(17)“सहजयोगी बनने का साधन – अनुभवों की अथॉरिटी का आसन”
“बापदादा का संदेश: अनुभव की अथॉरिटी बनो – संगमयुग के हीरो पार्टधारी आत्माएँ”
मुख्य भाषण
1. संगमयुग का दिव्य दृश्य
-
बापदादा बेहद ड्रामा के रचयिता होकर मधुबन के विशेष दृश्य को देख रहे हैं।
-
मधुबन स्टेज पर डबल पावन आत्माओं का हीरो पार्ट चलता है, जो बापदादा को अति हर्षित करता है।
2. संकल्पों की शक्ति और चेहरे की रौनक
-
शुभ संकल्प श्रेष्ठ हैं, पर उनमें शक्ति की कमी है।
-
जब संकल्प शक्तिशाली होंगे, तो चेहरे पर खुशी और उमंग की चमक स्वतः झलकेगी।
-
अनुभव की अथॉरिटी ही इस चमक का सबसे बड़ा साधन है।
3. अनुभव की अथॉरिटी – सच्ची पहचान
-
सुनने-सुनाने वाले बनना पर्याप्त नहीं, बल्कि अनुभवी मूर्त बनना आवश्यक है।
-
अनुभव की अथॉरिटी वाली आत्मा माया के किसी भी रूप से प्रभावित नहीं होती।
-
ऐसी आत्मा मास्टर आलमाइटी अथॉरिटी बनकर भरपूर रहती है।
4. अमृतवेले की झलक और योग की सच्चाई
-
अमृतवेले योग में विभिन्न अवस्थाएँ दिखाई देती हैं – लगन में मगन, हठयोगी, या डबल झूलों में झूलने वाले।
-
योगी आत्मा का प्रमाण है – चेहरा।
-
खोया हुआ चेहरा और पाया हुआ चेहरा – इन दोनों का अंतर स्पष्ट है।
5. अथॉरिटी का आसन – सभी के लिए सौगात
-
दुनिया वालों के लिए सिंहासन है, ब्राह्मण आत्माओं के लिए अथॉरिटी का आसन।
-
कुमारियाँ, माताएँ और मधुबनवासी – सभी को यह सौगात लेनी है।
-
सम्पन्न आत्मा ही विशेष पार्टधारी बन सकती है, खाली आत्मा में हलचल होती है।
6. दृढ़ संकल्प और विजय का झंडा
-
कुमारियों ने संकल्प लिया – सदा विजयी और महावीरनी बनेंगी।
-
दृढ़ संकल्प ही विजय का झंडा लहराने का आधार है।
-
संकल्प को बार-बार पानी देना यानी नवीनीकरण करना आवश्यक है।
7. निर्विघ्न सेवाधारी बनो
-
सेवाधारी वही है जो खुद विघ्नरूप न बने, बल्कि निर्विघ्न सेवा बढ़ाए।
-
सेवा के साथ शिकायत नहीं, बल्कि सम्पन्नता और अथॉरिटी का अनुभव हो।
“अनुभव की अथॉरिटी कैसे बनें? | बापदादा का विशेष संदेश प्रश्नोत्तर रूप में”
प्रश्नोत्तर (Q&A) प्रारूप
प्रश्न 1: मधुबन स्टेज पर हीरो एक्टर कौन हैं?
उत्तर:मधुबन स्टेज पर हीरो एक्टर वे डबल पावन आत्माएँ हैं जो लौकिक जीवन से भी पवित्र हैं और आत्मा भी पवित्र है।
प्रश्न 2: बापदादा ने संकल्पों के बारे में क्या कहा?
उत्तर:संकल्प श्रेष्ठ हैं, पर उनमें शक्ति की कमी है। शक्तिशाली संकल्प ही चेहरे पर उमंग-उल्लास की रौनक ला सकते हैं।
प्रश्न 3: अनुभव की अथॉरिटी क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:अनुभव की अथॉरिटी आत्मा को माया से सुरक्षित रखती है, निर्णय और सहन शक्ति बढ़ाती है और उसे मास्टर आलमाइटी अथॉरिटी बनाती है।
प्रश्न 4: योगी आत्मा की पहचान क्या है?
उत्तर:योगी आत्मा का चेहरा उसकी आंतरिक अवस्था को दर्शाता है। पाया हुआ चेहरा खुशी से चमकता है जबकि खोया हुआ चेहरा उदासी दिखाता है।
प्रश्न 5: अथॉरिटी का आसन किसके लिए है?
उत्तर:यह आसन सभी ब्राह्मण आत्माओं के लिए है – कुमारियाँ, माताएँ, मधुबनवासी – सबको यह सौगात लेनी है और सम्पन्न बनना है।
प्रश्न 6: दृढ़ संकल्प का परिणाम क्या है?
उत्तर:दृढ़ संकल्प आत्मा को महावीरनी और विजयी बनाता है, जिससे विजय का झंडा स्वतः लहरने लगता है।
प्रश्न 7: बापदादा किन बच्चों पर नाज़ करते हैं?
उत्तर:जो बच्चे एक-एक सेकंड में याद की बिंदी लगाकर पद्मों से भी ज्यादा कमाई जमा करते हैं, उन पर बापदादा को नाज़ है।
Disclaimer:
यह वीडियो ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल आत्मिक उन्नति और प्रेरणा देना है। इसमें व्यक्त विचार आध्यात्मिक दृष्टिकोण से हैं, न कि किसी मत, पंथ या संप्रदाय की आलोचना के लिए। दर्शक अपने विवेक से इस ज्ञान का लाभ लें।
BrahmaKumaris, BapDada, Madhuban, SpiritualAuthority, AvyaktVani, Rajyoga, BKSpeech, MurliClass, BKDrSurenderSharma, OmShantiGyan, SpiritualKnowledge, SangamYug, GodlyMessage, BKDailyMurli, PowerfulThoughts, BKExperience, BKHindiSpeech, DivineLight, BKWisdom, BKClass,
ब्रह्माकुमारी, बापदादा, मधुबन, आध्यात्मिक प्राधिकार, अव्यक्तवाणी, राजयोग, बीकेभाषण, मुरलीक्लास, बीकेडॉसुरेंद्रशर्मा, ओमशांतिज्ञान, आध्यात्मिकज्ञान, संगमयुग, ईश्वरीय संदेश, बीकेडेलीमुरली, पावरफुलथॉट्स, बीकेएक्सपीरियंस, बीकेहिंदीस्पीच, डिवाइनलाइट, बीकेविजडम, बीकेक्लास,