(47)“Attainment of all powers through concentration”

अव्यक्त मुरली-(47)“एकाग्रता से सर्व शक्तियों की प्राप्ति” 12-12-1983

(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

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अध्याय: एकाग्रता से सर्व शक्तियों की प्राप्ति

अव्यक्त बापदादा मुरली – 12 दिसम्बर 1983


🌸 प्रस्तावना

आज बापदादा ने मिलन के अवसर पर बच्चों को यह रहस्य समझाया कि “एकाग्रता ही सहज सफलता की चाबी है।”
जहाँ एकाग्रता है, वहाँ सर्व शक्तियाँ स्वतः साथ होती हैं। चाहे लौकिक हो या अलौकिक, हर नवीन इन्वेन्शन के लिए एकाग्रता आवश्यक है।


1. एकाग्रता की परिभाषा

  • एकाग्रता = एक ही संकल्प में टिक जाना।

  • एक ही लगन में मगन हो जाना।

  • मन का इधर-उधर भटकना समाप्त हो जाना।

उदाहरण:
जैसे चातक पक्षी एक-एक बूंद वर्षा की प्रतीक्षा करता है, वैसे ही साधक आत्मा एक-एक सेकण्ड को अभ्यास में लगाती है।


2. संगठन की एकाग्रता का प्रभाव

  • एक श्रेष्ठ आत्मा की एकाग्रता भी कमाल कर सकती है।

  • जब अनेक श्रेष्ठ आत्माओं की शक्ति संगठित होती है, तो असम्भव भी सम्भव हो जाता है।

  • यही संगठन की शक्ति विश्व-परिवर्तन का आधार है।

Murli Note (12-12-1983):
“यह संगठन की एक संकल्प की एकाग्रता की शक्ति जो चाहे वह कर सकती है।”


3. एकाग्रता से प्राप्त विशेष शक्तियाँ

  • मन का नियंत्रण: देह और देह की दुनिया सहज भूल जाती है।

  • दूरसंचार (Telepathy): किसी भी आत्मा तक अपना संदेश पहुँचा सकते हो।

  • सहयोग शक्ति: दूर बैठे भी आत्माओं को सहयोग और शक्ति दे सकते हो।

  • स्पष्टता और श्रेष्ठता: मन, बुद्धि और कर्मों में स्वतः आ जाती है।


4. एकान्त का अभ्यास

  • एकाग्रता की प्रैक्टिस के लिए एकान्त आवश्यक है।

  • अभ्यास से इतना सामर्थ्य आ जाता है कि हलचल और हंगामे के बीच भी आत्मा एकान्तवासी हो जाती है।

  • यही महारथियों का पुरुषार्थ है।


5. आने वाले समय की तैयारी

बापदादा ने चेतावनी दी:

  • आगे चलकर एमर्जेन्सी केसेज़ बढ़ेंगे।

  • आत्माओं को निराशा और रोग से मुक्ति दिलानी होगी।

  • उस समय स्व-अभ्यास की ऑक्सीजन से आत्माओं को साहस का श्वास देना पड़ेगा।

Murli Note (12-12-1983):
“होपलेस आत्माओं को साहस दिलाना ही श्वास भरना है।”


6. सहज शॉर्टकट – “एक”

  • नए बच्चों के लिए शॉर्टकट है:

    • एक बाप को याद करो।

    • एक का गीत गाओ।

    • एक की महिमा करो।

  • इससे सहज ही एकरस स्थिति बन जाती है।

उदाहरण:
जैसे अनेक गीत याद नहीं रहते, परन्तु एक ही राग बार-बार गाया जाये तो सहज स्मृति बन जाती है।


7. विशेष शिक्षा माताओं के लिए

  • माताओं को “जगत की ज्योति” कहा गया।

  • एक-एक दीपक जलाकर अनेक आत्माओं को प्रज्वलित कर सकती हैं।

  • ब्राह्मण जीवन का काम है – “गाना और नाचना” यानी मन को सदा खुशी में रखना।


8. प्रश्नोत्तर से मुख्य सीख

प्रश्न: सेवा का सहज साधन और सर्व को आकर्षित करने का साधन कौन सा है?
उत्तर: हर्षितमुख चेहरा।

प्रश्न: तिलक का असली अर्थ क्या है?
उत्तर: स्मृति स्वरुप – “हम तख़्तनशीन हैं” की स्मृति। यही तिलक सदा नशे और खुशी में रखता है।


🌺 निष्कर्ष

  • एकाग्रता = सर्वशक्तियों की कुंजी।

  • एकान्त = एकाग्रता का साधन।

  • संगठन की शक्ति = विश्व परिवर्तन का आधार।

  • शॉर्टकट = “एक बाप – एक याद – एक गीत।”

Murli Note (12-12-1983):
“एकाग्र स्थिति में स्थित हो जाना – यह है महारथियों का महान पुरुषार्थ।”

प्रश्न 1: एकाग्रता की सच्ची परिभाषा क्या है?

