(09)How will some buildings and bodies remain intact even after a nuclear annihilation?

S.Y.(09)परमाणु विनाश के बाद भी कुछ भवन और शरीर सुरक्षित कैसे रहेंगे?

YouTube player

(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)

अध्याय 9

संगम युग ही नई दुनिया की नींव


 भूमिका: सबसे बड़ा प्रश्न

आज जब हम परमाणु हथियार, मिसाइल, विश्व तनाव और महाविनाश की बातें सुनते हैं, तो स्वाभाविक प्रश्न उठता है—

“अगर सब कुछ नष्ट हो जाएगा,
तो फिर नई दुनिया कैसे बनेगी?”

परमाणु विनाश के बाद भी कुछ भवन और शरीर सुरक्षित कैसे रहेंगे?


 ब्रह्मा कुमारी ज्ञान का मूल सिद्धांत

विनाश अंधाधुंध नहीं, ड्रामा अनुसार होता है

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान स्पष्ट करता है—

विनाश कोई एक्सीडेंट नहीं है।
विनाश क्रोध का विस्फोट नहीं है।
विनाश ड्रामा का सटीक, संतुलित और चयनात्मक कार्य है।

🕊️ मुरली नोट

“ड्रामा में कुछ भी अचानक नहीं होता,
सब कुछ पहले से निश्चित है।”

साकार मुरली, 30-03-1968

ड्रामा बहुत-बहुत एक्यूरेट है।
यहाँ एक पत्ता भी बिना हिसाब नहीं हिलता।


🔹 परमाणु विनाश का वास्तविक अर्थ

विनाश नहीं, शुद्धिकरण

परमाणु विनाश को बाबा “सफाई की प्रक्रिया” कहते हैं।

उदाहरण:
जैसे किसान खेत बोने से पहले
खरपतवार को जला देता है
ताकि उसका बीज भी नष्ट हो जाए,
वैसे ही—

  • तमोप्रधान तत्वों की सफाई

  • सतोप्रधान सृष्टि की तैयारी

🕊️ मुरली नोट

“यह विनाश नहीं, परिवर्तन है।”
अव्यक्त मुरली, 18-01-1981


🔹 सबसे गहरा प्रश्न

सब आत्माएं विनाश में क्यों नहीं जातीं?

बाबा ने बहुत स्पष्ट बात कही—

“जो नई दुनिया में आने वाली आत्माएं हैं,
उनके शरीर सुरक्षित रहेंगे।”

⚠️ ध्यान दीजिए—
👉 यहाँ आत्मा नहीं, शरीर की बात है।


🔹 परमधाम का अटल नियम

हर आत्मा को घर जाना ही है

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान कहता है—

  • कोई भी आत्मा ऐसी नहीं
    जो परमधाम न जाए

  • कम से कम एक वर्ष
    हर आत्मा परमधाम जाती ही है

🕊️ मुरली नोट

“सब आत्माओं को ड्रामा अनुसार घर जाना ही है।”
साकार मुरली, 21-02-1969


 अंतिम समय का रहस्य

शरीर सुरक्षित, आत्मा परमधाम

मुरली स्पष्ट करती है—

  • नई दुनिया में आने वाली आत्माएं
    योग-निद्रा में शरीर छोड़ेंगी

  • आत्मा परमधाम जाएगी

  • एक वर्ष बाद
    वही आत्मा उसी शरीर को पहनकर
    वापस आएगी

 इसलिए सत्य यह नहीं कि
“कुछ आत्माएं विनाश में नहीं जातीं”
 सत्य यह है—

सभी आत्माएं एक साथ परमधाम जाती हैं


 रानी मक्खी का उदाहरण

जैसे—
रानी मक्खी उड़ती है
तो सारी मक्खियां उसके पीछे जाती हैं,

वैसे ही—

शिव बाबा के साथ
सारी आत्माएं घर जाती हैं।

 मुरली नोट

“एक सेकंड में सारी आत्माएं घर जाती हैं।”
अव्यक्त मुरली, 25-12-1980


 विनाश के समय सुरक्षा किसकी होगी?

बाबा कहते हैं—

  • जिनको अशरीरी बनने का अभ्यास है

  • जिनकी बुद्धि वॉइसलेस डायरेक्शन पकड़ती है

  • जो आत्म-अभिमानी हैं

 वे विनाश में विनाश नहीं होंगे

 मुरली नोट

“अशरीरी अभ्यास वाले सुरक्षित रहते हैं।”
साकार मुरली, 04-05-1970


 नई सृष्टि के लिए बीज

नई दुनिया के लिए
बीज आवश्यक है।

  • बीज को जलाया नहीं जाता

  • बीज सुरक्षित रखा जाता है

 वही बीज हैं
योगी आत्माएं


 प्रकृति किसकी रक्षा करती है?

