(14)“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”01-03-1983
“आज बापदादा का विशेष संदेश: मधुबन पावर हाउस से विश्व को लाइट कैसे मिल रही है?”
मुख्य भाषण
1. बापदादा का वतन से रूहरीहान
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आज बापदादा वतन में बच्चों की रिमझिम और सेवाओं का दृश्य देख रहे थे।
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मधुबन को पावर हाउस मानते हुए, बापदादा देख रहे हैं कि कैसे यह आध्यात्मिक रोशनी विश्व के कोनों में फैल रही है।
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जहाँ लाइट नहीं पहुँची, वहाँ आत्माएँ अंधकार में भटक रही हैं।
2. मधुबन – पावर हाउस की दिव्य रौनक
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जैसे सरकार हर गाँव में बिजली और पानी पहुँचाने की कोशिश करती है, वैसे पाण्डव सरकार आत्माओं तक ज्ञान और शक्ति पहुँचा रही है।
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बापदादा ने देखा कि बच्चे पावर हाउस से विशेष पावर लेकर अपने स्थानों पर लौट रहे हैं।
3. स्नेह और सेवा – मधुबन का श्रृंगार
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बच्चे जब मधुबन आते हैं तो घर की रौनक बढ़ जाती है।
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परन्तु केवल स्नेह नहीं, सेवा भी मुख्य है।
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भविष्य में ऐसा समय आएगा जब सेवा के लिए जाना नहीं पड़ेगा; दिव्य बुद्धि और संकल्प से आत्माएँ खिंच कर आएँगी।
4. इस वर्ष का विशेष लक्ष्य
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जहाँ-जहाँ लाइट नहीं पहुँची वहाँ पहुँचाना है।
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हर सेवा केन्द्र पर विविध पेशों (Occupations) और समाज के हर वर्ग के लोगों को जोड़ना है – गरीब से अमीर, गाँव वाले से उद्योगपति तक।
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यह सिद्ध करना है कि “सर्व का बाप, सर्व के लिए है।”
5. वैरायटी आत्माओं का अलौकिक गुलदस्ता
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हर केन्द्र पर अलग-अलग प्रकार की आत्माएँ एक गुलदस्ते की तरह जुड़ें।
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ऐसा प्रतीत हो कि ज्ञान सबके लिए सहज और सरल है।
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इन आत्माओं को बार-बार प्रेरित करें ताकि उनका पुण्य-खाता बढ़े और वे श्रेष्ठ कर्मों की ओर अग्रसर हों।
6. ज्ञान दान और पुण्य की पूंजी
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जिस प्रकार स्थूल धन का दान अल्पकालिक फल देता है, उसी प्रकार ज्ञान का दान आत्मा को नए राज्य का पात्र बनाता है।
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प्रभावित आत्माओं को भी सेवा में निमित्त बनाना है।
7. बापदादा का यादप्यार
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उमंग-उत्साह से भरे सेवाधारी बच्चों को बापदादा का यादप्यार और नमस्ते।
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सदा समीप अनुभव करते रहो और एक ही याद में एकरस बने रहो।
“मधुबन पावर हाउस से विश्व में लाइट कैसे फैल रही है? | बापदादा का संदेश प्रश्नोत्तर रूप में”
प्रश्नोत्तर (Q&A) प्रारूप
प्रश्न 1: बापदादा वतन से क्या देख रहे थे?
उत्तर:बापदादा वतन से देख रहे थे कि कैसे बच्चे मधुबन पावर हाउस से शक्ति लेकर विश्व के विभिन्न कोनों में लाइट फैला रहे हैं और कहाँ-कहाँ अभी अंधकार बाकी है।
प्रश्न 2: मधुबन को पावर हाउस क्यों कहा गया है?
उत्तर:क्योंकि यहाँ से आत्माओं को ईश्वरीय शक्ति, शांति और ज्ञान की लाइट मिलती है। जैसे भौतिक पावर हाउस से बिजली मिलती है, वैसे ही यहाँ से आत्मिक ऊर्जा प्रसारित होती है।
प्रश्न 3: जिन स्थानों पर लाइट नहीं पहुँची, वहाँ आत्माओं की स्थिति कैसी है?
उत्तर:वे आत्माएँ अज्ञान रूपी अंधकार में भटक रही हैं, प्यास और तड़प में हैं। ज्ञान और लाइट मिलने पर ही उनकी वैल्यू कौड़ी से हीरा बन जाती है।
प्रश्न 4: बापदादा ने बच्चों के स्नेह और सेवा के बारे में क्या कहा?
उत्तर:बापदादा ने कहा कि बच्चे मधुबन में आकर रौनक बढ़ाते हैं, परन्तु सेवा के लिए उन्हें विभिन्न स्थानों पर जाना ही पड़ता है। भविष्य में ऐसा समय आएगा जब आत्माएँ दिव्य बुद्धि और संकल्प से खिंचकर आएँगी।
प्रश्न 5: इस वर्ष का विशेष लक्ष्य क्या है?
उत्तर:हर सेवा केन्द्र पर विभिन्न पेशों और समाज के हर वर्ग के लोगों को जोड़ना। ऐसा संगठन बनाना कि कोई भी आत्मा यह न कह सके कि ज्ञान केवल किसी विशेष वर्ग के लिए है।
प्रश्न 6: ज्ञान का दान आत्मा को क्या फल देता है?
उत्तर:ज्ञान का दान पुण्य की पूंजी बढ़ाता है और आत्मा को नए राज्य का पात्र बनाता है, ठीक वैसे ही जैसे स्थूल धन का दान अल्पकालिक फल देता है।
प्रश्न 7: बापदादा ने अंत में बच्चों को क्या शुभकामना दी?
उत्तर:बापदादा ने सेवाधारी, उमंग-उत्साही और समीप अनुभव करने वाली श्रेष्ठ आत्माओं को यादप्यार और नमस्ते दिया तथा एक ही याद में रहने की प्रेरणा दी।
Disclaimer:
यह वीडियो ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल आत्मिक उन्नति और प्रेरणा देना है। इसमें व्यक्त विचार आध्यात्मिक दृष्टिकोण से हैं, न कि किसी मत, पंथ या संप्रदाय की आलोचना के लिए। दर्शक अपने विवेक से इस ज्ञान का लाभ लें।