Creaate YouTube वीडियो & disclamer, डिस्क्रिप्शन और हैशटैग्स “मुरली के
25 गुप्त रहस्य
जिनको हम कह सकते हैं
जो सामान्य समझ में नहीं आते सहज रीति से।
उन गुप्त रहस्यों पर यह एक सीरीज तैयार कर रहे हैं।
ज्योति आग्रह कर रहा हूं
जिसे रोजाना इस 8:00 बजे के टाइम पर निश्चित किया गया है।
जिसके लिए हमने Google मीट का लिंक सभी के पास भेजा हुआ है।
जो भी जुड़ना चाहते हैं वह इस पर जुड़ सकते हैं।
और इन सब सीरीज की एक बुक भी बना रहे हैं
जो बुक को हम सबके पास भेजेंगे।
ताकि बुक के द्वारा जो पढ़ना चाहे पढ़ सकता है
और वीडियो के द्वारा जो सुनना चाहे सुन सकता है।
आज का हमारा जो टॉपिक है —
गीता का असली भगवान कौन है?
दुनिया में भगवान तो ढेर सारे हैं।
परंतु यह समझ में नहीं आता किसे भगवान कहे।
कौन है गीता का असली भगवान?
जो है तो वो क्यों है?
इन सब बातों को अच्छी तरह से हम आज चर्चा में लाएंगे।
गीता का असली भगवान कौन है —
जो एक डिबेट का प्रश्न है।
शिव या श्री कृष्ण?
इन दोनों में से आखिर कौन है गीता का भगवान?
इस पर हम चर्चा करेंगे।
मुरली के गुप्त रहस्य।
जो हमारी यह मुरली है उनके गुप्त रहस्यों की यह पुस्तक है —
मुरली विश्वकोष।
मुरली विश्वकोष इसका नाम रखा गया है
क्योंकि मुरली से इन टॉपिक्स को लिया गया है।
आज हम उसका पहला एपिसोड कर रहे हैं।
यह इस पुस्तक का पहला अध्याय है।
वहां हमने चैप्टर लिखा है
और यहां हम इस पर वीडियो बना रहे हैं।
ताकि पढ़ने वाला पढ़ सके
और जो सुनना चाहता है वह सुन सके।
साथ में वीडियो को भी देख सके।
गीता का भगवान कौन?
भारत में करोड़ों लोग गीता को पढ़ते हैं।
गीता का पाठ करते हैं।
गीता पर प्रवचन करते हैं।
लेकिन एक प्रश्न बहुत कम लोग पूछते हैं।
क्योंकि उन्हें पूछने की जरूरत ही महसूस नहीं होती
कि गीता का भगवान कौन?
जब से प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का आरंभ हुआ है
तब से यह प्रश्न आया है।
विशेषकर ब्रह्मा कुमारीज ही यह प्रश्न पूछते हैं।
दूसरा कोई नहीं पूछता।
क्योंकि दुनिया में सभी जानते हैं
कि गीता का भगवान कृष्ण है।
ब्रह्मा कुमारीज ने आकर एक अजीब प्रश्न खड़ा कर दिया है
कि गीता का भगवान कृष्ण नहीं है।
तो फिर गीता का भगवान कौन?
उन्होंने कहा —
गीता का भगवान कृष्ण नहीं है।
कोई मुझे बता सकता है
कि ब्रह्मा कुमारीज ने क्यों कहा है
कि गीता का भगवान कृष्ण नहीं है?
बालक बुद्धि।
कोई बता सकता है क्या?
तो सदन में भी प्रश्न उठता है
ब्रह्मा कुमारी क्यों कहती है कि कृष्ण भगवान नहीं है?
क्योंकि एक सत्य ज्ञान
सत्य परमात्मा ही दे सकता है।
परमात्मा नहीं — वह देवता है।
क्यों?
क्यों कृष्ण देवता है?
हम सारे भगवान कहते हैं
आप नए आ गए हो कहते हो देवता है।
जो देह धारण कर लेता है
वो परमात्मा नहीं हो सकता।
क्यों?
क्योंकि परमात्मा पाँचों तत्वों का कंट्रोलर होता है।
परमात्मा अजन्मा है।
परमात्मा अयोनी है।
परमात्मा अशरीरी है।
परमात्मा अभोक्ता है।
ये शब्द हमें याद रखने हैं।
ब्रह्मा कुमारीज ने ये चार शब्द मुख्य रूप से दिए हैं।
जिसने शरीर धारण कर लिया
जिसने जन्म ले लिया
जो संसार को भोगता है
वह अभोक्ता नहीं हो सकता।
परमात्मा कभी किसी योनि में नहीं आता।
मनुष्य योनि में भी नहीं आता
तो पशु-पक्षी योनि में भी नहीं आता।
क्योंकि वह शरीर ही नहीं लेता।
कृष्ण ने देह धारण की है
इसलिए वह परमात्मा नहीं हो सकता।
वह 33 करोड़ देवताओं में
टॉप देवता है।
