15/13-12-1995 – “Free yourself from wasteful and disturbing speech; practice economy of speech.”
AV-15/13-12-1995-“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए…
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AV-15/13-12-1995-“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए…
अव्यक्त मुरली-(33)ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार-स्मृति,वृत्ति,और दृष्टि की स्वच्छता(पवित्रता) प्रस्तावना आज की मुरली (09 मई 1983) में बापदादा ने सभी ब्राह्मण…