(40)21-11-1984 “Only the one who has self-realization is the divine visible form”
अव्यक्त मुरली-(40)21-11-1984 “स्व-दर्शन धारी ही दिव्य दर्शनीय मूर्त” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 21-11-1984 “स्व-दर्शन धारी ही दिव्य…
Welcome to The Home of Godly Knowledge
अव्यक्त मुरली-(42)28-11-1984 “संकल्प को सफल बनाने का सहज साधन” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 28-11-1984 “संकल्प को सफल…
अव्यक्त मुरली-(47)“एकाग्रता से सर्व शक्तियों की प्राप्ति” 12-12-1983 (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अध्याय: एकाग्रता से सर्व शक्तियों…
(01)आंखें ही बनाती हैं क्रिमिनल – पवित्रता का असली राज प्रस्तावना आंखें आत्मा का दर्पण हैं। इन्हीं से सुख-दुख, मोह…
(70) पूतना, अघासुर तथा बकासुर वध का आध्यात्मिक अर्थ “पूतना, अघासुर, बकासुर वध का रहस्य | गीता का भगवान कौन?…
(प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अव्यक्त मुरली-(30)“बापदादा के दिलतख्तनशीन बनने का सर्व को समान अधिकार” “ज्ञान गंगाओं और…
(57)गीता में किसके महावाक्य है? गीता में किसके महावाक्य हैं? | गीता का भगवान कौन? | श्रीकृष्ण या शिव? | …
भक्ति और ज्ञान का रहस्य: श्रीमद्भगवद्गीता और आज की मुरली में सत्य मार्गदर्शन ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए…
रूहानी चमकीली ड्रेस कैसी होती है और कैसे प्रात्प हाेती है? ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) ओम्…