Avyakt Murli 1996

Avyakt Murli 1996

अव्यक्त मुरली 1996 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ"
101/09-01-1995-निश्चयबुद्धि की निशानियाँ - निश्चित विजयी और सदा निश्चिन्त स्थिति का अनुभव |
202/18-01-1995-“ज्ञान सरोवर उद्घाटन के शुभ मुहूर्त पर अव्यक्त बापदादा के मधुर महावाक्य (सुबह 11.00 बजे)”
303/19-01-1995-ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रख आज्ञाकारी और सर्वांश त्यागी बनो |
404/26-01-1995-“ब्रह्मा बाप के और दो कदम - फ़रमानबरदार-व़फादार”
505/26-02-1995-“संगमयुग उत्सव का युग है - उत्सव मनाना अर्थात् अविनाशी उमंग-उत्साह में रहना”
606/07-03-1995-“ब्राह्मण अर्थात् धर्म सत्ता और स्वराज्य सत्ता की अधिकारी आत्मा”
707/16-03-1995-“संगमयुग उत्सव का युग है - उत्सव मनाना अर्थात् अविनाशी उमंग-उत्साह में रहना”
808/25-03-1995-ब्राह्मण जीवन का सबसे श्रेष्ठ खजाना – संकल्प का खजाना
0909/31-03-1995-“परमात्म मिलन मेले की सौगात - ताज, तख्त और तिलक”
1010/06-4-1995-“प्योरिटी की रूहानी पर्सनालिटी की स्मृति स्वरूप द्वारा मायाजीत बनो”
1111/07-11-1995-“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”
1212/16-11-1995-बापदादा की चाहना – डायमण्ड जुबली वर्ष को "लगाव मुक्त वर्ष" के रूप में मनाओ
1313/26-11-1995-“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”
1414/04-12-1995-“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”
1515/13-12-1995-“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”
1616/22-12-1995-“सर्व प्राप्ति सम्पन्न जीवन की विशेषता है – अप्रसन्नता मुक्त और प्रसन्नता युक्त |
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