(92)Gita – How did she become the mother of Lord Krishna? The secret of the real God

(92)गीता – श्रीकृष्ण की माता कैसे बनी?असली भगवान का रहस्य

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“गीता श्रीकृष्ण की माता क्यों कही जाती है? | असली भगवान कौन?”


प्रस्तावना

ओम् शांति।
आज का विषय बहुत ही गहन और रहस्यमय है —
“गीता श्री कृष्ण की माता कैसे बनी?”
साथ ही हम यह भी समझेंगे कि असली गीता ज्ञानदाता भगवान कौन है।


गीता: ज्ञान का स्रोत्र और देवत्व का जनक

गीता केवल एक ग्रंथ नहीं है,
बल्कि वह दिव्य ज्ञान है जिसने स्वयं श्री कृष्ण को भी देवत्व प्रदान किया।
यही कारण है कि गीता को श्री कृष्ण की माता कहा जाता है।


गीता: श्रीकृष्ण की माता क्यों?

  • माता वही होती है, जो जन्म दे।

  • गीता ज्ञान ने ही श्री कृष्ण को देव जीवन का जन्म दिया।

  • इसीलिए कहा जाता है कि “गीता ही श्री कृष्ण की माता है।”


गीता का अद्भुत फल

गीता ज्ञान का फल केवल मोक्ष नहीं है,
बल्कि देवत्व प्राप्ति है।
जैसे बीज से वृक्ष बनता है,
वैसे ही गीता का बीज-ज्ञान मानव को देवता बनाता है।


श्री कृष्ण का पूर्व जन्म और नारायण पद

साकार मुरली (10 दिसंबर 2023) में कहा गया है —
“नरक को श्री नारायण बनाने वाला मैं ही हूं।”
अर्थात् श्री कृष्ण का पूर्व जन्म ब्राह्मण था, जिसे ब्रह्मा कहा जाता है।
गीता ज्ञान से ही उन्होंने विकारों पर विजय प्राप्त की और अगले जन्म में
सतोप्रधान देवता बने।


असली गीता भगवान कौन?

गीता अध्याय 4 श्लोक 6 में कहा गया है:
“यद्यपि मैं अजन्मा, अविनाशी और सभी प्राणियों का ईश्वर हूं, तथापि मैं प्रकृति को अधीन कर माया से प्रकट होता हूं।”

गीता अध्याय 10 श्लोक 12 में अर्जुन कहता है:
“आप परम ब्रह्म, परमधाम, परमपवित्र, शाश्वत पुरुष, दिव्य आदि देव, देवों के भी देव और अजन्मा हैं।”

 इससे स्पष्ट है कि गीता का भगवान श्री कृष्ण नहीं,
बल्कि परमात्मा शिव हैं,
जो ब्रह्मा के तन में प्रवेश कर गीता का ज्ञान देते हैं।


महाभारत युद्ध का वास्तविक अर्थ

महाभारत का युद्ध कोई बाहरी रक्तपात नहीं,
बल्कि आत्मिक युद्ध है —
विकारों की सेना (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार) के विरुद्ध।

  • पांडव = पांच गुण (प्रेम, शांति, आनंद, शक्ति, पवित्रता)

  • कौरव = पांच विकार

द्रोपदी चीर हरण = पवित्रता की रक्षा
गोवर्धन पर्वत उठाना = स्थिरता और अहंकार हटाना


विश्व कल्याण का रहस्य

जब लोग समझेंगे कि गीता का भगवान वास्तव में ज्योति बिंदु शिव है,
तब सभी धर्म एक हो जाएंगे।
भारत को सर्वोत्तम तीर्थ मानेंगे।
और तब यह संसार सच्चे बैकुंठ में बदल जाएगा।


गीता ज्ञान का असली रहस्य

साकार मुरली (5 मार्च 2024) में शिवबाबा ने कहा:
“गीता मेरी माता है, जिसने तुम्हें देवत्व का जन्म दिया।”

