15- How can one remain constantly stable in the Supreme State?

AT.GY.-15-परम अवस्था में हमेशा स्थिर कैसे रहें?

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अध्याय

आत्मा का मूल ज्ञान

सेक्शन 2: नींद, मृत्यु और योग की स्थिति


 परिचय: सबसे बड़ा प्रश्न

आज का विषय है —
परम अवस्था में हमेशा स्थिर कैसे रहें?

हम सभी ने कभी न कभी शांति, साइलेंस और गहरी स्थिरता का अनुभव किया है…
लेकिन समस्या क्या है?

वह अवस्था टिकती नहीं।

कुछ समय बाद:

  • गुस्सा आ जाता है
  • तनाव आ जाता है
  • चिंता शुरू हो जाती है

 यही हैं हमारी परम अवस्था के दुश्मन।


🔷 परम अवस्था क्या है?

जहां कोई संकल्प (Thought) ना चले — वही परम अवस्था है।

  • न कोई व्यर्थ विचार
  • न कोई प्रतिक्रिया
  • सिर्फ शांति, शक्ति और साइलेंस

 अस्थिरता का मूल कारण

1. देह अभिमान

 “मैं शरीर हूं” — यह सोच आते ही आत्मा गिर जाती है

मुरली (25 अगस्त 2023):
देह अभिमान में आने से आत्मा ऊंची अवस्था से गिर जाती है।


2. बाहरी परिस्थितियों का प्रभाव

 किसी ने कुछ कहा → तुरंत मन डिस्टर्ब


3. पुराने संस्कार

 गुस्सा, ईगो, डर अचानक एक्टिव हो जाते हैं


 परम अवस्था में स्थिर रहने के 5 Powerful Steps


✅ Step 1: आत्म स्मृति (Self Reminder)

बार-बार खुद को याद दिलाओ:
मैं आत्मा हूं, शरीर नहीं।

हर घंटे खुद से पूछो:
मैं कौन हूं?

 जवाब: मैं आत्मा हूं

मुरली (18 मार्च 2024):
आत्म स्मृति से आत्मा अपनी स्थिति को ऊंचा रखती है।

उदाहरण:
ऑफिस में किसी ने डांट दिया → तुरंत याद करो:
“मैं आत्मा हूं” → मन शांत हो जाएगा


✅ Step 2: विचारों की चेकिंग

हर विचार को चेक करो:
✔️ यह पॉजिटिव है?
✔️ यह जरूरी है?

अनावश्यक विचार तुरंत बंद करो

मुरली (12 मार्च 2024):
विचारों को शुद्ध और कम करना ही ऊंची अवस्था का आधार है।

उदाहरण:
बार-बार पुरानी बात सोच रहे हो → तुरंत ब्रेक लगाओ


✅ Step 3: निरंतर योग (Constant Connection)

 सिर्फ मेडिटेशन टाइम नहीं — पूरा दिन योग

हर कर्म में:

  • सुनना
  • देखना
  • सोचना
  • बोलना
  • करना

 सब कुछ श्रीमत अनुसार

मुरली (14 अप्रैल 2024):
निरंतर योग से आत्मा शक्तिशाली और स्थिर बनती है।

उदाहरण:
काम करते हुए भी मन में याद — “मैं बाबा के साथ हूं”


✅ Step 4: प्रतिक्रिया पर नियंत्रण

 कोई रिएक्शन नहीं

  • किसी ने अच्छा कहा → ज्यादा खुशी नहीं
  • किसी ने बुरा कहा → दुख नहीं

साक्षी दृष्टा बनो

मुरली (20 मार्च 2024):
स्थिर आत्मा परिस्थिति में भी विचलित नहीं होती।

उदाहरण:
किसी ने आलोचना की → शांत रहो → observe करो


✅ Step 5: संग और वातावरण

 पॉजिटिव वातावरण बनाओ
नेगेटिव संग से दूरी

 भावना रखें:
✔️ “जो हुआ अच्छा हुआ”

मुरली (General Murli Teaching):
संग का प्रभाव आत्मा की स्थिति पर पड़ता है।

उदाहरण:
नेगेटिव लोगों के साथ ज्यादा समय → मन नीचे
सत्संग → मन ऊपर


 साइंस का दृष्टिकोण

 Repetition → Habit बनती है
Habit → Nature बनती है

 बार-बार आत्म स्मृति =
Neural pathways मजबूत

✔️ Result: स्थिर अवस्था


 दैनिक अभ्यास

✔️ सुबह: 10–15 मिनट आत्म स्मृति
✔️ दिन में: हर 2 घंटे में 1 मिनट pause
✔️ रात: पूरे दिन का रिव्यू


 जीवन में उपयोग

  •  ऑफिस में → शांत रहो
  •  घर में → प्रेम से रहो
  •  मुश्किल में → स्थिर रहो

 निष्कर्ष

 परम अवस्था पाना मुश्किल नहीं
उसे बनाए रखना एक कला है

 और यह कला आती है —
अभ्यास से
जागरूकता से
आत्म स्मृति से


 संकल्प (Power Affirmation)

मैं आत्मा हूं
मैं स्थिर हूं
मैं शक्तिशाली हूं

 प्रश्न 1: आज का मुख्य प्रश्न क्या है?

