05/03-04-1991 — “Step Beyond All Limitations and Become a Detached One of the Unlimited”
AV-05/03-04-1991-“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो” “सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो” आज कल्प बाद फिर…
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AV-21/11-08-1988-“सफलता का चुम्बक – ‘मिलना और मोल्ड होना” “सफलता का चुम्बक – ‘मिलना और मोल्ड होना” सबका स्नेह, स्नेह के…
फरिश्ता स्थिति:-(05)कमल समान फरिश्ता – संसार में रहते हुए भी अछूत कैसे रहे? ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए…