“अमलता से छुटकारा। यह एसिडिटी को कहते हैं अमलता। अब ऐसी हमारे लिए बहुत भयानक रूप ले गई है और इससे हम अपने आप को कैसे बचाएं इसको देखें क्योंकि आज के समय में आज के टाइम में मैं देख रहा हूं कि हमारा चारों तरफ मतलब यह सबसे बड़ी जो है ना समस्या बनती जा रही है। क्योंकि एसिडिटी खाली पेट से भी हो जाती है। एसिडिटी ओवर ईटिंग से भी हो जाती है। दोनों से होती है। तो आज हम एक ऐसी समस्या पर चर्चा करेंगे जो लगभग हर घर में मौजूद है। हर घर में आपको एसिडिटी का कोई ना कोई मिलेगा। ज्यादा भी मिल सकते हैं। भोजन के बाद पेट में जलन, खट्टा डकार आना, गैस बनना यह सब संकेत हैं कि शरीर में पीएच असंतुलित हो गया है। यह समझना है। पीएच मैं आपको पीए बड़े ध्यान से समझाने का प्रयास करूंगा। यह पीएच क्या बला होती है? डॉक्टर की लैंग्वेज में पीए होता है। परंतु यह होता क्या है? इसको ध्यान से समझना। पीए किसी विलयन के अम्लीय या क्षारीय होने का माप है। कि वो अम्लीय है या क्षारीय है। इसको बताता है पीएच। यह आपके घरों में जो आरो लगे हुए हैं उनमें भी जो आरो ठीक करने वाला होता है उसके पास ये पानी को चेक करने वाला पीएच चेक करने वाला केमिकल होता है वो पानी में केमिकल डाल के देखता है कि यह पानी जो है अम्लीय है या क्षारीय ठीक है कि नहीं और उसको नापता है अम्लीय है तो कितना है क्षारीय है कितना है वो कलर चेंज हो जाता है उससे पता लगता है इसका पैमाना। अब जब पीएच टेस्ट होता है किसी को बहुत एसिडिटी रहती है तो उसका पीएच टेस्ट कराया जाता है तो यह जीरो से 14 तक होता है मतलब इसमें 14 तक इसका पानी का जो माप हमें मिलता है टेस्ट रिपोर्ट जो हमारे पास आती है वह जीरो से 14 तक आती है। पीएच मतलब ज्यादा से ज्यादा सात यदि किसी की है ज्यादा से ज्यादा कितनी है? सात है तो वो अम्लीय है। अम्लीय का मतलब है वो नींबू के रस या सिरके की तरह है। जैसे नींबू का रस होता है, सिरका होता है। उसका पीएच सेवन है। शुद्ध जल सेवन बस सेवन ही होता है। मतलब सेवन से नीचे है तो वो है अम्लीय और जब वो सेवन से अधिक हो जाता है तो क्षारीय, जैसे बेकिंग सोडा का घोल। पीएच शब्द हाइड्रोजन विभव से आया है। यह आपको किसी द्रव में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता बताता है। यह यह बताता है कि इस पानी के अंदर इस लिक्विड के अंदर हाइड्रोजन कितना ज्यादा है। पानी H2O होता है। पानी को क्या कहते हैं? H2O मतलब यदि बराबर है तो ठीक है और यदि कम है तो अम्लीय, ज्यादा है तो क्षारीय। अधिक H आयन अधिक अम्लीय। जितने H+ होते जाएंगे बढ़ते जाएंगे तो वो अम्लीय बन जाएगा और जितने कम होते जाएंगे उतना क्षारीय होता जाएगा। उदाहरण के लिए पेट का अम्ल पीएच 1.5 से 3 होना चाहिए। अम्लीय भोजन पचाने में मदद करता है। और यदि हमारे पेट का पीएच इतना है तो हम भोजन को जल्दी पचा लेंगे। डेढ़ से तीन के बीच में है तो हमारा भोजन जल्दी पच जाएगा। 7.35 से 7.45 तक थोड़ा क्षारीय स्वास्थ्य के लिए स्थिर रहना आवश्यक है। स्वास्थ्य के संदर्भ में जब शरीर का पीएच संतुलन बिगड़ जाता है खासकर अगर यह बहुत ज्यादा अम्लीय हो जाता है तो एसिडिटी होती है, सूजन होता है, खराब कोशिकाएं कार्य जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन याद रखिए अमलता सिर्फ पेट की बीमारी नहीं, यह मन की भी बीमारी है। यह जीवन शैली का परिणाम है। हमारी गलत जीवन शैली भी इस बीमारी को जन्म देती है। वह अपनी जीवन शैली को भी चेंज करना होगा और मन को भी चेंज करना होगा। अमलता क्यों होती है? गलत खानपान, बहुत अधिक तली-भुनी मसालेदार चीजें, अनियमित भोजन समय मतलब खाना खाने का टाइम नहीं है। टेंशन बहुत है, चिंता बहुत है, नींद पूरी नहीं होती। उदाहरण के लिए जैसे दूध में नींबू डालने से वह फट जाता है वैसे ही शरीर में अधिक एसिड बनने से हमारा पाचन तंत्र असंतुलित हो जाता है। अमलता से छुटकारे के लिए प्राकृतिक उपाय ऑर्गेनिक सब्जियां: गाजर, सफेद पैठा, लोकी, तोरी, मूली, स्नेक लौकी, पत्ता गोभी, ब्राह्मी, पालक। इनका जूस पीना चाहिए। सफेद पेठे का जूस सुबह खाली पेट लेने से पेट की जलन तुरंत कम हो जाती है। मीठे फल: तरबूज, शहद, मीठे अंगूर, मीठा संतरा, मीठी मौसमी। इनमें प्राकृतिक क्षारीय तत्व होते हैं, जो एसिड को न्यूट्रल करते हैं। पेट साफ करने के उपाय त्रिफला, सनाई की पत्तियां, अमर रस के बीज। इन्हें रात को भिगोकर सुबह खाना-पीना चाहिए। ये पाचन तंत्र को साफ करते हैं और एसिड बनने की प्रवृत्ति को घटाते हैं। हेल्दी बीज चिया बीज, मेथी और अलसी के बीज। ये पाचन को सुधारते हैं और पेट की परत को सुरक्षित रखते हैं। उदाहरण के लिए रात को पानी में भिगोई हुई मेथी सुबह खाने से एसिडिटी कम होती है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण मन की ठंडक ही पेट की ठंडक है। आयुर्वेद में कहा गया है: “पैर गर्म, पेट नरम, सिर ठंडा — घर में आए डॉक्टर, उसे मारो डंडा।” पैर हमेशा गर्म, पेट नरम और सिर ठंडा होना स्वास्थ्य का संकेत है।
Related Posts
MURLI 15-06-2026 |BRAHMA KUMARIS
Questions & Answers (प्रश्नोत्तर):are given below 15-06-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा”‘ मधुबन “मीठे बच्चे – अमर बाबा आया है तुम्हें…
(22)
करवा चौथ का आध्यात्मिक रहस्य 22वां विषय है सच्चा सुहागन को सच्चा सदा सुहागन कौन होता है जो एक शरीर…
09/16-02-1988-Always remain full of enthusiasm and celebrate.
AV-09/16-02-1988-“सदा उत्साह में रहकर उत्सव मनाओ” “सदा उत्साह में रहकर उत्सव मनाओ” (महा शिवरात्रि) आज विश्वेश्वर बाप अपनी विश्व की…
