Avyakt Murli-(31)Always unanimous, watering the same essence from the same path.
अव्यक्त मुरली-(31)सदा एकमत, एक ही रास्ते से एक रस सिचती।/04-05-1983 ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अध्याय –…
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अव्यक्त मुरली-(31)सदा एकमत, एक ही रास्ते से एक रस सिचती।/04-05-1983 ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अध्याय –…
(30)“माया को दोषी बनाने के बजाए मास्टर रचता, शक्तिशाली बनो” “मास्टर रचयिता की सीट पर स्थित रहो | बाप समान…
अव्यक्त मुरली-(26)21-04-1983/ संगमयुगी मर्यादाओं पर चलना ही पुरूषोत्तम बनना है l (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) प्रस्तावना बापदादा…
अव्यक्त मुरली-(25)19-04-1983 /संगम युग का प्रभु फल खाने से सर्व प्राप्ति। (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अव्यक्त मुरली-25…
अव्यक्त मुरली-(27)24-04-1983 रूहानी पर्सनालिटी, वाणी पर्सनालिटी। (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अव्यक्त मुरली-27 रूहानी पर्सनैलिटी रिवाइज: 24-04-1983 आज…
अव्यक्त मुरली-(24)17-04-1983“कर्मातीत स्थिति के लिए समेटने और समाने की शक्तियों की आवश्यकता” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 17-04-1983…
(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 27-02-1983 “संगमयुग पर श्रृंगारा हुआ मधुर अलौकिक मेला” आज बाप और बच्चे मिलन…