उत्तर:
एकाग्रता का अर्थ है –

  • एक ही संकल्प में टिक जाना।

  • एक ही लगन में मगन हो जाना।

  • मन का इधर-उधर भटकना समाप्त हो जाना।

उदाहरण:
जैसे चातक पक्षी एक-एक बूंद वर्षा की प्रतीक्षा करता है, वैसे ही साधक आत्मा हर सेकण्ड को अभ्यास में लगाती है।


प्रश्न 2: संगठन की एकाग्रता का प्रभाव क्या है?

उत्तर:

  • एक श्रेष्ठ आत्मा की एकाग्रता भी अद्भुत कार्य कर सकती है।

  • जब अनेक श्रेष्ठ आत्माओं की शक्ति संगठित होती है, तो असम्भव भी सम्भव हो जाता है।

  • यही संगठन की शक्ति विश्व-परिवर्तन का आधार है।

Murli Note (12-12-1983):
“यह संगठन की एक संकल्प की एकाग्रता की शक्ति जो चाहे वह कर सकती है।”


प्रश्न 3: एकाग्रता से कौन-कौन सी विशेष शक्तियाँ प्राप्त होती हैं?

उत्तर:

  • मन का नियंत्रण – देह और देह की दुनिया सहज भूल जाती है।

  • दूरसंचार (Telepathy) – किसी भी आत्मा तक संदेश पहुँचा सकते हैं।

  • सहयोग शक्ति – दूर बैठे भी आत्माओं को सहयोग और शक्ति दे सकते हैं।

  • स्पष्टता और श्रेष्ठता – मन, बुद्धि और कर्मों में स्वतः आ जाती है।


प्रश्न 4: एकान्त का अभ्यास क्यों आवश्यक है?

उत्तर:

  • एकान्त, एकाग्रता की प्रैक्टिस का साधन है।

  • अभ्यास से इतना सामर्थ्य आ जाता है कि हलचल और हंगामे के बीच भी आत्मा एकान्तवासी हो जाती है।

  • यही महारथियों का पुरुषार्थ है।


प्रश्न 5: आने वाले समय के लिए बापदादा ने क्या चेतावनी दी?

उत्तर:

  • आगे चलकर एमर्जेन्सी केसेज़ बढ़ेंगे।

  • आत्माओं को निराशा और रोग से मुक्ति दिलानी होगी।

  • उस समय आत्माओं को स्व-अभ्यास की ऑक्सीजन से साहस का श्वास देना होगा।

Murli Note (12-12-1983):
“होपलेस आत्माओं को साहस दिलाना ही श्वास भरना है।”


प्रश्न 6: सहज शॉर्टकट “एक” का क्या अर्थ है?

उत्तर:
नए बच्चों के लिए शॉर्टकट:

  • एक बाप को याद करो।

  • एक का गीत गाओ।

  • एक की महिमा करो।

उदाहरण:
जैसे अनेक गीत याद नहीं रहते, लेकिन एक ही राग बार-बार गाया जाये तो सहज स्मृति बन जाती है।


प्रश्न 7: माताओं के लिए विशेष शिक्षा क्या है?

उत्तर:

  • माताओं को “जगत की ज्योति” कहा गया।

  • वे एक-एक दीपक जलाकर अनेक आत्माओं को प्रज्वलित कर सकती हैं।

  • ब्राह्मण जीवन का काम है – “गाना और नाचना” अर्थात् मन को सदा खुशी में रखना।


प्रश्न 8: सेवा का सहज साधन और सर्व को आकर्षित करने का साधन कौन सा है?

उत्तर:
हर्षितमुख चेहरा।


प्रश्न 9: तिलक का असली अर्थ क्या है?

उत्तर:
स्मृति स्वरुप – “हम तख़्तनशीन हैं” की स्मृति।
यही तिलक हमें सदा नशे और खुशी में रखता है।


🌺 निष्कर्ष

  • एकाग्रता = सर्वशक्तियों की कुंजी।

  • एकान्त = एकाग्रता का साधन।

  • संगठन की शक्ति = विश्व परिवर्तन का आधार।

  • शॉर्टकट = “एक बाप – एक याद – एक गीत।”

Disclaimer

यह वीडियो ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya) की अव्यक्त मुरली पर आधारित है।
हमारा उद्देश्य केवल आध्यात्मिक शिक्षा और आत्मिक जागृति फैलाना है।
इसका किसी भी अन्य संस्था, धर्म या विचारधारा से विरोध या तुलना करना उद्देश्य नहीं है।

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