24-08-2025/आज की मुरली बड़े-बड़े अक्षरों में पढ़े सुनें और मंथन करे
“तीन खाते, तीन बिन्दी और समानता का रहस्य | आज का विशेष संदेश |”
1. बापदादा का निरीक्षण
आज अखुट अविनाशी खजानों के मालिक बापदादा अपने सम्पन्न बच्चों के तीन प्रकार के खातों को देख रहे हैं –
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पुरुषार्थ द्वारा श्रेष्ठ प्रालब्ध का खाता
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सन्तुष्टता और दुआओं का खाता
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सेवा द्वारा पुण्य का खाता
2. जमा खातों की निशानी
इन खातों की पहचान है –
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सदा स्वयं और सर्व प्रति सन्तुष्टता
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शुभ भावना और शुभ कामना
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खुशनसीब स्थिति का अनुभव
इन खजानों की चाबी है – तीन बिन्दी (थ्री डॉट):
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आत्मा बिन्दी
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बाप बिन्दी
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ड्रामा का फुलस्टॉप बिन्दी
3. दृढ़ता ही वृद्धि की विधि
खजाने बढ़ाने का साधन है – दृढ़ता।
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दृढ़ संकल्प = हुआ ही पड़ा है।
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निश्चयबुद्धि = निश्चिंत और निश्चित अनुभव।
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मनमनाभव = बाप के साथ सदा पास रहना।
4. पास के तीन अर्थ
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पास रहना (सदैव साथ)
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जो बीत गया वह पास हुआ
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पास विद ऑनर (सम्मान सहित उत्तीर्ण)
5. “मैं-पन” की पूंछ
बापदादा ने समझाया – समानता में विघ्न का कारण है “मैं-पन”।
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बॉडी कॉन्शियस “मैं” = अभिमान और अपमान का कारण
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आत्मा-स्मृति “मैं” = शक्ति और निश्चिंतता का कारण
हनुमान को महावीर कहा पर पूंछ भी दिखाई –
यही पूंछ है “मैं-पन”। इसे ज्वालामुखी तपस्या से जलाना है।
6. स्नेह और समानता
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सब बच्चे स्नेह की सब्जेक्ट में पास हैं।
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अब लक्ष्य है – समानता की सब्जेक्ट में पास विद ऑनर बनना।
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प्रतिज्ञा में दृढ़ता से ही समस्या पर विजय।
7. सेवा का विस्तार
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सेवा केवल वाणी से नहीं, मन्सा + वाणी + कर्मणा से करनी है।
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आपका चेहरा और चलन स्वयं बाप का परिचय दे।
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चलते-फिरते प्रत्यक्ष सेवा।
8. मधुबन के चार धाम
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शान्ति स्तम्भ – शक्ति का धाम
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बापदादा का कमरा – समानता का धाम
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झोपड़ी – स्नेहमिलन का धाम
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हिस्ट्री हाल – विजय का धाम
9. विदेशी और देशी सेवाधारी
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डबल विदेशी उमंग-उत्साह से सेवा में उड़ते हैं।
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भारत की सेवा भूमि विशेष पुण्य खाता बढ़ाती है।
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यज्ञ सेवा = पुण्य का तीव्र संचय।
10. दृढ़ संकल्प
अब सभी बच्चों का नारा:
“सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। विजय हमारे गले की माला है।”
11. अंतिम आशीर्वाद
चारों ओर के फिकर से फारिग, बेफिक्र बादशाह स्वरूप में स्थित,
सर्व खजानों से सम्पन्न, समानता की राह पर अग्रसर,
सभी बच्चों को बापदादा का याद-प्यार, दुआएं और वरदान।
“तीन खातों की चाबी और समानता का राज़ – बापदादा की शिक्षा”
प्रश्न और उत्तर
1.प्रश्न: बापदादा बच्चों के कौन से तीन प्रकार के खाते चेक करते हैं?
उत्तर:
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पुरुषार्थ द्वारा श्रेष्ठ प्रालब्ध का खाता,
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संतुष्ट रहने और दुआओं का खाता,
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मन्सा-वाचा-कर्मणा से नि:स्वार्थ सेवा द्वारा पुण्य का खाता।
2.प्रश्न: इन खातों की निशानी क्या है?
उत्तर:इन खातों की निशानी है –
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स्वयं और सर्व के प्रति संतुष्ट रहना,
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शुभ भावना और शुभ कामना रखना,
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हमेशा खुश और खुशनसीब स्थिति का अनुभव करना।
3.प्रश्न: खजाने को जमा करने की चाबी क्या है?
उत्तर:खजाने को जमा करने की चाबी है – निमित्त भाव, निर्माण भाव और नि:स्वार्थ भाव।
4.प्रश्न: बापदादा द्वारा बताई गई “तीन बिन्दी” का क्या अर्थ है?
उत्तर:तीन बिन्दी का अर्थ है –
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आत्मा बिन्दी,
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बाप बिन्दी,
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ड्रामा का फुलस्टॉप बिन्दी।
5.प्रश्न: समान बनने में सबसे बड़ी रुकावट क्या है?
उत्तर:सबसे बड़ी रुकावट है “मैं-पन” – बॉडी कॉन्शियस वाला अहंकार, जो कभी अभिमान, कभी अपमान और कभी दिलशिकस्त देता है।
6.प्रश्न: समान बनने के लिए कौन-सी तपस्या आवश्यक है?
उत्तर:समान बनने के लिए साधारण याद नहीं, बल्कि ज्वालामुखी तपस्या अर्थात् शक्तिशाली और निरंतर याद की आवश्यकता है।
7.प्रश्न: बापदादा बच्चों से कौन-सा दृढ़ संकल्प करवाना चाहते हैं?
उत्तर:बापदादा चाहते हैं कि बच्चे यह दृढ़ संकल्प करें –
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सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है,
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विजय हमारे गले की माला है,
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समान बनना ही है और समाप्ति को समीप लाना ही है।
Disclaimer
यह वीडियो केवल आध्यात्मिक शिक्षा और आत्म-उन्नति के उद्देश्य से बनाया गया है।
इसका उद्देश्य किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है।
सभी विचार और सामग्री आध्यात्मिक ग्रंथों व मुरली आधारित हैं। दर्शकों से निवेदन है कि इसे केवल ज्ञान और प्रेरणा के रूप में ग्रहण करें।
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