Create YouTube वीडियो डिस्क्रिप्शन और हैशटैग्स,& disclamer”विश्व संकट पर
सच्चा संदेश।
परमात्मा क्या कहते हैं?
जब सारे विश्व पर एक संकट छाया हुआ है उस समय ईश्वर आकर एक सच्चा संदेश देते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह वीडियो किसी भी धर्म या मान्यता को चुनौती देने के लिए नहीं है।
इसमें प्रस्तुत विचार ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ज्ञान मुरली पर आधारित है।
जिनका उद्देश्य केवल आत्मिक जागृति और शांति का संदेश देना है। दर्शक इसे खुले मन से आत्म चिंतन के रूप में देखें।
परमात्मा क्या कहते हैं? — सबसे बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल — परमात्मा कहते क्या हैं और किस सवाल पर कहते हैं?
आज पूरी दुनिया में अशांति है।
युद्ध, भय और असुरक्षा।
सारी दुनिया भयभीत है।
खुद डरी हुई है, दूसरे को डरा रही है।
यह बात हमें अपनी बुद्धि में अच्छी तरह रखनी है —
जो डरता है वही दूसरों को डराता है।
निर्भय व्यक्ति कभी किसी को भयभीत नहीं करेगा।
इस भय में जी रही दुनिया
कितनी अशांत है यह दुनिया।
हर मनुष्य के अंदर एक सवाल उठ रहा है —
अगर परमात्मा है तो वह क्या कर रहा है?
कितनी दुनिया मर रही है, दुखी हो रही है,
आग में जल रही है, कत्लेआम हो रहा है।
क्या वह चुप है?
या हम सुन नहीं पा रहे हैं?
बाबा चुप हैं या हम सुन नहीं पा रहे?
आखिर क्या है यह?
इतना सब कुछ होते हुए भी
क्या परमात्मा सच में बोलते हैं?
क्या परमात्मा बोलते हैं?
बहुत लोग कहते हैं — भगवान बोलते नहीं।
आप प्रार्थना करो, सच्चे मन से करेंगे तो पूरी होगी।
लेकिन मुरली क्या कहती है?
मुरली के अनुसार —
परमात्मा स्वयं आकर ज्ञान सुनाते हैं।
उदाहरण
जब बच्चा रास्ता भूल जाता है,
तो पिता स्वयं आकर उसे रास्ता दिखाता है।
वैसे ही जब दुनिया अज्ञान में खो जाती है,
तो परमात्मा स्वयं आते हैं।
परमात्मा का पहला संदेश
तुम आत्मा हो।
अपने को आत्मा समझो, शरीर नहीं।
स्टेप बाय स्टेप क्लैरिटी:
मैं शरीर नहीं हूं।
मैं आत्मा हूं।
यह शरीर मेरा वाहन है।
उदाहरण:
जैसे ड्राइवर और गाड़ी।
गाड़ी = शरीर, ड्राइवर = आत्मा।
अगर ड्राइवर खुद को गाड़ी समझ ले तो कन्फ्यूजन होगा।
आज दुनिया का सबसे बड़ा भ्रम यही है —
मनुष्य अपने को शरीर समझता है।
अगर आत्मा समझे तो अनुभव होगा —
मैं अजर-अमर, अविनाशी आत्मा हूं।
मुझे कोई नुकसान नहीं कर सकता।
दूसरा संदेश
एक परमात्मा सबका पिता है।
इसलिए हम सब भाई-भाई हैं।
जब हम सब भाई हैं,
तो भाई को भाई से डर क्यों?
डर इसलिए लगता है क्योंकि
हम अपने को आत्मा नहीं, शरीर समझते हैं।
तीसरा संदेश
यह समय परिवर्तन का है।
यह संगमयुग है —
पुरानी दुनिया का अंत,
नई दुनिया की शुरुआत।
परमात्मा कहते हैं —
डरो मत, यह अंत नहीं, परिवर्तन है।
उदाहरण:
रात के बाद दिन आता है।
अंधेरा स्थायी नहीं होता।
चौथा संदेश — कर्मों का हिसाब-किताब
यह सब हमारे कर्मों का परिणाम है।
जो दिया है, वही वापस मिलेगा।
जो लिया है, वह वापस देना होगा।
हर आत्मा अपना हिसाब बराबर कर रही है।
अगर कोई दुख दे रहा है —
तो समझो, मेरा दिया हुआ लौटा रहा है।
अगर कोई सुख दे रहा है —
तो समझो, मैंने उसे सुख दिया था।
यह पूर्ण न्याय है।
परमात्मा माफ नहीं करते —
कर्मों का हिसाब पूरा होता है।
पांचवां संदेश
शांति तुम्हारे अंदर है।
तुम शांति स्वरूप आत्मा हो।
जब मेरा स्वधर्म शांति है,
तो मैं अशांत क्यों?
उदाहरण:
समुद्र की सतह पर लहरें होती हैं,
पर गहराई में शांति होती है।
वैसे ही आत्मा शांत है,
देह के प्रभाव से अशांति आती है।
छठा संदेश
अब जागो।
खुद जागो और दूसरों को भी जगाओ।
समय कम है।
जागरूक बनो।
हमें क्या करना है?
आत्मा का स्मरण
परमात्मा से योग
पवित्र जीवन
शुभ कर्म
मैं आत्मा हूं।
मैं परमपिता की संतान हूं।
जीवन एक परीक्षा है
जैसे परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं,
वैसे ही परिस्थितियों को पेपर समझो।
तब आप घबराएंगे नहीं।
वैज्ञानिक और आध्यात्मिक संतुलन
विज्ञान कहता है —
चेतना वास्तविकता को प्रभावित करती है।
अध्यात्म कहता है —
योग और विचार दुनिया बदलते हैं।
दोनों एक ही बात कह रहे हैं।
पावरफुल निष्कर्ष
परमात्मा क्या कहते हैं?
तुम आत्मा हो
हम सब भाई हैं
यह परिवर्तन का समय है
अब जागो
अंतिम संदेश
परमात्मा चुप नहीं है।
हम सुन नहीं रहे हैं।
जब हम सुनेंगे,
तो दुनिया बदल जाएगी।
परमात्मा कह रहे हैं —
जागो, जागो, जागो।
अगर अभी भी नहीं जागे,
तो बाद में पछताना पड़ेगा।
भगवान क्या कह रहे हैं?
सच्चा संदेश सुनो
