(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)
जोड़ों का दर्द और गठिया का प्राकृतिक इलाज
अध्याय 1 – जोड़ों का दर्द क्यों होता है?
गठिया या अर्थराइटिस वह स्थिति है जब जोड़ों में सूजन, अकड़न और दर्द बना रहता है। यह रोग धीरे-धीरे शरीर को चलने-फिरने में असमर्थ बना सकता है।
अध्याय 2 – कारण
-
यूरिक एसिड का बढ़ना
– असंतुलित आहार (तेल, मैदा, चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स) के कारण शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। -
मोटापा और व्यायाम की कमी
– ज्यादा वजन और निष्क्रिय जीवनशैली से जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। -
मानसिक तनाव और नकारात्मक भावनाएं
– तनाव और नकारात्मक सोच भी दर्द और सूजन को बढ़ाते हैं।
अध्याय 3 – प्राकृतिक उपचार
(1) फल (खट्टे फल सबसे लाभकारी)
-
अनानास – सूजन कम करता है, लचीलापन लाता है।
-
आंवला – विटामिन C से भरपूर, कार्टिलेज मजबूत करता है।
-
खट्टी चेरी, इमली – गठिया की सूजन घटाती हैं।
-
नींबू, अंगूर, खट्टा सेब – यूरिक एसिड कम करते हैं।
(2) ऑर्गेनिक सब्जियां
चुकंदर, गाजर, सलाद – रक्त को शुद्ध करती हैं और हड्डियों को मजबूत बनाती हैं।
(3) बीज व जड़ी-बूटियां
-
चिया बीज – जोड़ों को लुब्रिकेशन देते हैं।
-
त्रिफला, स्नाई पत्तियां, अमरस के बीज – पाचन सुधारते हैं और विषैले तत्व बाहर निकालते हैं।
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मेथी, अजवाइन, कलौंजी, अश्वगंधा, अलसी – एंटी-इंफ्लामेटरी, सूजन कम करते हैं।
अध्याय 4 – किन चीजों से बचें?
-
गेहूं और चावल (इसके स्थान पर ज्वार, बाजरा, मक्का आदि लें)
-
कोल्ड ड्रिंक्स, दही, छाछ, आइसक्रीम
-
बैंगन, भिंडी, अरबी, रतालु
-
तैलीय व तले-भुने खाद्य पदार्थ
-
चीनी और सफेद नमक
अध्याय 5 – मन का प्रभाव और योगबल
गठिया का सबसे बड़ा कारण केवल आहार नहीं है, बल्कि तनाव और नकारात्मक सोच भी है।
शिव बाबा कहते हैं –
“बच्चे, बीमारी का मुख्य कारण है मन की कमजोरी। योगबल से आत्मा मजबूत होगी तो शरीर भी बीमारियों से सहज मुक्त होगा।”
(साकार मुरली – 19 सितम्बर 2023)
जब आत्मा परमात्मा से योगबल लेती है तो शरीर भी नई ऊर्जा और आराम महसूस करता है।
अध्याय 6 – उदाहरण
एक भाई को वर्षों से गठिया था।
उन्होंने सुबह-शाम गर्म पानी के साथ मेथी और अलसी के बीज लेना शुरू किया।
आहार में आंवला, अनानास और सलाद जोड़ा।
रोजाना राजयोग ध्यान से मन को शक्ति दी।
केवल तीन महीने में दर्द इतना कम हो गया कि बिना सहारे चलने लगे।
अध्याय 7 – निष्कर्ष
गठिया और जोड़ों का दर्द असाध्य नहीं है।
यदि हम –
सही आहार लें,
हानिकारक चीजों से बचें,
मन को सकारात्मक रखें और परमात्मा से योगबल प्राप्त करें,
तो यह रोग प्राकृतिक रूप से ठीक हो सकता है।
जोड़ों का दर्द और गठिया का प्राकृतिक इलाज | Questions & Answers Format
प्रश्न 1: जोड़ों का दर्द (Arthritis) क्या है?
