Avyakt Murli 1996

Avyakt Murli 1996

अव्यक्त मुरली 1996 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ"
101/09-01-1996-बालक सो मालिक | मन का राजा बनो | स्वराज्य अधिकारी बनने की सहज विधि |
202/18-01-1996-“सदा समर्थ रहने की सहज विधि - शुभचिंतन करो और शुभचिंतक बनो”
303/16-02-1996-डायमण्ड जुबली वर्ष में समय और संकल्प का खजाना जमा करो | शिवरात्रि विशेष अव्यक्त मुरली
404/27-02-1996-“सत्यता का फाउण्डेशन है पवित्रता और निशानी है - चलन वा चेहरे में दिव्यता”
505/10-03-1996-करनहार’ और ‘करावनहार’ की स्मृति से सेवा और स्व-पुरुषार्थ का बैलेंस रखते हुए कर्मातीत स्थिति का अनुभव करना।
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