Avyakt Murli -1988

08/03-02-1988-“The Two Auspicious Hopes of the Mother and Father, Brahma, for Their Brahmin Children”

AV-08/03-02-1988-“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं” “ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो…

Avyakta Murli 1983

(33) The adornment of a Brahmin’s life is purity of mind, attitude and vision.

अव्यक्त मुरली-(33)ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार-स्मृति,वृत्ति,और दृष्टि की स्वच्छता(पवित्रता) प्रस्तावना आज की मुरली (09 मई 1983) में बापदादा ने सभी ब्राह्मण…