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान कहता है—

प्रकृति आत्माओं के अनुसार काम करती है।

  • जिन्होंने प्रकृति को शुद्ध किया

  • जिन्होंने योग से वातावरण बदला

प्रकृति उनके शरीर सुरक्षित रखेगी


 विज्ञान भी ड्रामा का साधन है

आज विज्ञान—

  • रेडिएशन से बचाव की कोटिंग

  • बंकर और सेफ ज़ोन बना रहा है

पर वे नहीं जानते—

 वे ड्रामा अनुसार
नई दुनिया की तैयारी
कर रहे हैं।

 मुरली नोट

“विज्ञान साधन है, करने वाला ड्रामा है।”
साकार मुरली, 12-09-1967


 विनाश कौन कराता है?

 न कोई आत्मा
 न बाबा

ड्रामा अनुसार
साइंटिस्टों के द्वारा
यह कार्य होता है।


 भय क्यों नहीं होना चाहिए?

क्योंकि—

  • भय देह-अभिमान से आता है

  • निश्चिंतता आत्म-अभिमान से

 मुरली नोट

“ड्रामा को जानने वाला सदा निश्चिंत रहता है।”
अव्यक्त मुरली, 05-02-1982


 अंतिम सत्य

वास्तविक सुरक्षा का साधन

 बंकर
 दीवार
 हथियार

केवल एक साधन है—

योग बल

योग बल से ही रक्षा होती है।
योग बल से ही नई दुनिया का बीज बनता है।

प्रश्न 1:

आज के समय में सबसे बड़ा प्रश्न क्या है?

✅ उत्तर:

आज जब हम परमाणु हथियार, मिसाइल, विश्व तनाव और महाविनाश की बातें सुनते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि—
“अगर सब कुछ नष्ट हो जाएगा, तो फिर नई दुनिया कैसे बनेगी?”


प्रश्न 2:

परमाणु विनाश के बाद भी कुछ भवन और शरीर सुरक्षित कैसे रहेंगे?

✅ उत्तर:

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान के अनुसार, विनाश अंधाधुंध नहीं, बल्कि ड्रामा अनुसार, चयनात्मक और संतुलित होता है।
जो आत्माएं नई दुनिया में आने वाली हैं, उनके शरीर सुरक्षित रखे जाते हैं, क्योंकि वे नई सृष्टि के बीज हैं।


 प्रश्न 3:

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान में विनाश को कैसे समझाया गया है?

✅ उत्तर:

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान स्पष्ट करता है कि—

  • विनाश कोई एक्सीडेंट नहीं है

  • विनाश क्रोध का विस्फोट नहीं है

  • विनाश ड्रामा का सटीक और पूर्व-निर्धारित कार्य है

मुरली प्रमाण:
“ड्रामा में कुछ भी अचानक नहीं होता, सब कुछ पहले से निश्चित है।”
साकार मुरली, 30-03-1968


 प्रश्न 4:

परमाणु विनाश का वास्तविक अर्थ क्या है?

✅ उत्तर:

परमाणु विनाश का अर्थ नाश नहीं, शुद्धिकरण है।
बाबा इसे सफाई की प्रक्रिया कहते हैं।

उदाहरण:
जैसे किसान नई फसल से पहले खेत को साफ करता है और खरपतवार जलाता है,
वैसे ही—

  • तमोप्रधान तत्वों की सफाई होती है

  • सतोप्रधान सृष्टि की तैयारी होती है

🕊️ मुरली प्रमाण:
“यह विनाश नहीं, परिवर्तन है।”
अव्यक्त मुरली, 18-01-1981


 प्रश्न 5:

अगर विनाश होता है, तो सभी आत्माएं विनाश में क्यों नहीं जातीं?

✅ उत्तर:

बाबा ने स्पष्ट किया है कि—
“जो आत्माएं नई दुनिया में आने वाली हैं, उनके शरीर सुरक्षित रहेंगे।”

 यहाँ ध्यान देने की बात है कि
आत्मा नहीं, शरीर की सुरक्षा की बात कही गई है।


 प्रश्न 6:

क्या हर आत्मा को परमधाम जाना ही है?

✅ उत्तर:

हाँ। ब्रह्मा कुमारी ज्ञान के अनुसार—

  • कोई भी आत्मा ऐसी नहीं जो परमधाम न जाए

  • कम से कम एक वर्ष हर आत्मा परमधाम जाती ही है

मुरली प्रमाण:
“सब आत्माओं को ड्रामा अनुसार घर जाना ही है।”
साकार मुरली, 21-02-1969


 प्रश्न 7:

अंतिम समय में आत्मा और शरीर के साथ क्या होता है?

 उत्तर:

मुरली के अनुसार—

  • नई दुनिया में आने वाली आत्माएं योग-निद्रा में शरीर छोड़ती हैं

  • आत्मा परमधाम जाती है

  • एक वर्ष बाद वही आत्मा उसी शरीर को पहनकर वापस आती है

 इसलिए सत्य यह नहीं कि कुछ आत्माएं नहीं जातीं,
सत्य यह है कि सभी आत्माएं एक साथ परमधाम जाती हैं।


 प्रश्न 8:

सभी आत्माओं के एक साथ परमधाम जाने को कैसे समझाया गया है?

✅ उत्तर:

बाबा ने रानी मक्खी का उदाहरण दिया है—
जैसे रानी मक्खी उड़ती है और सारी मक्खियां उसके पीछे चली जाती हैं,
वैसे ही शिव बाबा के साथ सारी आत्माएं परमधाम जाती हैं।

मुरली प्रमाण:
“एक सेकंड में सारी आत्माएं घर जाती हैं।”
अव्यक्त मुरली, 25-12-1980


 प्रश्न 9:

विनाश के समय कौन सुरक्षित रहेगा?

✅ उत्तर:

बाबा कहते हैं कि—

  • जिन्हें अशरीरी बनने का अभ्यास है

  • जिनकी बुद्धि वॉइसलेस डायरेक्शन पकड़ती है

  • जो आत्म-अभिमानी हैं

वे विनाश में विनाश नहीं होंगे।

मुरली प्रमाण:
“अशरीरी अभ्यास वाले सुरक्षित रहते हैं।”
साकार मुरली, 04-05-1970


 प्रश्न 10:

नई सृष्टि के लिए बीज कौन हैं?

 उत्तर:

नई दुनिया के लिए बीज आवश्यक है, और बीज को जलाया नहीं जाता।
योगी आत्माएं ही नई सृष्टि के बीज हैं।


 प्रश्न 11:

प्रकृति किनकी रक्षा करती है?

 उत्तर:

प्रकृति आत्माओं के अनुसार कार्य करती है।

  • जिन्होंने प्रकृति को शुद्ध किया

  • जिन्होंने योग से वातावरण बदला

प्रकृति उनके शरीर सुरक्षित रखेगी।


 प्रश्न 12:

विज्ञान की भूमिका क्या है?

✅ उत्तर:

विज्ञान ड्रामा का साधन है।
आज विज्ञान रेडिएशन सुरक्षा, बंकर और सेफ ज़ोन बना रहा है,
लेकिन वह नहीं जानता कि वह ड्रामा अनुसार नई दुनिया की तैयारी कर रहा है।

मुरली प्रमाण:
“विज्ञान साधन है, करने वाला ड्रामा है।”
साकार मुरली, 12-09-1967


 प्रश्न 13:

विनाश कौन कराता है?

✅ उत्तर:

 न कोई आत्मा
 न बाबा

ड्रामा अनुसार साइंटिस्टों के द्वारा यह कार्य होता है।


प्रश्न 14:

भय क्यों नहीं होना चाहिए?

✅ उत्तर:

क्योंकि—

  • भय देह-अभिमान से आता है

  • निश्चिंतता आत्म-अभिमान से आती है

मुरली प्रमाण:
“ड्रामा को जानने वाला सदा निश्चिंत रहता है।”
अव्यक्त मुरली, 05-02-1982


 प्रश्न 15:

वास्तविक सुरक्षा का साधन क्या है?

✅ उत्तर:

 बंकर
 दीवार
 हथियार

वास्तविक सुरक्षा का एकमात्र साधन है — योग बल।

योग बल से ही रक्षा होती है।
योग बल से ही नई दुनिया का बीज बनता है।

Disclaimer

महत्वपूर्ण सूचना:
यह वीडियो प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मुरली ज्ञान, आध्यात्मिक अध्ययन एवं आत्मिक दृष्टि पर आधारित है।
यह कोई वैज्ञानिक, सैन्य, राजनीतिक या भविष्यवाणी संबंधी विश्लेषण नहीं है।

इसका उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि विश्व ड्रामा, आत्मा-परमात्मा के नियम और संगम युग की गहन समझ देना है।
कृपया दर्शक इसे आध्यात्मिक चिंतन के रूप में ग्रहण करें।

अध्याय9, संगमयुग, नईदुनियाकीनींव, परमाणुविनाश, ड्रामाकानियम, ब्रह्माकुमारीज्ञान, मुरलीज्ञान, साकारमुरली, अव्यक्तमुरली, शिवबाबा, परमधाम, आत्माऔरपरमात्मा, योगबल, योगीआत्माएं, अशरीरीअवस्था, आत्मअभिमान, देहअभिमान, नईसृष्टि, विश्वड्रामा, आध्यात्मिकज्ञान, BKKnowledge, BrahmaKumaris, MurliGyan, SpiritualKnowledge, SangamYug, NewWorld, परमात्मज्ञान, योगशक्ति, विश्वपरिवर्तन,Chapter 9, Confluence Age, Foundation of the New World, Nuclear Destruction, Dramakaniyam, Brahma Kumaris Gyan, Murli Gyan, Sakar Murli, Avyakt Murli, Shiv Baba, Paramdham, Soul and God, Yoga Power, Yogi Souls, Bodiless State, Self-Respect, Body Regard, New Creation, World Drama, Spiritual Knowledge, BKKnowledge, BrahmaKumaris, MurliGyan, SpiritualKnowledge, SangamYug, NewWorld, Godly Knowledge, Yogashakti, World Transformation,