Avyakt Murli 1995
| अव्यक्त मुरली 1995 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ" | |
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| 1 | 01/09-01-1995-निश्चयबुद्धि की निशानियाँ - निश्चित विजयी और सदा निश्चिन्त स्थिति का अनुभव | |
| 2 | 02/18-01-1995-“ज्ञान सरोवर उद्घाटन के शुभ मुहूर्त पर अव्यक्त बापदादा के मधुर महावाक्य (सुबह 11.00 बजे)” |
| 3 | 03/19-01-1995-ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रख आज्ञाकारी और सर्वांश त्यागी बनो | |
| 4 | 04/26-01-1995-“ब्रह्मा बाप के और दो कदम - फ़रमानबरदार-व़फादार” |
| 5 | 05/26-02-1995-“संगमयुग उत्सव का युग है - उत्सव मनाना अर्थात् अविनाशी उमंग-उत्साह में रहना” |
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| 7 | 07/16-03-1995-“संगमयुग उत्सव का युग है - उत्सव मनाना अर्थात् अविनाशी उमंग-उत्साह में रहना” |
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