13/26-11-1995-“Free yourself from the opinions, thoughts, and views of others, and engage in the service of others.”
AV-13/26-11-1995-“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) “परमत, परचिंतन और…
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AV-13/26-11-1995-“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) “परमत, परचिंतन और…
AV-06/23-04-1993-“निश्चयबुद्धि भव, अमर भव” “निश्चयबुद्धि भव, अमर भव” आज बापदादा सर्व अति स्नेही, आदि से यज्ञ की स्थापना के सहयोगी,…