उत्तर: गठिया या अर्थराइटिस वह स्थिति है जब जोड़ों में सूजन, अकड़न और दर्द बना रहता है। धीरे-धीरे यह शरीर को चलने-फिरने में असमर्थ भी बना सकता है।
प्रश्न 2: जोड़ों का दर्द किन कारणों से होता है?
उत्तर:
-
यूरिक एसिड का बढ़ना – ज्यादा तेल, मैदा, चीनी और कोल्ड ड्रिंक्स लेने से।
-
मोटापा और व्यायाम की कमी – ज्यादा वजन जोड़ों पर दबाव डालता है।
-
मानसिक तनाव और नकारात्मक सोच – मन की कमजोरी दर्द और सूजन को बढ़ाती है।
प्रश्न 3: गठिया और जोड़ों के दर्द का प्राकृतिक इलाज कैसे करें?
उत्तर:
-
फल –
-
अनानास (सूजन कम करता है)
-
आंवला (विटामिन C, कार्टिलेज मजबूत करता है)
-
खट्टी चेरी, इमली (सूजन घटाती है)
-
नींबू, अंगूर, खट्टा सेब (यूरिक एसिड कम करते हैं)
-
-
ऑर्गेनिक सब्जियां – चुकंदर, गाजर, सलाद रक्त को शुद्ध कर हड्डियों को मजबूत बनाती हैं।
-
बीज व जड़ी-बूटियां –
-
चिया बीज (लुब्रिकेशन देते हैं)
-
त्रिफला, स्नाई पत्तियां, अमरस बीज (पाचन व डिटॉक्स)
-
मेथी, अजवाइन, कलौंजी, अश्वगंधा, अलसी (एंटी-इंफ्लामेटरी)
-
प्रश्न 4: गठिया में किन चीजों से बचना चाहिए?
उत्तर:
-
गेहूं, चावल (इसके बदले ज्वार, बाजरा, मक्का लें)
-
कोल्ड ड्रिंक्स, दही, छाछ, आइसक्रीम
-
बैंगन, भिंडी, अरबी, रतालु
-
तैलीय और तले-भुने खाद्य पदार्थ
-
चीनी और सफेद नमक
प्रश्न 5: क्या मन और विचार भी गठिया को प्रभावित करते हैं?
उत्तर: हाँ, तनाव और नकारात्मक सोच गठिया को और बढ़ाते हैं।
शिव बाबा कहते हैं –
“बच्चे, बीमारी का मुख्य कारण है मन की कमजोरी। योगबल से आत्मा मजबूत होगी तो शरीर भी बीमारियों से सहज मुक्त होगा।”
(साकार मुरली – 19 सितम्बर 2023)
इसका अर्थ है कि यदि आत्मा परमात्मा से योगबल लेती है तो शरीर में भी नई ऊर्जा और आराम अनुभव होता है।
प्रश्न 6: क्या कोई उदाहरण है जहाँ प्राकृतिक इलाज से गठिया में लाभ हुआ हो?
उत्तर: हाँ, एक भाई को वर्षों से गठिया था।
उन्होंने सुबह-शाम गर्म पानी के साथ मेथी और अलसी के बीज लेना शुरू किया, आहार में आंवला, अनानास और सलाद जोड़ा, और रोजाना राजयोग ध्यान किया।
तीन महीने में दर्द इतना कम हुआ कि वे बिना सहारे चलने लगे।
प्रश्न 7: गठिया से मुक्ति का निष्कर्ष क्या है?
उत्तर: गठिया और जोड़ों का दर्द असाध्य नहीं है।
यदि हम –
सही आहार लें,
हानिकारक चीजों से बचें,
मन को सकारात्मक रखें,
और परमात्मा से योगबल प्राप्त करें,
तो यह रोग प्राकृतिक रूप से ठीक हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह वीडियो/अध्याय केवल आध्यात्मिक व प्राकृतिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है।
यह किसी भी प्रकार की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन नहीं है।
कृपया गंभीर स्थिति में अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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