(28)The world says that suffering is destiny. But God says, “You yourself are the cause of suffering.”
AAT.(28)दुनिया कहती है दुख भाग्य है।पर परमात्मा कहते हैं — दुख का कारण तुम स्वयं हो। (प्रश्न और उत्तर नीचे…
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AAT.(28)दुनिया कहती है दुख भाग्य है।पर परमात्मा कहते हैं — दुख का कारण तुम स्वयं हो। (प्रश्न और उत्तर नीचे…
Questions & Answers (प्रश्नोत्तर):are given below 06-12-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा”‘ मधुबन “मीठे बच्चे – यह शरीर रूपी खिलौना आत्मा…
अव्यक्त मुरली-(32)29-04-1984 “ज्ञान सूर्य के रुहानी सितारों की भिन्न-भिन्न विशेषताएं” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 29-04-1984 “ज्ञान सूर्य…
अव्यक्त मुरली-(31)26-04-1984 “रुहानी विचित्र मेले में सर्व खज़ानों की प्राप्ति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 26-04-1984 “रुहानी विचित्र…