 परम अवस्था में हमेशा स्थिर कैसे रहें?

उत्तर:
यह वह अवस्था है जिसे हम अनुभव तो करते हैं, लेकिन उसे बनाए नहीं रख पाते। यही इस अध्याय का मुख्य विषय है।


 प्रश्न 2: परम अवस्था टिकती क्यों नहीं?

उत्तर:
क्योंकि कुछ समय बाद:

  • गुस्सा
  • तनाव
  • चिंता

 ये सभी हमारी स्थिति को गिरा देते हैं।


 परम अवस्था की समझ

 प्रश्न 3: परम अवस्था क्या है?

उत्तर:
जहां कोई संकल्प (Thought) ना चले — वही परम अवस्था है।

  • न कोई व्यर्थ विचार
  • न कोई प्रतिक्रिया
  • सिर्फ शांति, शक्ति और साइलेंस

 अस्थिरता के कारण

 प्रश्न 4: परम अवस्था से गिरने का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर:
देह अभिमान (Body Consciousness)

मुरली (25 अगस्त 2023):
देह अभिमान में आने से आत्मा ऊंची अवस्था से गिर जाती है।


 प्रश्न 5: और कौन-कौन से कारण हैं?

उत्तर:

  1.  बाहरी परिस्थितियां
    (किसी के बोलने से मन डिस्टर्ब)
  2.  पुराने संस्कार
    (गुस्सा, ईगो, डर अचानक एक्टिव)

 समाधान: 5 Powerful Steps

प्रश्न 6: परम अवस्था में स्थिर रहने का पहला स्टेप क्या है?

उत्तर:
आत्म स्मृति (Self Reminder)

बार-बार याद करें:
मैं आत्मा हूं, शरीर नहीं

मुरली (18 मार्च 2024):
आत्म स्मृति से आत्मा अपनी स्थिति को ऊंचा रखती है।

उदाहरण:
किसी ने डांटा → “मैं आत्मा हूं” → मन शांत


 प्रश्न 7: दूसरा स्टेप क्या है?

उत्तर: विचारों की चेकिंग

 क्या यह विचार पॉजिटिव है?
क्या यह जरूरी है?

मुरली (12 मार्च 2024):
विचारों को शुद्ध और कम करना ही ऊंची अवस्था का आधार है। उदाहरण:
पुरानी बात सोच रहे हो → तुरंत रोक दो


 प्रश्न 8: तीसरा स्टेप क्या है?

उत्तर:
निरंतर योग (Constant Connection)

हर कर्म में परमात्मा की याद

मुरली (14 अप्रैल 2024):
निरंतर योग से आत्मा शक्तिशाली और स्थिर बनती है।

उदाहरण:
काम करते हुए भी अनुभव — “मैं बाबा के साथ हूं”


 प्रश्न 9: चौथा स्टेप क्या है?

उत्तर:
प्रतिक्रिया पर नियंत्रण

  • न ज्यादा खुशी
  • न दुख

 साक्षी दृष्टा बनो

मुरली (20 मार्च 2024):
स्थिर आत्मा परिस्थिति में भी विचलित नहीं होती।

उदाहरण:
आलोचना हुई → शांत रहो → observe करो


 प्रश्न 10: पांचवां स्टेप क्या है?

उत्तर:
संग और वातावरण

पॉजिटिव संग
नेगेटिव से दूरी

मुरली (General Teaching):
संग का प्रभाव आत्मा की स्थिति पर पड़ता है।

उदाहरण:
सत्संग → मन ऊंचा
नेगेटिव संग → मन नीचे


गहरा समझ

 प्रश्न 11: साइंस क्या कहती है?

उत्तर:

 Repetition → Habit
Habit → Nature

 बार-बार आत्म स्मृति =
Brain pathways मजबूत

✔️ Result: स्थिर अवस्था


 अभ्यास

 प्रश्न 12: रोज़ाना क्या प्रैक्टिस करें?

उत्तर:

 सुबह: 10–15 मिनट आत्म स्मृति
दिन में: हर 2 घंटे 1 मिनट pause
रात: पूरे दिन का रिव्यू


 जीवन में उपयोग

 प्रश्न 13: इसे जीवन में कैसे लागू करें?

उत्तर:

  • ऑफिस → शांत रहो
  •  घर → प्रेम से रहो
  •  मुश्किल → स्थिर रहो

 निष्कर्ष

 प्रश्न 14: अंतिम संदेश क्या है?

उत्तर:

 परम अवस्था पाना आसान है
उसे बनाए रखना एक कला है

 और यह कला आती है:
अभ्यास से
जागरूकता से
आत्म स्मृति से


 संकल्प (Affirmation)

 प्रश्न 15: कौन सा संकल्प रखें?

उत्तर:

 मैं आत्मा हूं
मैं स्थिर हूं
मैं शक्तिशाली हूं


 

Disclaimer

यह वीडियो Brahma Kumaris की आध्यात्मिक शिक्षाओं (मुरली) पर आधारित है।
इसका उद्देश्य “परम अवस्था” में स्थिर रहने के प्रैक्टिकल तरीकों को सरल भाषा में समझाना है।
कृपया इसे खुले मन से सुनें और अपने विवेक अनुसार अपनाएं।

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