(36)09-05-1984 “Always sing monotonous songs of flying and making others fly”
अव्यक्त मुरली-(36)09-05-1984 “सदा एकरस उड़ने और उड़ाने के गीत गाओ” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 09-05-1984 “सदा एकरस…
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अव्यक्त मुरली-(29)22-04-1984 “विचित्र बाप द्वारा विचित्र पढ़ाई तथा विचित्र प्राप्ति” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 22-04-1984 “विचित्र बाप…
विश्व नाटक :-(03)बिग बैंग क्या सचमुच सृष्टि की शुरुआत है? (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) अध्याय 3 :…
अव्यक्त मुरली-(23)”08-04-1984 “संगमयुग पर प्राप्त अधिकारों से विश्व राज्य अधिकारी” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 08-04-1984 “संगमयुग पर…
अव्यक्त मुरली-(19)”12-03-1984 “सन्तुष्टता” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) 12-03-1984 “सन्तुष्टता” आज बापदादा चारों ओर के दूर होते समीप…
अव्यक्त मुरली-(55)31-12-1983 “श्रीमत रूपी हाथ सदा हाथ में है तो सारा युग हाथ में हाथ देकर चलते रहेंगे” 31-12-1983 “श्रीमत…