 यही गीता ज्ञान श्री कृष्ण को भी देवत्व का जन्म देता है।
इसलिए गीता को श्री कृष्ण की भी माता कहा जाता है।


निष्कर्ष

तो प्यारे बच्चों,
आज हमने समझा कि गीता कोई साधारण ग्रंथ नहीं है।
यह परमपिता परमात्मा शिव का दिया हुआ वह ज्ञान है,
जिससे नर नारायण बनता है और नारी लक्ष्मी।

“गीता श्रीकृष्ण की माता क्यों कही जाती है? | प्रश्नोत्तर रूप में असली रहस्य”


प्रश्नोत्तर (Questions & Answers)

Q1. गीता श्रीकृष्ण की माता क्यों कही जाती है?

 क्योंकि गीता का दिव्य ज्ञान ही वह शक्ति है जिसने श्रीकृष्ण को देवत्व का जन्म दिया। माता वही होती है जो जन्म दे, और गीता ज्ञान ने श्रीकृष्ण को देव जीवन का जन्म दिया।


Q2. गीता का असली फल क्या है – केवल मोक्ष या कुछ और?

 गीता का ज्ञान केवल मोक्ष देने वाला नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को देवता बनाता है। नर से नारायण और नारी से लक्ष्मी बनाने की शक्ति गीता में है।


Q3. श्रीकृष्ण को श्री नारायण पद कैसे मिला?

 श्रीकृष्ण का पूर्व जन्म एक ब्राह्मण के रूप में था, जिसे ब्रह्मा कहा जाता है। गीता ज्ञान से उन्होंने विकारों पर विजय प्राप्त की और अगले जन्म में सतोप्रधान देवता बने।


Q4. गीता का भगवान वास्तव में कौन है?

 गीता अध्याय 4 श्लोक 6 और अध्याय 10 श्लोक 12 में स्पष्ट है कि गीता का भगवान अजन्मा, अविनाशी, देवों का देव और परमब्रह्म है।
 यह परमात्मा शिव ही हैं, जो ब्रह्मा के तन में प्रवेश कर गीता का ज्ञान कराते हैं।


Q5. महाभारत युद्ध का वास्तविक अर्थ क्या है?

 महाभारत का युद्ध कोई बाहरी युद्ध नहीं, बल्कि आत्मिक युद्ध है।

  • पांडव = पांच गुण (प्रेम, शांति, आनंद, शक्ति, पवित्रता)

  • कौरव = पांच विकार (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार)

 उदाहरण:

  • द्रौपदी चीरहरण = पवित्रता की रक्षा

  • गोवर्धन पर्वत उठाना = स्थिरता और अहंकार हटाना


Q6. विश्व कल्याण का रहस्य क्या है?

 जब लोग समझेंगे कि गीता का भगवान वास्तव में ज्योति बिंदु शिव है, तब सभी धर्म एक का अनुभव करेंगे और संसार बैकुंठ में बदल जाएगा।


Q7. गीता ज्ञान का असली रहस्य क्या है?

 शिवबाबा ने मुरली (5 मार्च 2024) में कहा:
“गीता मेरी माता है, जिसने तुम्हें देवत्व का जन्म दिया।”
 इसका अर्थ है कि गीता ज्ञान ने ही श्रीकृष्ण को भी देवत्व का जन्म दिया।


Q8. निष्कर्ष में हमें क्या समझना चाहिए?

 गीता कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि यह परमात्मा शिव का दिया हुआ सच्चा ज्ञान है, जिससे मनुष्य देवता बनता है और धरती बैकुंठ।

Disclaimer

यह वीडियो ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय ज्ञान और मुरली पर आधारित आध्यात्मिक अध्ययन और मनन के उद्देश्य से बनाया गया है।
इसका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शक्तियों का अनुभव कराना है।
यह किसी भी अन्य धार्मिक संस्था, व्यक्ति या विचारधारा की आलोचना या विरोध के लिए नहीं है।
कृपया इसे स्व-अध्ययन, चिंतन और आत्म-परिवर्तन की दृष्टि से ग्रहण करें।

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