18 अगस्त 2023):
“राक्षस-पिशाच कोई देह वाला जीव नहीं। वे क्रोध और हिंसा से भरी आत्माएं होती हैं, जो मन को कमजोर करती हैं।”


Q4. किन आत्माओं की ऊर्जा श्मशान में महसूस हो सकती है?

A: जिन आत्माओं की मृत्यु —

  • अचानक होती है

  • भारी मोह में होती है

  • क्रोध, प्रतिशोध, अधूरी इच्छाओं में होती है

उनकी भावनात्मक छाप कुछ समय तक वहाँ रहती है।
आत्माएं नहीं रहतीं — केवल उनका वाइब्रेशन रहता है।


Q5. क्या आत्माएं श्मशान में रहती हैं?

A: नहीं।
आत्मा तुरंत शरीर से आगे बढ़ जाती है।
श्मशान में केवल उसकी पुरानी ऊर्जा (इमोशनल प्रिंट) रह जाती है।


Q6. क्या पिशाच या राक्षस शरीर में प्रवेश करते हैं?

A: नहीं।
शास्त्रों में “प्रवेश” का अर्थ शरीर में घुसना नहीं है —
बल्कि मन पर नकारात्मक विचारों का प्रभाव है।

Murli (11 अप्रैल 2022):
“राक्षस प्रवेश नहीं करते। मन में राक्षसी विचार प्रकट होते हैं।”

उदाहरण:
कंस, रावण, दुर्योधन— ये जीव राक्षस नहीं थे
उनकी विचारधारा राक्षसी थी।


Q7. श्मशान में डर क्यों लगता है?

A:

  • शांति

  • अंधेरा

  • मृत्यु का वातावरण

  • मन की कल्पनाएँ

  • भावनाओं की छाप

इन सबका संयोजन व्यक्ति को भयभीत करता है।
जहां ज्ञान नहीं, वहां डर होता है।


Q8. Murli क्या कहती है? (5 जनवरी 2024)

A:
“जहां डर और अंधविश्वास है, वहीं भूत-पिशाच का खेल होता है।
जहां ईश्वर स्मृति है, वहां उनकी हिम्मत नहीं होती।”

डर = नकारात्मकता को आकर्षित करता है
स्मृति = सुरक्षा कवच


Q9. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पिशाच क्या है?

A:
जहां बहुत अधिक —

  • रोना

  • हिंसा

  • भय

  • दुख

  • मृत्यु

ये भावनाएं होती हैं, वहाँ एक इमोशनल प्रिंट बन जाता है।
यही ऊर्जा को लोग पिशाच समझ लेते हैं।


Q10. श्मशान पिशाच से सुरक्षा कैसे होती है?

A:
✔ राजयोग ध्यान — आभा मजबूत
✔ शिव बाबा की स्मृति — नकारात्मकता पास नहीं आती
✔ घर में मुरली, ओम शांति, सकारात्मक वातावरण
✔ पवित्र संकल्प — उन्नत ऊर्जा
✔ हॉरर कंटेंट से दूरी — मन स्वच्छ

Murli (2 अक्टूबर 2023):
“योग बल ही भूत-पिशाच को दूर रखता है।”


Q11. डर क्यों खतरनाक है?

A:

  • डर आत्मा की शक्ति गिराता है

  • काल्पनिक दृश्य बनाता है

  • नकारात्मक वाइब्रेशन खींचता है

Murli (9 जुलाई 2024):
“तुम शिव बाबा के बच्चे हो। तुमसे बड़ा प्रोटेक्टर कोई नहीं।”


Q12. श्मशान में निडर कैसे रहें?

A:
✔ “मैं आत्मा हूँ, मैं प्रकाश हूँ”
✔ शिव बाबा की रोशनी अपने चारों ओर कल्पना करें
✔ वातावरण में शांति और दुआएं फैलाएँ
✔ आत्माओं को भय नहीं, शुभकामनाएँ दें

बाबा कहते हैं:
“बच्चे, आत्माओं को भय नहीं, दुआएं दो।”


निष्कर्ष (सार)

श्मशान पिशाच कोई जीव नहीं—
बल्कि नकारात्मक ऊर्जा, भय, और अशांत आत्माओं की कंपन से बना मनोवैज्ञानिक प्रभाव है।
राजयोग, स्मृति, और ज्ञान से आत्मा इतनी शक्तिशाली बन जाती है कि
कोई नकारात्मक ऊर्जा उसके पास नहीं आ सकती।

Disclaimer :

यह वीडियो भय पैदा करने के लिए नहीं है।
इसका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण, मुरली ज्ञान और मनोवैज्ञानिक सत्य के आधार पर श्मशान, भूत-प्रेत और नकारात्मक ऊर्जा की वास्तविकता समझाना है।
हम अंधविश्वास नहीं फैलाते, बल्कि ज्ञान और शांति द्वारा डर मिटाने का प्रयास करते हैं।

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ओम शांति।